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वैकल्पिक विषय

वैकल्पिक विषय · मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान

UPSC दर्शनशास्त्र वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम 2026

पेपर 1 और पेपर 2, UPSC के सीएसई 2026 के हिंदी नोटिस (पृ. 233–236) से शब्दशः। हर पेपर 250 अंक और तीन घंटे का।

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सामान्य अध्ययन में कहाँ काम आता है

यह वैकल्पिक विषय GS IV में नैतिक विचारकों एवं नीतिशास्त्र से जुड़ता है।

GS 4 पाठ्यक्रम →

यह हमारी टिप्पणी है, UPSC की नहीं।

मुख्य परीक्षा पेपर VI · 250 अंक · 3 घंटे

दर्शनशास्त्र — प्रश्न पत्र I

दर्शन का इतिहास एवं समस्याएं:

1.

प्लेटो एवं अरस्तू: प्रत्यय; द्रव्य; आकार एवं पुद्गल; कार्यकारण भाव; वास्तविकता एवं शक्यता।

2.

तर्क बुद्धिवाद ( देकार्त, स्पिनोजा, लीबनिज): देकार्त की पद्धति एवं असंदिग्ध ज्ञान; द्रव्य; परमात्मा; मन-शरीर द्वैतवाद; नियतत्ववाद एवं स्वातंत्र्य ।

3.

इंद्रियानुभव वाद ( लॉक, बर्कले, ह्यूम): ज्ञान का सिद्धांत; द्रव्य एवं गुण; आत्मा एवं परमात्मा; संशयवाद।

4.

कांट: संश्लेषात्मक प्रागनुभविक निर्णय की संभवता: दिक एवं काल; पदार्थ; तर्कबुद्धि प्रत्यय; विप्रतिषेध; परमात्मा के अस्तित्व के प्रमाणों की मीमांसा।

5.

हीगेल: द्वंद्वात्मक प्रणाली; परमप्रत्ययवाद।

6.

मूर, रसेल एवं पूर्ववर्ती विट्जेन्स्टीन: सामान्य बुद्धि का मंडन; प्रत्ययवाद का खंडन; तार्किक परमाणवाद; तार्किक रचना; अपूर्ण प्रतीक; अर्थ का चित्र सिद्धांत; उक्ति एवं प्रदर्शन ।

7.

तार्किक प्रत्यक्षवाद: अर्थ का सत्यापन सिद्धांत; तत्वमीमांसा का अस्वीकार; अनिवार्य प्रतिज्ञप्ति का भाषिक सिद्धांत।

8.

उत्तरवर्ती विट्गेंस्टीन: अर्थ एवं प्रयोग; भाषा-खेल: व्यक्ति भाषा की मीमांसा।

9.

संवृतिशास्त्र (हर्सल) प्रणाली; सार सिद्धांत; मनोविज्ञानपरता का परिहार।

10.

अस्तित्वपरकतावाद (कीर्कगार्द, सार्त्र, हीडेगर): अस्तित्व एवं सार; वरण, उत्तरदायित्व एवं प्रामाणिक अस्तित्व; विश्वनिसत् एवं कालसत्ता।

11.

क्वाइन एवं स्ट्रॉसन: इंद्रियानुभववाद की मीमांसा; मूल विशिष्ट एवं व्यक्ति का सिद्धांत।

12.

चार्वाक: ज्ञान का सिद्धांत ; अतींद्रिय सत्वों का अस्वीकार।

13.

जैनदर्शन: सत्ता का सिद्धांत; सप्तभंगी न्याय; बंधन एवं मुक्ति।

14.

बौद्धदर्शन संप्रदाय: प्रतीत्यसमुत्पाद; क्षणिकवाद, नैरात्म्यवाद।

15.

न्याय-वैशेषिक: पदार्थ सिद्धांत; आभास सिद्धांत; प्रमाण सिद्धांत; आत्मा मुक्ति; परमात्मा; परमात्मा के अस्तित्व के प्रमाण; कार्यकारण-भाव का सिद्धांत, सृष्टि का परमाणुवादी सिद्धांत।

16.

