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मुफ़्त अध्ययन सामग्री

मुफ़्त अध्ययन सामग्री · UPSC सीएसई 2026

UPSC पाठ्यक्रम 2026: प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा एवं वैकल्पिक विषय

हर पेपर का UPSC का आधिकारिक पाठ्यक्रम, 2026 के हिंदी नोटिस से शब्दशः — और एक विस्तृत मार्गदर्शिका जो हर लाइन को उन टॉपिक में बाँटती है जिन पर UPSC वास्तव में प्रश्न पूछता है।

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  • 2प्रारंभिक पेपर
  • 9मुख्य परीक्षा पेपर
  • 48वैकल्पिक पेपर
  • 2,025कुल अंक

UPSC पाठ्यक्रम संक्षेप में

  • प्रारंभिक परीक्षा — 200-200 अंकों के दो वस्तुनिष्ठ पेपर। सामान्य अध्ययन पेपर I तय करता है कि मुख्य परीक्षा में कौन जाएगा; पेपर II (CSAT) में केवल 33% चाहिए। गलत उत्तर पर प्रश्न के एक-तिहाई अंक कटते हैं।
  • मुख्य परीक्षा — नौ लिखित पेपर। दो भाषा पेपर अर्हक हैं (25%-25%); निबंध, सामान्य अध्ययन I–IV और दो वैकल्पिक पेपर — 250-250 अंक, कुल 1,750 — आपकी रैंक तय करते हैं।
  • साक्षात्कार — व्यक्तित्व परीक्षण, 275 अंक। अंतिम मेरिट 2,025 अंकों में से बनती है; प्रारंभिक परीक्षा के अंक इसमें नहीं गिने जाते।

परीक्षा योजना

UPSC परीक्षा योजना 2026

प्रारंभिक परीक्षा
पेपरअंकसमय
पेपर I · सामान्य अध्ययनमुख्य परीक्षा के लिए अर्हता तय करता है2002 घंटे
पेपर II · सामान्य अध्ययन II (CSAT)अर्हक — 33% अंक आवश्यक2002 घंटे

वस्तुनिष्ठ, बहुविकल्पीय, हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में। गलत उत्तर पर प्रश्न के अंकों का एक-तिहाई (0.33) कटता है; खाली छोड़ने पर कुछ नहीं।

मुख्य परीक्षा (लिखित)
पेपरअंक
पेपर क · कोई एक भारतीय भाषा (आठवीं अनुसूची से)अर्हक — 25% अंक आवश्यक300
पेपर ख · अंग्रेजीअर्हक — 25% अंक आवश्यक300
पेपर I · निबंधमेरिट में गिना जाता है250
पेपर II · सामान्य अध्ययन-I (भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज)मेरिट में गिना जाता है250
पेपर III · सामान्य अध्ययन-II (शासन व्यवस्था, संविधान, शासन-प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध)मेरिट में गिना जाता है250
पेपर IV · सामान्य अध्ययन-III (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन)मेरिट में गिना जाता है250
पेपर V · सामान्य अध्ययन-IV (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरूचि)मेरिट में गिना जाता है250
पेपर VI · वैकल्पिक विषय — पेपर 1मेरिट में गिना जाता है250
पेपर VII · वैकल्पिक विषय — पेपर 2मेरिट में गिना जाता है250
लिखित योग (पेपर I–VII)+ व्यक्तित्व परीक्षण 275 = कुल 2,025 अंक1,750

हर पेपर तीन घंटे का और निबंधात्मक है। स्रोत: UPSC का हिंदी नोटिस, सीएसई 2026, पृ. 30–34 ↗ में परीक्षा की योजना।

आधिकारिक पाठ्यक्रम · प्रारंभिक परीक्षा

UPSC प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम

प्रश्न पत्र I — सामान्य अध्ययन (200 अंक · 2 घंटे)

  1. “राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएं।” 134 PYQ · विस्तृत →
  2. “भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन।” 185 PYQ · विस्तृत →
  3. “भारत एवं विश्व भूगोल - भारत एवं विश्व का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल” 162 PYQ · विस्तृत →
  4. “भारतीय राज्यतन्त्र और शासन - संविधान, राजनैतिक प्रणाली, पंचायती राज, लोक नीति, अधिकारों संबंधी मुद्दे, आदि।” 152 PYQ · विस्तृत →
  5. “आर्थिक और सामाजिक विकास - सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र में की गई पहल आदि।” 189 PYQ · विस्तृत →
  6. “पर्यावरणीय पारिस्थितिकी जैव-विविधता और मौसम परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे, जिनके लिए विषयगत विशेषज्ञता आवश्यक नहीं है।” 156 PYQ · विस्तृत →
  7. “सामान्य विज्ञान” 122 PYQ · विस्तृत →
विस्तृत प्रारंभिक पाठ्यक्रम

