वैकल्पिक विषय · भाषाओं का साहित्य
UPSC सिंधी साहित्य वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम 2026
पेपर 1 और पेपर 2, UPSC के सीएसई 2026 के हिंदी नोटिस (पृ. 201–204) से शब्दशः। हर पेपर 250 अंक और तीन घंटे का।
Read in Englishमुख्य परीक्षा पेपर VI · 250 अंक · 3 घंटे
सिंधी साहित्य — प्रश्न पत्र I
उत्तर सिंधी (अरबी अथवा देवनागरी लिपि में लिखने होंगे)
खंड 'क'
सिन्धी भाषा का उद्भव और विकास- विभिन्न विद्वानों के मत।
स्वर विज्ञान, आकृति विज्ञान एवं वाक्य विन्यास के साथ सिन्धी भाषा के संबंध सहित सिन्धी की महत्वपूर्ण भाषा वैज्ञानिक विशेषताएं।
सिन्धी भाषा की प्रमुख बोलियां।
विभाजन के पहले और विभाजन के बाद की अवधियों में सिन्धी शब्दावली और उनके विकास के बाद अन्य भाषाओं और सामाजिक स्थितियों के प्रभाव के चलते भारत में सिन्धी भाषा की संरचना में परिवर्तन।
खंड 'ख'
विभिन्न युगों के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ में सिन्धी-साहित्य:
लोक साहित्य समेत सन् 1350 ई. तक का प्रारंभिक मध्यकालीन साहित्य।
सन् 1350 ई. से 1850 ई. तक का परवर्ती मध्यकालीन साहित्य।
सन् 1850 ई. से 1947 ई. तक का पुनर्जागरण काल।
आधुनिक काल सन् 1947 ई. से आगे। (आधुनिक सिन्धी साहित्य की साहित्यिक विधाएं और कविता, नाटक, उपन्यास, कहानी, निबन्ध, साहित्यिक आलोचना, जीवनी, आत्मकथा, संस्मरण और यात्रा विवरणों में प्रयोग)
मुख्य परीक्षा पेपर VII · 250 अंक · 3 घंटे
सिंधी साहित्य — प्रश्न पत्र II
उत्तर सिंधी (अरबी अथवा देवनागरी लिपि में लिखने होंगे)
इस प्रश्न में निर्धारित मूल पाठ्य पुस्तकों को पढ़ना अपेक्षित होगा और इसका प्रारूप इस प्रकार तैयार किया जाएगा जिससे अभ्यर्थी की आलोचनात्मक योग्यता की परीक्षा हो सके।
खंड 'क
इस खंड में पाठ्य पुस्तकों की सप्रसंग व्याख्याएं और आलोचनात्मक विश्लेषण होंगे।
काव्य
''शाह जो चूण्ड शायर'', संपादक : एच.आई. सदरानप्रणी; साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित (प्रथम सौ पृष्ठ)।
''साचल जो चूण्ड कलाम'' संपादक: कल्याण बी. अडवाणी; साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित (सिर्फ कापिस)।
''सामी-ए-जा चंद श्लोक'' संपादक: बी. एच. नागराणी; साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित (प्रथम सौ पृष्ठ)।
''शायर-ए-बेवास''; किशिनचंद बेवास (सिर्फ सामुन्डी सिपुन भाग)।
''रौशन छंवरो''; नारायण श्याम।
''विरहंगे खानपोई जी सिन्धी शायर जी चूण्ड''; संपादन : एच.आई. सदरानगणी; साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित।
नाटक
''बेहतरीन सिन्धी नाटक'' (एकांकी) एम. ख्याल द्वारा संपादित; गुजरात सिन्धी अकादमी द्वारा प्रकाशित।
''काको कालूमल'' (पूर्णावधि नाटक): मदन जुमाणी।
खंड 'ख'
इस खंड में पाठ्य पुस्तकों की सप्रसंग व्याखाएं और आलोचनात्मक विश्लेषण होंगे।
पाखीअरा वालार खान विछड़या (उपन्यास) गोविन्द माल्ही।
सत् दीन्हण (उपन्यास): कृशिन सतवाणी।
चूण्ड सिन्धी कहानियां (कहानियां) भाग-III संपादक: प्रेम प्रकाश साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित।
''बंधन'' (कहानियां) सुन्दरी उत्तमचंदानी।
''बेहतरीन सिन्धी मजमून'' (निबन्ध); संपादक : हीरो ठाकुर, गुजरात सिन्धी अकादमी द्वारा प्रकाशित।
''सिन्धी तनक़ीद'' (आलोचना); संपादक : वासवानी; साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित।
''मुमहीनजी हयाती-ए-जा-सोना रूपा वर्का'' (आत्मकथा); पोपाटी हीरानंदानी।
''डा. चोइथ्रम गिडवानी'' (जीवनी) : विष्णु शर्मा।
पाठ: UPSC, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी (सिविल सेवा परीक्षा, 2026), पृ. 201–204 ↗। वर्तनी UPSC की अपनी है।
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FAQ
सिंधी साहित्य: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर
UPSC सिंधी साहित्य वैकल्पिक विषय में कितने पेपर होते हैं?
दो — मुख्य परीक्षा के पेपर VI और VII (वैकल्पिक पेपर 1 और पेपर 2), 250-250 अंक और तीन-तीन घंटे, कुल 500 अंक।
UPSC सिंधी साहित्य वैकल्पिक विषय के पाठ्यक्रम में क्या है?
UPSC इसे इस तरह बाँटता है: पेपर 1 — खंड 'क'; खंड 'ख'; पेपर 2 — खंड 'क; खंड 'ख'। दोनों पेपरों का पूरा पाठ्यक्रम इस पेज पर UPSC के शब्दों में है।
सिंधी साहित्य का आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?
सिविल सेवा परीक्षा 2026 के UPSC नोटिस (परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी) के खंड-III, भाग-ख में — हिंदी नोटिस में पृ. 201–204।