सांख्य: प्रकृति; पुरूष; कार्यकारण भाव; मुक्ति।

17.

योग: चित्त; चित्तवृत्ति; क्लेश; समाधि; कैवल्य।

18.

मीमांसा: ज्ञान का सिद्धांत।

19.

वेदांत संप्रदाय: ब्रह्मन; ईश्वर; आत्मन; जीव; जगत; माया; अविद्या; अध्यास; मोक्ष; अपृथक सिद्धि; पंचविधभेद।

20.

अरविंद: विकास, प्रतिविकास, पूर्ण योग।

मुख्य परीक्षा पेपर VII · 250 अंक · 3 घंटे

दर्शनशास्त्र — प्रश्न पत्र II

सामाजिक – राजनैतिक दर्शन:

1.

सामाजिक एवं राजनैतिक आदर्श सामानता , न्याय, स्वतंत्रता।

2.

प्रभुसत्ता: आस्टिन बोदां, लास्की, कौटिल्य।

3.

व्यक्ति एवं राज्य: अधिकार; कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व।

4.

शासन के प्रकार: राजतंत्र; धर्मतंत्र एवं लोकतंत्र।

5.

राजनैतिक विचारधाराएं: अराजकतावाद; मार्क्सवाद एवं समाजवाद।

6.

मानववाद: धर्मनिरपेक्षतावाद; बहुसंस्कृतिवाद।

7.

अपराध एवं दंड: भ्रष्टाचार, व्यापक हिंसा, जातिसंहार, प्राणदंड।

8.

विकास एवं सामाजिक उन्नति।

9.

लिंग भेद: स्त्रीभ्रूण हत्या, भूमि एवं संपत्ति अधिकार; सशक्तिकरण।

10.

जाति भेद: गांधी एवं अंबेडकर।

धर्मदर्शन

1.

ईश्वर की धारणा: गुण; मनुष्य एवं विश्व से संबंध (भारतीय एवं पाश्चात्य)।

2.

ईश्वर के अस्तित्व के प्रमाण और उसकी मीमांसा ( भारतीय एवं पाश्चात्य)।

3.

अशुभ की समस्या।

4.

आत्मा: अमरता, पुनर्जन्म एवं मुक्ति।

5.

तर्कबुद्धि, श्रुति एवं आस्था।

6.

धार्मिक अनुभव: प्रकृति एवं वस्तु (भारतीय एवं पाश्चात्य)

7.

ईश्वर रहित धर्म।

8.

धर्म एवं नैतिकता।

9.

धार्मिक शुचिता एवं परम सत्यता की समस्या।

10.

धार्मिक भाषा की प्रकृति: सादृश्यमूलक एवं प्रतीकात्मक; संज्ञानवादी एवं निस्संज्ञानवादी।

पाठ: UPSC, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी (सिविल सेवा परीक्षा, 2026), पृ. 233–236 ↗। वर्तनी UPSC की अपनी है।

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FAQ

दर्शनशास्त्र: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर

UPSC दर्शनशास्त्र वैकल्पिक विषय में कितने पेपर होते हैं?

दो — मुख्य परीक्षा के पेपर VI और VII (वैकल्पिक पेपर 1 और पेपर 2), 250-250 अंक और तीन-तीन घंटे, कुल 500 अंक।

UPSC दर्शनशास्त्र वैकल्पिक विषय के पाठ्यक्रम में क्या है?

दोनों पेपरों का पूरा पाठ्यक्रम इस पेज पर UPSC के अपने हिंदी शब्दों में है, उसके सीएसई 2026 नोटिस (पृ. 233–236) से।

दर्शनशास्त्र का आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?

सिविल सेवा परीक्षा 2026 के UPSC नोटिस (परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी) के खंड-III, भाग-ख में — हिंदी नोटिस में पृ. 233–236।