Minimalist IAS
वैकल्पिक विषय

वैकल्पिक विषय · वाणिज्य, प्रबंध एवं विधि

UPSC प्रबंध वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम 2026

पेपर 1 और पेपर 2, UPSC के सीएसई 2026 के हिंदी नोटिस (पृ. 214–218) से शब्दशः। हर पेपर 250 अंक और तीन घंटे का।

Read in English

सामान्य अध्ययन में कहाँ काम आता है

यह वैकल्पिक विषय GS IV में संगठनात्मक नैतिकता एवं शासन से जुड़ता है।

GS 4 पाठ्यक्रम →

यह हमारी टिप्पणी है, UPSC की नहीं।

UPSC की टिप्पणी

अभ्यर्थी को प्रबंध की विज्ञान और कला के रुप में संकल्पना और विकास का अध्ययन करना चाहिए और प्रबंध के अग्रणी विचारकों के योगदान को आत्मसात करना चाहिए तथा कार्यनीतिक एवं प्रचालनात्मक परिवेश को दृष्टिगत रखते हुए इसकी संकल्पनाओं को वास्तविक शासन एवं व्यवसाय निर्णयन में प्रयोग में लाना चाहिए।

मुख्य परीक्षा पेपर VI · 250 अंक · 3 घंटे

प्रबंध — प्रश्न पत्र I

1.

प्रबंधकीय कार्य एवं प्रक्रिया:

प्रबंध की संकल्पना एवं आधार, प्रबंध चिंतन का विकास, प्रबंधकीय कार्य-आयोजना, संगठन, नियंत्रण, निर्णयन, प्रबंधक की भूमिका, प्रबंधकीय कौशल, उद्यमवृत्ति, नवप्रवर्तन, विश्वव्यापी वातावरण में प्रबंध, नम्य प्रणाली प्रबंधन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं प्रबंधकीय आचार नीति, प्रक्रिया एवं ग्राहक, अभिविन्यास, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष मूल्य श्रृंखला पर प्रबंधकीय प्रक्रियाएं।

2.

संगठनात्मक व्यवहार एवं अभिकल्प:

संगठनात्मक व्यवहार का संकल्पनात्मक निदर्श, व्यष्टि प्रक्रियाएं-व्यक्तित्व, मूल्य एवं अभिवृत्ति प्रत्यक्षण, अभिप्रेरण, अधिगम एवं पुनर्वलन, कार्य तनाव एवं तनाव प्रबंधन, संगठन व्यवहार की गति की सत्ता एवं राजनीति, द्वंद्व एवं वार्ता, नेतृत्व प्रक्रिया एवं शैलियां, संप्रेषण, संगठनात्मक प्रक्रियांएं-निर्णयन, कृत्यक, अभिकल्प, सांगठनिक अभिकल्प के क्लासिकी, नवक्लासिकी एवं आपात उपागम, संगठनात्मक सिद्धांत एवं अभिकल्प, संगठनात्मक संस्कृति, सांस्कृतिक अनेकता प्रबंधन, संगठन अधिगम; संगठनात्मक परिवर्तन एवं विकास, ज्ञान आधारित उद्यम-प्रणालियां एवं प्रक्रियाएं, जालतंत्रित एवं आभासी संगठन।

3.

मानव संसाधन प्रबंध:

मानव संसाधन की चुनौतियां, मानव संसाधन प्रबंध के कार्य, मानव संसाधन प्रबंध की भावी चुनौतियां, मानव संसाधन का कार्यनीतिक प्रबंध, मानव संसाधन आयोजना, कृत्यक विश्लेषण, कृत्यक मूल्यांकन, भर्ती एवं चयन, प्रशिक्षण एवं विकास, पदोन्नति एवं स्थानांतरण, निष्पादन प्रबंध, प्रतिकार प्रबंध एवं लाभ, कर्मचारी मनोबल एवं उत्पादकता, संगठनातम्क वातावरण एवं औद्योगिक संबंध प्रबंध, मानव संसाधन लेखाकरण एवं लेखा परीक्षा, मानव संसाधन सूचना प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय मानव संसाधन प्रबंध।

4.

