वैकल्पिक विषय · इंजीनियरी
UPSC वैद्युत इंजीनियरी वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम 2026
पेपर 1 और पेपर 2, UPSC के सीएसई 2026 के हिंदी नोटिस (पृ. 93–96) से शब्दशः। हर पेपर 250 अंक और तीन घंटे का।
Read in Englishमुख्य परीक्षा पेपर VI · 250 अंक · 3 घंटे
वैद्युत इंजीनियरी — प्रश्न पत्र I
परिपथ-सिद्धांत
विद्युत अवयव, जाल लेखाचित्र, केल्विन धारा नियम, केल्विन बोल्टता नियम: परिपथ विश्लेषण: आधारभूत जाल प्रमेय तथा अनुप्रयोग : क्षणिका विश्लेषण: RL, RC तथा RLC परिपथ: ज्यावक्रीय स्थायी अवस्था विश्लेषण;. अनुनादी परिपथ: युग्मि त परिपथ: संतुलित त्रिकला परिपथ, द्विकारक जाल।
संकेत एवं तंत्र:
सतत काल एवं विवक्त-काल संकेतों एवं तंत्र का निरूपण: रेखित काल निश्चर तंत्र, संवलन आवेग अनुक्रिया : संवलन एवं अवकलन अंतर समीकरण पर आधारित रैखिक काल निश्चर तंत्रों का समय क्षेत्र विश्लेषण, फुरिए रूपान्तर, लेप्लास रूपांतर, जैड़- रूपांतर, अंतरण फलन संकेतों का प्रतिचयन एवं उनकी प्रतिप्राप्ति , विवक्त कालतंत्रों के द्वार तुल्य रूप संकेतों का DFT, FFT संसाधन।
विद्युत चुम्बकीय सिद्धांत:
मैक्सवेल समीकरण, परिबद्ध माध्यम में तरंग संरचना परिसीमा अवस्थाएं, समतल तरंगों का परावर्तन एवं अपवर्तन, संचरण लाइनें: प्रगामी एवं अप्रगामी तरंगें, प्रति बाधा प्रतितुलन, स्मिथ चार्ट,
तुल्य एवं इलेक्ट्रॉनिकी:
अभिलक्षण एवं डायोड का तुल्य परिपथ (वृहत एवं लघु संकेत), द्विसंधि ट्रांजिस्टर, संधि क्षेत्र प्रभाव ट्रांजिस्टर एवं धातु आक्साइड सामिचालक क्षेत्र प्रभाव ट्रांजिस्टर, डायोड परिपथ, कर्तन, ग्रामी, दिष्टकारी, अभिनतिकरण एवं अभिनीत स्थायित्व, क्षेत्र प्रभाव ट्रांजिस्टर प्रवर्धक, धारा दर्पण, प्रवर्धक: एकल एवं बहुचरणी अवकल, सक्रियात्मक पुनर्निवेश एवं शक्ति प्रबंधकों का विश्लेषण, प्रबंधकों की आवृति, अनुक्रियात्मक संक्रियात्मक प्रबंधक परिपथ, नस्यिंदक, ज्यावक्रीय दोलित्र: दोलन के लिए कसौटी, एकल ट्रांजिस्टर और संक्रियात्मक प्रवर्धक विन्यास, फलन जनित्र एवं तरंग परिपथ, रैखक एवं स्विचन विद्युत प्रदाय।
अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी:
बूलीय बीजावली, बूलीय फलन का न्यूनतमीकरण: तर्कद्वार, अंकीय समाकलित परिपथ कुल (DTL, TTL, ECL, MOS, CMOS) संयुक्त परिपथ: अंक गणितीय परिपथ, कोड परिवर्तक, मल्टी प्लेयक्सर एवं विकोडित्र,
अनुक्रमिक परिपथ: चटखनी एवं थपथप, गणित्र एवं विस्थापन पंजीयक, तुलनित्र कालनियामक बहुकंपित्र प्रतिदर्श एवं धारण परिपथ तुल्य रूप अंकीय परिवर्त (ADC) एवं अंकीय तुल्य रूप परिवर्तक (DAC) सामिचालक स्मृतियां प्रक्रमित युक्तियों का प्रयोग करते हुए तर्क कार्यान्वयन (ROM, PLA, FPGA)
