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वैकल्पिक विषय

वैकल्पिक विषय · इंजीनियरी

UPSC यांत्रिकी इंजीनियरी वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम 2026

पेपर 1 और पेपर 2, UPSC के सीएसई 2026 के हिंदी नोटिस (पृ. 222–227) से शब्दशः। हर पेपर 250 अंक और तीन घंटे का।

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मुख्य परीक्षा पेपर VI · 250 अंक · 3 घंटे

यांत्रिकी इंजीनियरी — प्रश्न पत्र I

1.

यांत्रिकी

1.1 दृढ़ पिंडों की यांत्रिकी

आकाश में साम्यावस्था का समीकरण एवं इसका अनुप्रयोग, क्षेत्रफल के प्रथम एवं द्वितीय आघूर्ण, घर्षण की सरल समस्याएं, समतल गति के लिए कणों की शुद्धगति की प्रारंभिक कण गतिकी।

1.2 विरूपणीय पिंडों की यांत्रिकी

व्यापीकृत हुक का नियम एवं इसका अनुप्रयोग, अक्षीय प्रतिबल पर अभिकल्प समस्याएं, अपरूपण प्रतिबल एवं आधारक प्रतिबल, गतिक भारण के लिए सामग्री के गुण, दंड में बंकन अपरूपण एवं प्रतिबल, मुख्य प्रतिबलों एवं विकृतियों का निर्धारण निर्धारण-विश्लेषिक एवं आलेखी, संयुक्त एवं मिश्रित प्रतिबल, द्धिअक्षीय प्रतिबल-तनु भित्तिक दाब भाण्ड, गतिक भार के लिए पदार्थ व्यवहार एवं अभिकल्प कारक, केवल बंकन एवं मरोड़ी भार के लिए गोल शैफ्ट का अभिकल्प, स्थैतिक निर्धारी समस्याओं के लिए दंड का विक्षेप, भंग के सिद्धांत।

2.

इंजीनियरी पदार्थ:

ठोसों की आधारभूत संकल्पनाएं एवं संरचना, सामान्य लोह एवं अलोह पदार्थ एवं उनके अनुप्रयोग, स्टीलों का ताप उपचार, अधातु-प्लास्टिक, सेरेमिक, समिश्र पदार्थ एवं नैनोपदार्थ।

3.

यंत्रों का सिद्धांत:

समतल – क्रियाविधियों का शुद्धगतिक एवं गतिक विश्लेषण, कैम, गियर एवं अधिचक्रिक गियर मालाएं, गतिपालक चक्र, अधिनियंत्रक, दृढ़ पूर्णांकों का संतुलन, एकल एवं बहुसिलिंडरी इंजन, यांत्रिक-तंत्र का रैखिक कंपन विश्लेषण (एकल स्वातंत्र्यकोटि) क्रांतिक चाल एवं शैफ्ट का आवर्तन।

4.

निर्माण का विज्ञान:

4.1 निर्माण प्रक्रम :

यंत्र औजार इंजीनियरी-व्यापारी बल विश्लेषण, टेलर का औजार, आयु समीकरण, रूढ़ मशीनन, एनसी एवं सीएनसी मशीनन प्रक्रम, जिग एवं स्थायिक, आरूढ़ मशीनन- ईडीएम, ईसीएम, पराश्रव्य, जल प्रधान मशीनन, इत्यादि, लेजर एवं प्लाज्मा के अनुप्रयोग, ऊर्जा दर अवकलन।

रूपण एवं वेल्डन प्रक्रम-मानक प्रक्रम।

मापिकी-अनवायोजनों एवं सहिष्णुताओं की संकल्पना, औजार एवं प्रमाप, तुलनित्र, लंबाई का निरीक्षण, स्थिति, परिच्छेदिका एवं पृष्ठ सुपूर्ति।

4.2 निर्माण प्रबंध :

तंत्र अभिकल्प: फैक्टरी अवस्थिति-सरल ओआर मॉडल, संयंत्र अभिन्यास-पद्धति आधारित इंजीनियरी आर्थिक विश्लेषण एवं भंग के अनुप्रयोग उत्पादावरण, प्रक्रम वरण एवं क्षमता आयोजना के लिए विश्लेषण से पूर्व निर्धारित समय मानक।