प्रबंधकों के लिए लेखाकरण

वित्तीय लेखाकरण-संकल्पना, महत्व एवं क्षेत्र, सामान्यतया स्वीकृत लेखाकरण सिद्धान्त, तुलनपत्र के विश्लेषण एवं व्यवसाय, आय मापन के विशेष संदर्भ में वित्तीय विवरणों को तैयार करना, सामग्री सूची मूल्यांकन एवं मूल्याहास, वित्तीय विवरण विश्लेषण, निधि प्रवाह विश्लेषण, नकदी प्रवाह विवरण, प्रबंध लेखाकरण-संकल्पना, आवश्यकता, महत्व एवं क्षेत्र, लागत लेखाकरण अभिलेख एवं प्रक्रियाएं, लागत लेजर एवं नियंत्रण लेखाएं, वित्तीय एवं लागत लेखाओं के बीच समाधान एवं समाकलन, ऊपरि लागत एवं नियंत्रण कृत्यक एवं प्रक्रिया लागत आकलन, बजट एवं बजटीय नियंत्रण, निष्पादन बजटन, शून्यधारित बजटन, संगत लागत, आकलन एवं निर्णयन लागत आकलन, मानक, लागत आकलन एवं प्रसारण विश्लेषण, सीमांत लागत आकलन एवं अवशोषण लागत आकलन।

5.

वित्तीय प्रबंध:

वित्त कार्य के लक्ष्य, मूल्य एवं प्रतिलाभ की संकल्पनाएं, बांडों एवं शेयरों का मूल्यांकन, कार्यशील पूंजी का प्रबंध, प्राक्कलन एवं वित्तीय, नकदी, प्राप्यो, सामग्री सूची एवं चालू देयताओं का प्रबंधन, पूंजी लागत, पूंजी बजटन, वित्तीय एवं प्रचालन लेवरेज, पूंजी संरचना, अभिकल्प, सिद्धांत एवं व्यवहार, शेयर धारक मूल्य सृजन, लाभांश नीति, निगम वित्तीय नीति एवं कार्यनीति, निगम कुर्की एवं पुनर्संरचना कार्यनीति प्रबंध, पूंजी एवं मुद्रा बाजार, संस्थाएं एवं प्रपत्र पट्टे पर देना, किराया खरीद एवं जोखिम पूंजी, पूंजी बाजार विनियमन, जोखिम एवं प्रतिलाभ, पोर्टफोलियो सिद्धांत, सीएपीएम, एपीटी वित्तीय व्युत्पत्र, विकल्प फ्यूचर्स, स्वैप, वित्तीय क्षेत्रक में अभिनव सुधार।

6.

विपणन प्रबंध:

संकल्पना, विकास एवं क्षेत्र, विपणन कार्यनीति सूत्रीकरण, एवं विपणन योजना के घटक, बाजार का खंडीकरण एवं लक्ष्योन्मुखन, पण्य का अवस्थापन एवं विभेदन, प्रतियोगिता विश्लेषण, उपभोक्ता बाजार विश्लेषण, औद्योगिक क्रेता व्यवहार, बाजार अनुसंधान उत्पाद कार्यनीति, कीमत निर्धारण कार्यनीतियां, विपणन सारणियों का अभिकल्पन एवं प्रबंधन, एकीकृत विपणन संचार, ग्राहक संतोष का निर्माण, मूल्य एवं प्रतिधारण, सेवाएं एवं अलाभ विपणन, विपणन में आचार, ग्राहक सुरक्षा, इंटरनेट विपणन खुदरा प्रबंध, ग्राहक संबंध प्रबंध, साकल्यवादी विपणन की संकल्पना।

मुख्य परीक्षा पेपर VII · 250 अंक · 3 घंटे

प्रबंध — प्रश्न पत्र II

1.