ऊर्जा रूपांतरण:
वैद्युत यांत्रिकी ऊर्जा रुपांतरण के सिंद्धांत: धूर्णित मशीनों में बल आघूर्ण एवं विद्युत चुम्बकीय बल, दि.धा. मशीनें: अभिलक्षण एवं निस्पादन विश्लेषण, मोटरों का प्रारंभन एवं गतिनियंत्रण, परि णामित्र: प्रचालन एवं विश्लेषण के सिद्धांत: विनियमन दक्षता : त्रिकला परिणामित्र: त्रिकला प्रेरण मशीनें एवं तुल्यकानिक मशीनें: अभिलक्षण एवं निष्पादन विश्लेषण, गति नियंत्रण।
शक्ति इलेक्ट्रॉनिकी एवं विद्युत चालन:
सामिचाल क शक्ति युक्तियां: डायोड, ट्रांजिस्टर, थाइरिस्टर, ट्रायक, GTO एवं धातु आक्साइड सामिचालक क्षेत्र प्रभाव ट्राजिस्टर स्थैतिक अभिलक्षण एवं प्रचालन के सिद्धांत, ट्रिगरिंग परिपथ कला नियंत्रण दिष्टकारी, सेतु परिवर्तक : पूर्ण नियंत्रित एवं अर्द्धनियंत्रित थाइरिस्टर चापर एवं प्रतीपकों के सिद्धांत-DC परिवर्तक, परिवर्तक स्विच मोड इन्वर्टर, dc एवं ac मोटर चालन के गतिनियंत्रण की आधारभूत संकल्पना, विचरणीय चाल चालन के अनुप्रयोग।
तुल्यरूप संचार:
यादृच्छिक चर: सतत, विक्ति: प्रायिकता, प्रायिकता फलन, सांख्यकीय औसत: प्रायिकता निदर्श: यादृच्छिक संकेत एवं रव: सम, रव, रवतुल्य बैंड चौड़ाई, रव सहित संकेत प्रेषण, रव संकेत अनुपात, रैखिक cw मॉडुलन: आयाम मॉडुलन: द्विसाइड बैंड - एकल चैनल (DSB- SC) एवं एकल साइड बैंड मॉडुलन एवं विमाडुलन कला और आवृति मॉडुलन: कला मॉडुलन एवं आवृति मॉडुलन संकेत, संकीर्ण बैंड आवृति मॉडुलन, आवृति मॉडुलन कला मॉडुलन के लिए जनन एवं संसूचन, विष्प्रबलन, पूर्व प्रबलन, संवाहक तरंग मॉडुलन (CWM) तंत्र: परासंकरण अभिग्राही, आयाम मॉडुलन अभिग्राही, संचार अभिग्राही, आवृत्ति मॉडुलन अभिग्राही, कला पाशित लूप, एकल साइड बैंड अभिग्राही, आयाम मॉडुलन एवं आवृति मॉडुलन अभिग्राही, के लिए सिगनल–रव अनुपात गणन।
मुख्य परीक्षा पेपर VII · 250 अंक · 3 घंटे
वैद्युत इंजीनियरी — प्रश्न पत्र II
नियंत्रण तंत्र:
नियंत्रण तंत्र के तत्व, खंड आरेख निरूपण: खुलापाश एवं बंदपाश तंत्र, पुनर्निवेश के सिद्धांत एवं अनुप्रयोग नियंत्रण तंत्र अवयव, रैखिक काल निश्चर तंत्र: काल प्रक्षेत्र एवं रूपांतर प्रक्षेत्र विश्लेषण, स्थायित्व: राउथ हरविज कसौटी, मूल बिंदु पथ, बोडे आलेख एवं पोलर आलेख नाइक्विएस्ट कसौटी, अग्रपश्चता प्रतिकारक अभिकल्पन समानुतिक PI, PID, नियंत्रक: नियंत्रण तंत्रों का अवस्था - विचरणीय निरूपण एवं विश्लेषण।
माइक्रोप्रोसेसर एवं माइक्रोकम्प्यूटर:
PC, संघटन CPU अनुदेश सेट, रजिस्टर सेट, टाइमिंग आरेख प्रोग्रामन अंतरानयन, स्मृति अंतरापृष्ठन, IO अंतरापृष्ठन प्रोग्रामिंग परि धीय युक्तियां।