प्रणाली आयोजना: समाश्रयण एवं अपघटन पर आधारित पूर्वकथन विधियां, बहु मॉडल एवं प्रासंभाव्य समन्वायोजन रेखा का अभिकल्प एवं संतुलन सामग्री सूची प्रबंध – आदेश काल एवं आदेश मात्रा निर्धारण के लिए प्रायिकतात्मक सामग्री सूची मॉडल, जे आई टी प्रणाली, युक्तिमय उद्गमीकरण, अंतर-संयंत्र संभारतंत्र।

तंत्र संक्रिया एवं नियंत्रण:

कृत्यकशाला के लिए अनुसूचक कलनविधि, उत्पाद एवं प्रक्रम गुणता नियंत्रण के लिए सांख्यिकीय विधियों का अनुप्रयोग, माध्य, परास, दूषित प्रतिशतता, दोषों की संख्या एवं प्रतियूनिट दोष के लिए नियंत्रण चार्ट अनुप्रयोग, गुणता लागत प्रणालियां, संसाधन संगठन एवं परियोजना जोखिम का प्रबंधन।

प्रणाली सुधार: कुल गुणताप्रबंध, नम्य, कृश एवं दक्ष संगठनों का विकास एवं प्रबंधन जैसी प्रणालियों का कार्यान्वयन।

मुख्य परीक्षा पेपर VII · 250 अंक · 3 घंटे

यांत्रिकी इंजीनियरी — प्रश्न पत्र II

1.

उष्मागतिकी, गैर गतिकी एवं टर्बों यंत्र :

1.1 उष्मागतिकी के प्रथम नियम एवं द्वितीय नियम की आधारभूत संकल्पनाएं, ऐन्ट्रॉपी एवं प्रतिक्रमणीयता की संकल्पना, उपलब्धता एवं अनुपलब्धता तथा अप्रतिक्रमणीयता की संकल्पना, उपलब्धता एवं अनुपलब्धता तथा अप्रतिक्रमणीयता।

1.2 तरलों का वर्गीकरण एवं गुणधर्म, संपीड्य एवं संपीड्य तरल प्रवाह, मैक संख्या का प्रभाव एवं संपीड्यता, सातत्व संवेग एवं ऊर्जा समीकरण प्रसामान्य एवं तिर्यक प्रघात, एक विमीय समएंट्रॉपी प्रवाह, तरलों का नलिका में घर्षण एवं ऊर्जाअंतरण के साथ प्रवाह।

1.3 पंखों, ब्लोअरों एवं संपीडित्रों से प्रवाह, अक्षीय एवं अपकेन्द्री प्रवाह विन्यास, पंखों एवं संपीड़ितों का अभिकल्प, संपीड़नों और टारबाइन सोपानी की सरल समस्याएं, विवृत एवं संवृत्त चक्र गैर टरबाइन, गैस टरबाइन में किया गया कार्य, पुन: ताप एवं पुनर्जनन।

2.

उष्मा, अंतरण

2.1 चालन ऊष्मा अंतरण-सामान्य चालन समीकरण-लाप्लास, प्वासों एवं फूरिए समीकरण, चालन का फूरिए नियम, सरल भित्ति ठोस एवं खोखले बेंलन तथा गोलकों पर लगा एक विभीय स्थायी दशा उष्मा चालन ।

2.2 संवहन उष्मा अंतरण – न्यूटन का संवहन नियम, मुक्त एवं प्रणोदित संवहन, चपटे तल पर असंपीड्य तरल के स्तरीय एवं विक्षुब्ध प्रवाह के दौरान उष्मा अंतरण, नसेल्ट संख्या, जलगतिक एवं ऊष्मीय सीमांतपरंत एवं उनकी मोटाई की संकल्पनाएं, प्रांटल संख्या, ऊष्मा एवं संवेग अंतरण के बीच अनुरूपता-रेनॉल्डस, कोलबर्न, प्रांटल अनुरूपताएं, क्षैतिज नलिकाओं से स्तरीय एवं विक्षुब्ध प्रवाह के दौरान ऊष्मा अंतरण, क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर तलों से मुक्त संवहन।

2.3 कृष्णिका विकिरण-आधारभूत विकिरण नियम, जैसे कि, स्टीफेन-बोल्ड जमैन, प्लांक वितरण, वीन विस्थापन आदि।

2.4 आधारभूत ऊष्मा विनिमयित्र विश्लेषण, ऊष्मा विनिमयित्र विश्लेषण, ऊष्मा विनिमयियों का वर्गीकरण।

3.

