वैकल्पिक विषय · भाषाओं का साहित्य
UPSC तमिल साहित्य वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम 2026
पेपर 1 और पेपर 2, UPSC के सीएसई 2026 के हिंदी नोटिस (पृ. 204–208) से शब्दशः। हर पेपर 250 अंक और तीन घंटे का।
Read in Englishमुख्य परीक्षा पेपर VI · 250 अंक · 3 घंटे
तमिल साहित्य — प्रश्न पत्र I
(उत्तर तमिल में लिखने होंगे)
खंड 'क'
भाग-1: तमिल भाषा का इतिहास : प्रमुख भारतीय भाषा परिवार-भारतीय भाषाओं में, विशेषकर द्रविड परिवार में तमिल का स्थान-द्रविड भाषाओं की संख्या तथा क्षेत्र विस्तार। संगम साहित्य की भाषा-मध्यकालीन तमिल : पल्लव युग की भाषा के संदर्भ -संज्ञा, क्रिया, विशेषण तथा क्रिया विशेषण का ऐतिहासिक अध्ययन-तमिल में काल सूचक प्रत्यय तथा कारक चिह्न। तमिल भाषा में अन्य भाषाओं से शब्द ग्रहण - क्षेत्रीय तथा सामाजिक बोलियां - तमिल में लेखन की भाषा और बोलचाल की भाषा में अंतर।
भाग-2: तमिल साहित्य का इतिहास : तोलकाप्पियम - संगम साहित्य - अकम और पुरम की काव्य विधाएं - संगम साहित्य की पंथनिरपेक्ष विशेषताएं - नीतिपरक साहित्य का विकास : सिलप्पदिकारम और मणिमेखल।
भाग-3: भक्ति साहित्य : (आलवार और नायनमार)-आलवारों के साहित्य में सखी भाव (ब्राइडल मिस्टिसिज़्म) - छुटपुट साहित्यिक विधाएं (तूट्टु, उला, परणि, कुरवंजि)। आधुनिक तमिल साहित्य के विकास के सामाजिक कारक : उपन्यास, कहानी और आधुनिक कविता- आधुनिक लेखन पर विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं का प्रभाव।
खंड 'ख'
भाग-1: तमिल के अध्ययन में नई प्रवृत्तियां : समालोचना के उपागम : सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, ऐतिहासिक तथा नैतिक-समालोचना का प्रयोग- साहित्य के विविधा उपादान : उल्लुरै (लक्षण), इरैच्चि, तोण्मम (मिथक), ओत्तुरूवगम (कथा रूपक), अंगदम (व्यंग्य), मेथ्प्पाडु, पडियम (बिंब), कुरियीडु (प्रतीक), इरूण्मै (अनेकार्थकता)-तुलनात्मक साहित्य की अवधारणा-तुलनात्मक साहित्य के सिद्धांत।
भाग-2: तमिल में लोक साहित्य : गाथाएं, गीत, लोकोक्तियां और पहेलियां-तमिल लोक गाथाओं का सामाज वैज्ञानिक अध्ययन. अनुवाद की उपयोगिता-तमिल की कृतियों का अन्य भाषाओं में अनुवाद-तमिल में पत्रकारिता का विकास।
भाग-3: तमिल की सांस्कृतिक विरासत : प्रेम और युद्ध की अवधारणा-अरम की अवधारणा-प्राचीन तमिलों द्वारा युद्ध में अपनाई गई नैतिक संहिता। पांचों लिणै क्षेत्रों की प्रथाएं, विश्वास, रीति-रिवाज तथा उपासना विधि। उत्तर-संगम साहित्य में अभिव्यक्त सांस्कृतिक परिवर्तन-मध्यकाल में सांस्कृतिक सम्मिश्रण (जैन तथा बौद्ध)। पल्लव, परवर्ती चौल तथा नायक के विभिन्न युगों में कलाओं और वास्तुकला का विकास। तमिल समाज पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक आंदोलनों का प्रभाव. समकालीन तमिल समाज के सांस्कृतिक परिवर्तन में जन माध्यमों की भूमिका।
मुख्य परीक्षा पेपर VII · 250 अंक · 3 घंटे
तमिल साहित्य — प्रश्न पत्र II
(उत्तर तमिल में लिखने होंगे)
इस प्रश्न पत्र में निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का मूल अध्ययन आवश्यक है। परीक्षा में उम्मीदवार की आलोचनात्मक क्षमता को जांचने वाले प्रश्न पूछे जाएंगे।
खंड 'क'
भाग-1: प्राचीन साहित्य :
कुरून्तोकै (1 से 25 तक कविताएं)
पुरनानूरू (182 से 200 तक कविताएं)
तिरुक्कुरल (पोरूल पाल: अरसियलुम अमैच्चियलुम) इरैमाट्चि से अवैअंजामै तक)
भाग-2: महाकाव्य :
सिलप्पदिकारम (मदुरै कांडम)
कंब रामायणम् (कुंभकर्णन वदै पडलम)
भाग-3: भक्ति साहित्य :
तिरुवाचकम: नीत्ताल विण्णप्पम
विरूप्पावै (सभी-पद)
खंड 'ख'
आधुनिक साहित्य भाग-1: कविता
भारतियार: कण्णन पाट्टु
भारती दासन: कुडुम्ब विलुक्कु
ना. कामरासन : करूप्पु मलरकल
गद्य
मु. वरदराजनार : अरमुम अरसियलुम
सीएन अण्णादुरै: ऐ, तालन्द तमिलगमे। भाग-2 : उपन्यास, कहानी और नाटक
अकिलन: चित्तारप्यावै
जयकांतन: गुरूपीडम
भाग-3: लोक साहित्य
मत्तुप्पाट्टन कतै: न. वानमामलै (सं.)
(प्रकाशन: मदुरै कामराज विश्वविद्यालय, मदुरै
मलैयरूवि: कि.वा. जगन्नाथन (सं.)
(प्रकाशन: सरस्वती महल, तंजाऊर)
पाठ: UPSC, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी (सिविल सेवा परीक्षा, 2026), पृ. 204–208 ↗। वर्तनी UPSC की अपनी है।
भाषाओं का साहित्य के अन्य वैकल्पिक विषय
FAQ
तमिल साहित्य: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर
UPSC तमिल साहित्य वैकल्पिक विषय में कितने पेपर होते हैं?
दो — मुख्य परीक्षा के पेपर VI और VII (वैकल्पिक पेपर 1 और पेपर 2), 250-250 अंक और तीन-तीन घंटे, कुल 500 अंक।
UPSC तमिल साहित्य वैकल्पिक विषय के पाठ्यक्रम में क्या है?
UPSC इसे इस तरह बाँटता है: पेपर 1 — खंड 'क'; खंड 'ख'; पेपर 2 — खंड 'क'; खंड 'ख'। दोनों पेपरों का पूरा पाठ्यक्रम इस पेज पर UPSC के शब्दों में है।
तमिल साहित्य का आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?
सिविल सेवा परीक्षा 2026 के UPSC नोटिस (परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी) के खंड-III, भाग-ख में — हिंदी नोटिस में पृ. 204–208।