मापन एवं मापयंत्रण:
त्रुटि विश्लेषण: धारा वोल्टता, शक्ति, ऊर्जा, शक्ति गुणक, प्रतिरोध, प्रेरकत्व, धारित एवं आवृति का मापन, सेतु मापन, सिग्नल अनुकूल परिपथ, इलेक्ट्रॉनिक मापन यंत्र, बहुमापी कैथोड़ किरण आसिलोस्कोप, अंकीय बोल्टमापी, आवृति गणि त Q माप, स्पेक्ट्रम विश्लेषक, विरूपण मापी ट्रांस्डयूसर, ताप वैद्युत युग्म, थर्मिस्टर, रेखीय परिवर्तनीय अवकल ट्रांस्डयूसर, विकृति प्रभावी, दाब विद्युत क्रिस्टल।
शक्तितंत्र: विश्लेषण एवं नियंत्रण :
सिरोपरि संरचण लाइनों तथा केबलों का स्थायी दशा निष्पादन, सक्रिय एवं प्रति घाती शक्ति अंतरण एवं वितरण के सिद्धांत, प्रति ईकाई राशियां, बस प्रवेश्यता एवं प्रतिबाधा आव्यूह, लोह प्रवाह: बोल्टता नियंत्रण एवं शक्ति गुणक संशोधन: आर्थिक प्रचलन: सममित घटक: सममित एवं असममित दोष का विश्लेषण, तंत्र, स्थायित्व की अवधारणा : स्विंग व्रक एवं समक्षेत्र कौटी, स्थैनिक बोल्ट ऐंपियर प्रति घाती तंत्र उच्च बोल्टता दिष्टधारा संचरण की मूलभूत अवधारणाएं।
शक्तितंत्र एवं रक्षण:
अतिधारा, अवकल एवं दूरी रक्षण के सिद्धांत, ठोस अवस्था रिले की अवधारणा, परिपथ वियोजक अभिकलित्र सहायता प्राप्त रक्षण, परिचय, लाइन, बस, जनि त्र, परिणामित्र रक्षण, संख्यात्मक रिले एवं रक्षण के लिए अंकीय संकेत रक्षण (DSP) का अनुप्रयोग।
अंकीय संचार:
स्पंद कोड मॉडुलन, अवकल स्पंद कोड मॉडुलन, डेल्टा मॉडुलन, अंकीय मॉडुलन एवं विमॉडुलन योजनाएं: आयाम, कला एवं आवृति कुंजीयन योजनाएं, त्रुटि नियंत्रण कूटकरण: त्रुटिसंसूचन एवं संशोधन रैखि क खंड कोड, संवलन कोड, सूचना माप एवं स्रोत कूट करण, आंकड़ा जाल, 7- स्तरीय वास्तुकला।
पाठ: UPSC, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी (सिविल सेवा परीक्षा, 2026), पृ. 93–96 ↗। वर्तनी UPSC की अपनी है।
इंजीनियरी के अन्य वैकल्पिक विषय
FAQ
वैद्युत इंजीनियरी: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर
UPSC वैद्युत इंजीनियरी वैकल्पिक विषय में कितने पेपर होते हैं?
दो — मुख्य परीक्षा के पेपर VI और VII (वैकल्पिक पेपर 1 और पेपर 2), 250-250 अंक और तीन-तीन घंटे, कुल 500 अंक।
UPSC वैद्युत इंजीनियरी वैकल्पिक विषय के पाठ्यक्रम में क्या है?
दोनों पेपरों का पूरा पाठ्यक्रम इस पेज पर UPSC के अपने हिंदी शब्दों में है, उसके सीएसई 2026 नोटिस (पृ. 93–96) से।
वैद्युत इंजीनियरी का आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?
सिविल सेवा परीक्षा 2026 के UPSC नोटिस (परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी) के खंड-III, भाग-ख में — हिंदी नोटिस में पृ. 93–96।