निर्णयन की परिमाणत्मक प्रविधियां:

वर्णात्मक सांख्यिकी-सारणीबद्ध, आलेखीय एवं सांख्यिक विधियां, प्रायिकता का विषय प्रवेश, असंतत एवं संतत प्रायिकता बंटन, आनुमानिक सांख्यिकी प्रतिदर्शी बंटन, केन्द्रीय सीमा प्रमेय, माध्यों एवं अनुपातों के बीच अंतर के लिए परिकल्पना, परीक्षण समष्टि प्रसरणों के बारे में अनुमान काई-स्क्वैयर एवं ANOVA, सहसंबंध एवं समान्यतया, कालश्रेणी एवं पूर्वानुमान, निर्णय सिद्धांत सूचकांक, रैखिक प्रोग्रामन-समस्या सूत्रीकरण, प्रसमुच्चय विधि एवं आलेखीय हल, सुग्राहिता विश्लेषण।

2.

उत्पादन एवं व्यापार प्रबंध।

व्यापार प्रबंध के मूलभूत सिद्धांत, उत्पादनार्थ आयोजना, समस्त उत्पादन आयोजना, क्षमता आयोजना, संयंत्र अभिकल्प, प्रक्रिया आयोजना, संयंत्र आकार एवं व्यापार मान सुविधाओं का प्रबंधन, लाइन संतुलन, उपकरण प्रतिस्थापन एवं अनुरक्षण, उत्पादन नियंत्रण, पूर्तिश्रृंखला प्रबंधन - विक्रेता मूल्यांकन एवं लेखा परीक्षा, गुणता प्रबन्धन - सांख्यिकीय प्रक्रिया नियंत्रण, षड़ सिग्मा, निर्माण प्रणालियों में नग्यता एवं स्फूर्ति, विश्व श्रेणी का निर्माण, परियोजना प्रबंधन संकल्पनाएं, अनुसंधान एवं विकास प्रबंध, सेवा व्यापार प्रबंध, सामग्री प्रबंधन की भूमिका एवं महत्व, मूल्य विश्लेषण, निर्माण अथवा क्रय निर्णय, सामग्री सूची नियंत्रण, अधिकतम खुदरा कीमत, अवशेष प्रबंधन।

3.

प्रबंध सूचना प्रणाली:

सूचना प्रणाली का संकल्पनात्मक आधार, सूचना सिद्धांत, सूचना संसाधन प्रबंध, सूचना प्रणाली प्रकार, प्रणाली विकास प्रणाली एवं अभिकल्प विहंगावलोकन प्रणाली विकास, प्रबंध जीवन-चक्र, ऑनलाइन एवं वितरित प्रणालियों के लिए अभिकल्पना परियोजना, कार्यान्वयन नियंत्रण, सूचना प्रौद्योगिकी की प्रवृत्तियां आंकड़ा संसाधन प्रबंधन आंकड़ा आयोजना, DDS एवं RDBMS उद्यम संसाधन आयोजना (ERP) विशेषज्ञ प्रणाली, बिजनेस आर्किटेक्टचर ई- गर्वनेंस, संकल्पना, प्रणाली आयोजना, सूचना प्रणाली में नग्यता उपभोक्ता संबद्धता सूचना प्रणाली का मूल्यांकन।

4.

सरकार व्यवसाय अंतरापृष्ठ:

व्यवसाय में विषय की सहभागिता, भारत में सरकार व्यवसाय एवं विभिन्न वाणिज्य मंडलों तथा उद्योग के बीच अन्योन्यक्रिया लघु उद्योगों के प्रति सरकार नीति नए उद्यम की स्थापना हेतु सरकार, जनवितरण प्रणाली, कीमत और वितरण पर सरकारी नियंत्रण, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (CPA) एवं उपभोक्ता अधिकारों के सरंक्षण में स्वैच्छिक संस्थाओं की भूमिका, सरकार की नई औद्योगिक नीति, उदारीकरण अ-विनियमन एवं निजीकरण, भारतीय योजना प्रणाली, पिछड़े क्षेत्रों के विकास के संबंध में सरकारी नीति, पर्यवरण संस्थापना हेतु व्यवसाय एवं सरकार के दायित्व, निगम अभिशासन, साइबर विधियां।

5.