प्रश्न पत्र II — CSAT (200 अंक · 2 घंटे · अर्हक अंक 33%)

  1. “बोधगम्यता” 299 PYQ →
  2. “संचार कौशल सहित अंतर - वैयक्तिक कौशल”
  3. “तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता” 69 PYQ →
  4. “निर्णय लेना और समस्या समाधान” 6 PYQ →
  5. “सामान्य मानसिक योग्यता” 113 PYQ →
  6. “आधारभूत संख्यनन (संख्याएं और उनके संबंध, विस्तार क्रम आदि) (दसवीं कक्षा का स्तर), आंकड़ों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ, तालिका, आंकड़ों की पर्याप्तता आदि - दसवीं कक्षा का स्तर)” 393 PYQ →

टिप्पणी: सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा का पेपर-II, अर्हक पेपर होगा जिसके लिए न्यूनतम अर्हक अंक 33% निर्धारित किए गए हैं।

विस्तृत CSAT पाठ्यक्रम

स्रोत: UPSC का हिंदी नोटिस, खंड-III, भाग-क, पृ. 44–45 ↗।

आधिकारिक पाठ्यक्रम · मुख्य परीक्षा

UPSC मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम

मुख्य परीक्षा पर UPSC की अपनी टिप्पणी: “प्रधान परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों के समग्र बौद्धिक गुणों तथा उनके गहन ज्ञान का आकलन करना है, मात्र उनकी सूचना के भंडार तथा स्मरण शक्ति का आकलन करना नहीं।”

पेपर क एवं पेपर ख — अर्हक भाषा पेपर

इस प्रश्न पत्र का उद्देश्य अंग्रेजी तथा संबंधित भारतीय भाषा में अपने विचारों को स्पष्ट तथा सही रूप में प्रकट करना तथा गंभीर तर्कपूर्ण गद्य को पढ़ने और समझने में उम्मीदवार की योग्यता की परीक्षा करना है।

अंग्रेजी

  1. दिए गए गद्यांशों को समझना
  2. संक्षेपण
  3. शब्द प्रयोग तथा शब्द भंडार
  4. लघु निबंध

भारतीय भाषाएं

  1. दिए गए गद्यांशों को समझना
  2. संक्षेपण
  3. शब्द प्रयोग तथा शब्द भंडार
  4. लघु निबंध
  5. अंग्रेजी से भारतीय भाषा तथा भारतीय भाषा से अंग्रेजी में अनुवाद

टिप्पणी 1: भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी के प्रश्न पत्र मैट्रिकुलेशन या समकक्ष स्तर के होंगे, जिनमें केवल अर्हता प्राप्त करनी है। इन प्रश्न पत्रों में प्राप्तांक योग्यता क्रम के निर्धारण में नहीं गिने जाएंगे।

टिप्पणी 2: अंग्रेजी तथा भारतीय भाषाओं के प्रश्न पत्रों के उत्तर उम्मीदवारों को अंग्रेजी तथा संबंधित भारतीय भाषा में देने होंगे। (अनुवाद को छोड़कर)।

पेपर I — निबंध (250 अंक)

“निबंध :- उम्मीदवार को विविध विषयों पर निबंध लिखना होगा। उनसे अपेक्षा की जाएगी कि वे निबंध के विषय पर ही केन्द्रित रहें तथा अपने विचारों को सुनियोजित रूप से व्यक्त करें और संक्षेप में लिखें। प्रभावी और सटीक अभिव्यक्ति के लिए अंक प्रदान किए जाएंगे।”

UPSC द्वारा दिए गए हर निबंध विषय, थीम-वार →

पेपर II — सामान्य अध्ययन-I : भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज (250 अंक)

विस्तृत GS I →
  1. “भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे ।” 26 PYQ →
  2. “18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व, विषय।” 14 PYQ →
  3. “स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।” 13 PYQ →
  4. “स्वतंत्रता के पश्चात देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।” 7 PYQ →
  5. “विश्व के इतिहास में 18वीं सदी की घटनाएं यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुन: सीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन शास्त्र जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव।” 7 PYQ →
  6. “भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएं, भारत की विविधता।” 19 PYQ →
  7. “महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं सम्बद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएं और उनके रक्षोपाय।” 30 PYQ →
  8. “भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव।” 12 PYQ →
  9. “सामाजिक सशक्तीकरण, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्म-निरपेक्षता।” 14 PYQ →
  10. “विश्व के भौतिक-भूगोल की मुख्य विशेषताएं।” 19 PYQ →
  11. “विश्वभर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार कारक।” 30 PYQ →
  12. “भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएं, भूगोलीय विशेषताएं और उनके स्थान-अति महत्वपूर्ण भूगोलीय विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणि-जगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।” 24 PYQ →

