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विस्तृत पाठ्यक्रम · मुख्य परीक्षा · पेपर I

UPSC निबंध पेपर पाठ्यक्रम 2026: UPSC का निर्देश और अब तक के सभी विषय

250 अंक, दो निबंध, विषयों की कोई सूची नहीं — इसलिए यहाँ UPSC का अपना निर्देश और 2016 से दिए गए सभी 88 विषय हैं।

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निबंध पेपर के लिए UPSC का निर्देश

“निबंध :- उम्मीदवार को विविध विषयों पर निबंध लिखना होगा। उनसे अपेक्षा की जाएगी कि वे निबंध के विषय पर ही केन्द्रित रहें तथा अपने विचारों को सुनियोजित रूप से व्यक्त करें और संक्षेप में लिखें। प्रभावी और सटीक अभिव्यक्ति के लिए अंक प्रदान किए जाएंगे।”

विषयों की कोई सूची नहीं है — नीचे की थीम बताती हैं कि 2016 से UPSC के 88 विषय किस तरह समूहों में आते हैं। हर विषय UPSC के हिंदी प्रश्न-पत्र के शब्दों में है, नीचे अंग्रेज़ी मूल के साथ।

दर्शन, मूल्य एवं अमूर्त विचार · 33

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

अर्थव्यवस्था, विकास एवं कार्य · 9

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

लोकतंत्र, राजव्यवस्था एवं शासन · 8

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं भविष्य · 7

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

समाज, संस्कृति एवं मानवीय संबंध · 6

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

शिक्षा एवं ज्ञान · 6

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

पर्यावरण एवं संधारणीयता · 5

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

महिलाएँ, लैंगिक मुद्दे एवं समानता · 5

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

विश्व, शांति एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था · 5

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

इतिहास, सभ्यता एवं विरासत · 4

थीम पेज (अंग्रेज़ी) →

FAQ

निबंध पेपर: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर

UPSC निबंध पेपर का पाठ्यक्रम क्या है?

UPSC विषयों की कोई सूची नहीं देता। उसका पाठ्यक्रम कहता है: “निबंध :- उम्मीदवार को विविध विषयों पर निबंध लिखना होगा। उनसे अपेक्षा की जाएगी कि वे निबंध के विषय पर ही केन्द्रित रहें तथा अपने विचारों को सुनियोजित रूप से व्यक्त करें और संक्षेप में लिखें। प्रभावी और सटीक अभिव्यक्ति के लिए अंक प्रदान किए जाएंगे।”

UPSC मुख्य परीक्षा में कितने निबंध लिखने होते हैं?

दो। हाल के प्रश्न-पत्रों में UPSC ने चार-चार विषयों के दो खंडों में आठ विषय दिए हैं; उम्मीदवार हर खंड से एक निबंध लिखते हैं — 125-125 अंक, लगभग 1,000–1,200 शब्दों में — तीन घंटे में कुल 250 अंक।

UPSC किस तरह के निबंध विषय देता है?

2016 से 2026 तक सबसे ज़्यादा विषय इन थीम से आए: दर्शन, मूल्य एवं अमूर्त विचार (33), अर्थव्यवस्था, विकास एवं कार्य (9), लोकतंत्र, राजव्यवस्था एवं शासन (8)। हाल के प्रश्न-पत्रों में दार्शनिक उक्तियों के साथ मुद्दा-आधारित विषय भी दिए जाते हैं।