कार्यनीतिक प्रबंध:

अध्ययन क्षेत्र के रूप में व्यवसाय नीति, कार्यनीतिक प्रबंध का स्वरूप एवं विषय क्षेत्र, सामरिक आशय, दृष्टि, उद्देश्य एवं नीतियां एवं कार्यान्वयन, परिवेशीय विश्लेषण एवं आंतरिक विश्लेषण एसडब्ल्यूओटी आयोजना प्रक्रिया विश्लेषण कार्यनीतिक विश्लेषण उपकरण एवं प्रविधियां - प्रभाव आव्यूह अनुभव वक्र BGC आव्यूह GEC बहुलक उद्योग विश्लेषण, मूल्य श्रृंखला की संकल्पना व्यवसाय प्रतिष्ठान की कार्यनीतिक परिच्छेदिका प्रतियोगिता विश्लेषण हेतु ढांचा, व्यवसाय प्रतिष्ठान का प्रतियोगी लाभ, वर्गीय प्रतियोगी कार्यनीतियां, विकास कार्यनीति विस्तार, समाकलन एवं विशाखन, क्रोड सक्षमता की संकल्पना कार्यनीतिक नम्यता, कार्यनीति पुनराविस्कार, कार्यनीति एवं संरचना मुख्य कार्यपालक एवं परिषद, टर्नअराउंड प्रबंधन, प्रबंधन एवं कार्यनीतिक परिवर्तन कार्यनीतिक सहबंध, विलयन एवं अधिग्रहण, भारतीय संदर्भ

में कार्यनीति एवं निगम विकास।

6.

अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय:

अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय परिवेश, माल एवं सेवाओं में व्यापार के बदलते संघटन, भारत का विदेशी व्यापार नीति एवं प्रवृत्तियां, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का वित्त पोषण, क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग, FTA सेवा प्रतिष्ठानों का अंतर्राष्ट्रीयकरण, अंतर्राष्ट्रीय उत्पादन अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में व्यवसाय प्रबंध, अंतर्राष्ट्रीय कराधान, विश्वव्यापी प्रतियोगिता एवं प्रौद्योगिकीय विकास, विश्यव्यापी ई- व्यवसाय, विश्वव्यापी सांगठनिक संरचना अभिकल्पन एवं नियंत्रण, बहुसांस्कृतिक प्रबंध, विश्वव्यापी व्यवसाय कार्यनीति, विश्वव्यापी विपणन कार्यनीति, निर्यात प्रबंध निर्यात-आयात प्रक्रियाएं, संयुक्त उपक्रम, विदेशी निवेश, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश एवं विदेशी पोर्टफोलियो, निवेश, सीमापार विलयन एवं अधिग्रहण, विदेशी मुद्रा जोखिम, उद्भासन प्रबंध, विश्ववित्तीय बाजार एवं अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग, बाह्य ऋण प्रबंधन, देश जोखिम विश्लेषण।

पाठ: UPSC, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी (सिविल सेवा परीक्षा, 2026), पृ. 214–218 ↗। वर्तनी UPSC की अपनी है।

वाणिज्य, प्रबंध एवं विधि के अन्य वैकल्पिक विषय

FAQ

प्रबंध: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर

UPSC प्रबंध वैकल्पिक विषय में कितने पेपर होते हैं?

दो — मुख्य परीक्षा के पेपर VI और VII (वैकल्पिक पेपर 1 और पेपर 2), 250-250 अंक और तीन-तीन घंटे, कुल 500 अंक।

UPSC प्रबंध वैकल्पिक विषय के पाठ्यक्रम में क्या है?

दोनों पेपरों का पूरा पाठ्यक्रम इस पेज पर UPSC के अपने हिंदी शब्दों में है, उसके सीएसई 2026 नोटिस (पृ. 214–218) से।

प्रबंध का आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?

सिविल सेवा परीक्षा 2026 के UPSC नोटिस (परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी) के खंड-III, भाग-ख में — हिंदी नोटिस में पृ. 214–218।