पेपर III — सामान्य अध्ययन - II : शासन व्यवस्था, संविधान शासन-प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध (250 अंक)

विस्तृत GS II →
  1. “भारतीय संविधान-ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।” 15 PYQ →
  2. “संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढांचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियां, स्थानीय स्तर पर शाक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियां।” 24 PYQ →
  3. “विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।” 6 PYQ →
  4. “भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना।” 9 PYQ →
  5. “संसद और राज्य विधायिका – संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियां एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।” 17 PYQ →
  6. “कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य – सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।” 11 PYQ →
  7. “जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएं।” 7 PYQ →
  8. “विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियां, कार्य और उत्तरदायित्व।” 13 PYQ →
  9. “सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय।” 6 PYQ →
  10. “सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।” 8 PYQ →
  11. “विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग – गैर सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका।” 11 PYQ →
  12. “केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन, इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।” 11 PYQ →
  13. “स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।” 14 PYQ →
  14. “गरीबी और भूख से संबंधित विषय।” 9 PYQ →
  15. “शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।” 12 PYQ →
  16. “लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।” 6 PYQ →
  17. “भारत एवं इसके पड़ोसी-संबंध।” 4 PYQ →
  18. “द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।” 22 PYQ →
  19. “भारत के हितों, भारतीय परिदृश्य पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव।” 10 PYQ →
  20. “महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएं और मंच – उनकी संरचना, अधिदेश ।” 9 PYQ →

पेपर IV — सामान्य अध्ययन - III : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन (250 अंक)

विस्तृत GS III →
  1. “भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय।” 15 PYQ →
  2. “समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।” 10 PYQ →
  3. “सरकारी बजट।” 8 PYQ →
  4. “मुख्य फसलें - देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न - सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली-कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएं; किसानों की सहायता के लिए ई-प्रौद्योगिकी।” 25 PYQ →
  5. “प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली-उद्देश्य, कार्य, सीमाएं, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु-पालन संबंधी अर्थशास्त्र।” 11 PYQ →
  6. “भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग – कार्यक्षेत्र एवं महत्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएं, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।” 8 PYQ →
  7. “भारत में भूमि सुधार।” 4 PYQ →
  8. “उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।” 5 PYQ →
  9. “बुनियादी ढांचा : ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।” 14 PYQ →
  10. “निवेश मॉडल।” 2 PYQ →
  11. “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।” 5 PYQ →
  12. “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।” 6 PYQ →
  13. “सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कम्प्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक सम्पदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरूकता।” 20 PYQ →
  14. “संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।” 29 PYQ →
  15. “आपदा और आपदा प्रबंधन।” 15 PYQ →
  16. “विकास और फैलते उग्रवाद के बीच संबंध।” 5 PYQ →
  17. “आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्वों की भूमिका।” 8 PYQ →
  18. “संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका , साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें , धन-शोधन और इसे रोकना।” 14 PYQ →
  19. “सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां एवं उनका प्रबंधन - संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।” 15 PYQ →
  20. “विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएं तथा उनके अधिदेश।” 2 PYQ →

पेपर V — सामान्य अध्ययन - IV : नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरूचि (250 अंक)

विस्तृत GS IV →

“इस प्रश्न-पत्र में ऐसे प्रश्न शामिल होंगे जो सार्वजनिक जीवन में उम्मीदवारों की सत्यनिष्ठा, ईमानदारी से संबंधित विषयों के प्रति उनकी अभिवृत्ति तथा उनके दृष्टिकोण तथा समाज से आचार-व्यवहार में विभिन्न मुद्दों तथा सामने आने वाली समस्याओं के समाधान को लेकर उनकी मनोवृत्ति का परीक्षण करेंगे। इन आयामों का निर्धारण करने के लिए प्रश्न-पत्रों में किसी मामले के अध्ययन (केस स्टडी) का माध्यम भी चुना जा सकता है। मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।”

  1. “नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंध: मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र। मानवीय मूल्य - महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।” 11 PYQ →
  2. “अभिवृत्ति: सारांश (कंटेन्ट), संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरूचि; सामाजिक प्रभाव और धारणा।” 4 PYQ →
  3. “सिविल सेवा के लिए अभिरूचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।” 8 PYQ →
  4. “भावनात्मक समझ: अवधारणाएं तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग।” 3 PYQ →
  5. “भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।” 10 PYQ →
  6. “लोक प्रशासनों में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्र: स्थिति तथा समस्याएं; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएं तथा दुविधाएं; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतर्रात्मा; शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कारपोरेट शासन व्यवस्था।” 21 PYQ →
  7. “शासन व्यवस्था में ईमानदारी: लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियां।” 14 PYQ →
  8. “उपर्युक्त विषयों पर मामला संबंधी अध्ययन (केस स्टडी)” 65 PYQ →

