वैकल्पिक विषय · भाषाओं का साहित्य
UPSC मणिपुरी साहित्य वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम 2026
पेपर 1 और पेपर 2, UPSC के सीएसई 2026 के हिंदी नोटिस (पृ. 173–178) से शब्दशः। हर पेपर 250 अंक और तीन घंटे का।
Read in Englishमुख्य परीक्षा पेपर VI · 250 अंक · 3 घंटे
मणिपुरी साहित्य — प्रश्न पत्र I
(उत्तर मणिपुरी में लिखने होंगे)
खंड 'क'
भाषा
मणिपुरी भाषा की सामान्य विशेषताएं और उसके विकास का इतिहास, उत्तर-पूर्वी भारत की तिब्बती-बर्मी भाषाओं के बीच मणिपुरी भाषा का महत्व तथा स्थान, मणिपुरी भाषा में अध्ययन में नवीनतम विकास, प्राचीन मणिपुरी लिपि का अध्ययन और विकास।
मणिपुरी भाषा की महत्वपूर्ण विशेषताएं।
स्वर विज्ञान: स्वनिम (फोनीम), स्वर, व्यंजन, संयोजन, स्वरक, व्यंजन समूह और इनका प्रादुर्भाव-अक्षर-इसकी संरचना, स्वरूप तथा प्रकार।
रूप विज्ञान: शब्द श्रेणी, धातु तथा इसके प्रकार; प्रत्यय और इसके प्रकार; व्याकरणिक श्रेणियां-लिंग, संख्या, पुरुष, कारक, काल और इनके विभिन्न पक्ष. संयोजन की प्रक्रिया (समास और संधि)।
वाक्य विन्यास: शब्द क्रम, वाक्यों के प्रकार, वाक्यांश और उपवाक्यों का गठन।
खंड 'ख'
क) मणिपुरी साहित्य का इतिहास: आरंभिक काल (17वीं शताब्दी तक) सामाजिक तथा सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, विषय वस्तु, कार्य की शैली तथा रीति। मध्य काल : (अठारहवीं तथा उन्नीसवीं शताब्दी) सामाजिक धार्मिक तथा राजनीतिक पृष्ठभूमि, विषयवस्तु, कार्य की शैली तथा रीति। आधुनिक काल : प्रमुख साहित्यिक रूपों का विकास-विषयवस्तु, रीति और शैली में परिवर्तन।
मणिपुरी लोक साहित्य: दंतकथा, लोक कथा, लोक गीत, गाथा लोकोक्ति तथा पहेली।
मणिपुरी संस्कृति के विभिन्न पक्ष: हिन्दूपूर्व मणिपुरी आस्था, हिन्दुत्व का आगमन और समन्वयवाद की प्रक्रिया; प्रदर्शन कला-लाई हरोवा, महारस, स्वदेशी खेल-सगोल कांगजेई, खोंग कांगजेई कांग।
मुख्य परीक्षा पेपर VII · 250 अंक · 3 घंटे
मणिपुरी साहित्य — प्रश्न पत्र II
(उत्तर मणिपुरी में लिखने होंगे)
इस प्रश्न पत्र में निर्धारित पाठ्य पुस्तकों का मूल अध्ययन अपेक्षित है और प्रश्नों का स्वरूप ऐसा होगा जिससे अभ्यर्थी की आलोचनात्मक योग्यता की परीक्षा हो सके।
खंड 'क'
प्राचीन तथा मध्यकालीन मणिपुरी साहित्य
प्राचीन मणिपुरी साहित्य
ओ. मोगेश्वर सिंह (सं.)
नुमित कप्पा
एम. गौराचंद्र सिंह (सं.)
थ्वनथवा हिरण
एन. खेलचंद्र सिंह (सं.)
नौथिंगकांग फम्बल काबा
एम. चंद्र सिंह (सं.)
पंथोयबी खोंगल
मध्यकालीन मणिपुरी साहित्य
एम. चन्द्र सिंह (सं.)
समसोक गांबा
आर.के. स्नेहल सिंह (सं.)
रामायण आदि कांड
एन. खेलचंद्र सिंह (सं.)
घनंजय लाइबू निंग्बा
ओ. भोगेश्वर सिंह (सं.)
चंद्र कीर्ति जिला चंगबा
खंड 'ख
आधुनिक मणिपुरी साहित्य
कविता तथा महाकाव्य
कविता
मणिपुरी शेरेंग (प्रकाशन) मणिपुरी साहित्य परिषद् 1988 (सं.)