वर्गीकरण संक्रया के ऊष्मगतिक- चक्र, भंग शक्ति, सुचित शक्ति, यांत्रिकी दक्षता, ऊष्मा समायोजन चादर, निष्पादन अभिक्षण का निर्वचन, पैट्रोल गैस एवं डीजल इंजन ।

3.2 एसआई एवं सीआई इंजिनों में दहन, सामान्य एवं असामान्य दहन, अपस्फोटन एवं कार्यशील प्राचलों का प्रभाव, अपस्टोफक का न्यूनीकरण, एसआई एवं सीआई इंजिनों के लिए दहन प्रकोष्ठ के प्रकार, योजक, उत्सर्जन।

3.3 अंतदर्हन इंजिनों की विभिन्न प्रणालियों ईंधन, स्नेहन, शीतन एवं संचरण प्रणालियों, अंतदर्हन इंजिनों में विकल्पी ईंधन ।

4.

भाप इंजीनियरी:

4.1 भाप जनन- अशोधित रैंकिन चक्र विश्लेषण, आधुनिक भाप बॉयलर, क्रांतिक एवं अधिक्रांतिक दाबों पर भाप, प्रवात उपस्कर, प्राकृतिक एवं कृत्रिक प्रवात, बॉयलर ईंधन, ठोस, द्रव एवं गैसीय ईंधन, भाजपा टरबाइन - सिद्धांत, प्रकार, संयोजना, आवेग एवं प्रतिक्रिया टरबाइन, अक्षीय प्रणोद।

4.2 भाप तुंड - अभिसारी एवं अपसारी तंडु में भाप को प्रवाह, आर्द्र, संतृप्त एवं अधितप्त जैसी विभिन्न प्रांरभिक भाप दशाओं के साथ, अधिकतम निस्सरण के लिए कठ पर दाब, पश्चदाब विचरण का प्रभाव, तुंडों में भाप का अधिसंतृप्त प्रवाह विलसन रेखा।

4.3 आंतरिक एवं बाह्य अप्रतिक्रम्यता के साथ रैंकिन चक्र, पुनस्तापन गुणक, पुनस्ताप एवं पुनर्जनन, अधिनियंत्रण विधियां, पश्च दाब एवं उपनिकासन टरबाइन।

4.4 भाप शक्ति संयंत्र-संयुक्त चक्र शक्ति जनन, ऊष्मा पुन:प्राप्ति भाप जनित्र (एचआरएसजी) तप्त एवं अतप्त, सहजनन संयत्र।

5.

प्रशीतन एवं वातानुकूलन:

5.1 वाष्प संपीडन प्रशीतन चक्र पी-एच एवं टी-एस आरेखों पर चक्र, पर्यावरण अनुकूली प्रशीतक द्रव्य- आर 134 ए, आर 123, वाष्पित्र, द्रवणित्र प्रसरण साधन जैसे तंत्र, सरल वाष्प अवशोषण तंत्र।

5.2 आर्द्रतामिति-गुणधर्म प्रक्रम, लेखाचित्र, संवेद्य तापन एवं शीतन, आर्द्रीकरण एवं अनाद्रीकरण प्रभावी ताप्रक्रम, वातानुकूलन भार परिकलन, सरल वाहिनी अभिकल्प।

पाठ: UPSC, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी (सिविल सेवा परीक्षा, 2026), पृ. 222–227 ↗। वर्तनी UPSC की अपनी है।

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FAQ

यांत्रिकी इंजीनियरी: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर

UPSC यांत्रिकी इंजीनियरी वैकल्पिक विषय में कितने पेपर होते हैं?

दो — मुख्य परीक्षा के पेपर VI और VII (वैकल्पिक पेपर 1 और पेपर 2), 250-250 अंक और तीन-तीन घंटे, कुल 500 अंक।

UPSC यांत्रिकी इंजीनियरी वैकल्पिक विषय के पाठ्यक्रम में क्या है?

दोनों पेपरों का पूरा पाठ्यक्रम इस पेज पर UPSC के अपने हिंदी शब्दों में है, उसके सीएसई 2026 नोटिस (पृ. 222–227) से।

यांत्रिकी इंजीनियरी का आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?

सिविल सेवा परीक्षा 2026 के UPSC नोटिस (परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी) के खंड-III, भाग-ख में — हिंदी नोटिस में पृ. 222–227।