स्रोत: UPSC का हिंदी नोटिस, खंड-III, भाग-ख, पृ. 45–52 ↗।

मुख्य परीक्षा पेपर VI एवं VII

UPSC वैकल्पिक विषय — 48 पेपर, आधिकारिक पाठ्यक्रम

एक चुनें। हर विषय के 250-250 अंकों के दो पेपर हैं। किसी विषय पर टैप करें और उसका पूरा पाठ्यक्रम UPSC के शब्दों में पढ़ें।

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FAQ

UPSC पाठ्यक्रम: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर

UPSC का पाठ्यक्रम क्या है?

UPSC सिविल सेवा परीक्षा के तीन चरण हैं। प्रारंभिक परीक्षा में 200-200 अंकों के दो वस्तुनिष्ठ पेपर होते हैं — सामान्य अध्ययन पेपर I (समसामयिकी, इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और विज्ञान) और पेपर II, CSAT (बोधगम्यता, तर्कशक्ति और दसवीं कक्षा स्तर का संख्यनन), जो केवल अर्हक है। मुख्य परीक्षा में नौ लिखित पेपर हैं: दो अर्हक भाषा पेपर, निबंध, सामान्य अध्ययन I से IV, और एक वैकल्पिक विषय के दो पेपर। अंतिम चरण व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) है। पूरा पाठ हर वर्ष की परीक्षा के UPSC नोटिस में होता है।

UPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में कितने पेपर होते हैं?

प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर (सामान्य अध्ययन पेपर I और पेपर II, CSAT), 200-200 अंक और दो-दो घंटे के। मुख्य परीक्षा में तीन-तीन घंटे के नौ पेपर: पेपर क (कोई एक भारतीय भाषा) और पेपर ख (अंग्रेजी), 300-300 अंक, केवल अर्हक; फिर निबंध, सामान्य अध्ययन I, II, III और IV, तथा वैकल्पिक पेपर 1 और 2, 250-250 अंक।

क्या CSAT के अंक प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट में गिने जाते हैं?

नहीं। पेपर II (CSAT) अर्हक है: इसमें कम से कम 33% अंक चाहिए। मुख्य परीक्षा के लिए अर्हता केवल पेपर I के अंकों से तय होती है।

क्या UPSC प्रारंभिक परीक्षा में नकारात्मक अंकन होता है?

हाँ। हर गलत उत्तर पर उस प्रश्न के लिए निर्धारित अंकों का एक-तिहाई (0.33) काटा जाता है। एक से अधिक उत्तर देना गलत उत्तर माना जाता है। खाली छोड़े गए प्रश्न पर कोई दंड नहीं है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा कुल कितने अंकों की है?

2,025 — मेरिट में गिने जाने वाले मुख्य परीक्षा के सात पेपरों (निबंध, GS I–IV और दो वैकल्पिक पेपर) के 1,750 और व्यक्तित्व परीक्षण के 275। प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम योग में नहीं जुड़ते।

UPSC मुख्य परीक्षा में कितने वैकल्पिक विषय हैं?

UPSC की सूची में 26 विकल्प हैं: 25 विषय और 23 भाषाओं में से “किसी एक का साहित्य” — कुल 48 विकल्प। आप एक चुनते हैं, जिसके 250-250 अंकों के दो पेपर होते हैं।

क्या पेपर क और पेपर ख रैंक में गिने जाते हैं?

नहीं। ये मैट्रिकुलेशन या समकक्ष स्तर के और केवल अर्हक हैं। हर एक में 25% अंक चाहिए; तभी आपके निबंध, सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय के पेपरों पर विचार होता है।

क्या भारतीय भाषा का पेपर (पेपर क) सबके लिए अनिवार्य है?

नहीं। यह अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम के उम्मीदवारों के लिए, और उन श्रवण बाधित उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य नहीं है जिन्हें उनके बोर्ड या विश्वविद्यालय ने दूसरी या तीसरी भाषा से छूट दी है।

UPSC पाठ्यक्रम का आधिकारिक हिंदी PDF कहाँ है?

हर वर्ष की सिविल सेवा परीक्षा के UPSC नोटिस में, खंड-III में। 2026 के लिए यह परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी है, जो upsc.gov.in पर हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में है। इस पेज का आधिकारिक पाठ उसके हिंदी नोटिस (दिनांक 04.02.2026) से शब्दशः लिया गया है।