चोबा सिंह
पी थदोई, लैमगी चेकला आमदा लोकटक
डा. एल. कमल सिंह
निर्जनता; निरब राजनी
ए. मीनाकेतन सिंह
कमाल्दा नोंग्गमलखोडा
एल. समरेन्द्र सिंह
इंगागी नोंग ममंग लेकाई
थम्बल
सतले
ई. नीलकांत सिंह
मणिपुर, लमंगनबा
श्री बीरेन
तंगखुल हुई
इवोपिशाक
अनौबा थंगबाला जिबा
कान्बी शेरेंग (प्रकाशन) मणिपुर विश्वविद्यालय 1998 (सं)
डा. एल. कमल सिंह
बिस्वा-प्रेम
श्री बीरेन
चफद्रबा लेइगी येन
इबोपिशाक
नरक पाताल पृथिवी
महाकाव्य
ए. दोरेन्द्र जीत सिंह
कांसा बोधा
एच. अंगनघल सिंह
खंबा-थोईबी शेरेंग (सन-सेनबा), लेई लंगबा, शामू खोंगी विचार)
नाटक
एस. ललित सिंह
अरेप्पा मारुप
जी.सी. टोंगब्रा
मैट्रिक पास
ए.समरेन्द्र
जज साहेब की इमंग
उपन्यास, कहानी तथा गद्य :
उपन्यास
डा. एल. कमल सिंह : माधबी
एच. अंगनघल सिंह जहेरा
एच. गुणो सिंह लामन
पाछा मीटेई इम्फाल आमासुंग, मैगी इशिंग, नुंगसीतकी फिबम
कहानी
क)
कान्बी वरिमचा (प्रकाशन) मणिपुर विश्वविद्यालय 1997 (सं.)
आर.के. शीतलजीत सिंह कमला कमला
एम.के. बिनोदिनी आइगी थाऊद्रबा हीट्प लालू
प्रकाश- वेनम शारेंग ख)
परिषद्की खांगतलबा वरिमचा (प्रकाशन) मणिपुरी साहित्य परिषद 1994 (सं.)
एस. नीलबिर शास्त्री लोखात्पा
आर.के. इलंगबा करिनुंगी ग)
अनौबा मणिपुरी वरिमचा (प्रकाशन) - दि कल्चरल फोरम मणिपुर 1992 (सं.)
एन कुंजमोहन सिंह इजात तनबा
ई. दीनमणि नंगथक खोंगनांग
गद्य
क)
वारेंगी सकलोन (ड्यू पार्ट) (प्रकाशन) दि कल्चरल फोरम मणिपुर 1992 (सं.) ख)
चौबा सिंह: खंबा-थोईबिगी वारी अमासुंग महाकाव्य
कांची वारेंग (प्रकाशन) - मणिपुर विश्वविद्यालय 1998 (सं)
बी. मणिसन शास्त्री फाजबा
मणिहर सिंह लाई-हरौबा ग)
अपुनबा वारेंग (प्रकाशन) - मणिपुर विश्वविद्यालय 1986 (सं.)
पिशक सिंह समाज अमासुंग संस्कृति
एम.के. बिनोदिनी थोईबिदु वेरोहोइदा
एरिक न्यूटन कलगी महोसा
(आई. आर.बाबू द्वारा अनूदित) घ)
मणिपुरी वारेंग (प्रकाशन) दि कल्चरल फोरम मणिपुर 1999 (सं.)
एम. कृष्ण मोहन सिंह लान
पाठ: UPSC, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी (सिविल सेवा परीक्षा, 2026), पृ. 173–178 ↗। वर्तनी UPSC की अपनी है।
भाषाओं का साहित्य के अन्य वैकल्पिक विषय
FAQ
मणिपुरी साहित्य: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर
UPSC मणिपुरी साहित्य वैकल्पिक विषय में कितने पेपर होते हैं?
दो — मुख्य परीक्षा के पेपर VI और VII (वैकल्पिक पेपर 1 और पेपर 2), 250-250 अंक और तीन-तीन घंटे, कुल 500 अंक।
UPSC मणिपुरी साहित्य वैकल्पिक विषय के पाठ्यक्रम में क्या है?
UPSC इसे इस तरह बाँटता है: पेपर 1 — खंड 'क'; खंड 'ख'; पेपर 2 — खंड 'क'; खंड 'ख। दोनों पेपरों का पूरा पाठ्यक्रम इस पेज पर UPSC के शब्दों में है।
मणिपुरी साहित्य का आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?
सिविल सेवा परीक्षा 2026 के UPSC नोटिस (परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी) के खंड-III, भाग-ख में — हिंदी नोटिस में पृ. 173–178।