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वैकल्पिक विषय

वैकल्पिक विषय · वाणिज्य, प्रबंध एवं विधि

UPSC विधि वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम 2026

पेपर 1 और पेपर 2, UPSC के सीएसई 2026 के हिंदी नोटिस (पृ. 118–127) से शब्दशः। हर पेपर 250 अंक और तीन घंटे का।

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सामान्य अध्ययन में कहाँ काम आता है

यह वैकल्पिक विषय GS II में संविधान, संघवाद एवं संस्थाओं से जुड़ता है।

GS 2 पाठ्यक्रम →

यह हमारी टिप्पणी है, UPSC की नहीं।

मुख्य परीक्षा पेपर VI · 250 अंक · 3 घंटे

विधि — प्रश्न पत्र I

1.

सांविधिक एवं प्रशासनिक विधि:

1.

संविधान एवं संविधानवाद, संविधान के सुस्पष्ट लक्षण।

2.

मूल अधिकार-लोकहित याचिका, विधिक सहायता, विधिक सेवा प्राधिकरण।

3.

मूल अधिकार-निदेशक तत्व तथा मूल कर्तव्यों के बीच संबंध।

4.

राष्ट्रपति की संवैधानिक स्थिति तथा मंत्रिपरिषद के साथ संबंध।

5.

राज्यपाल तथा उसकी शक्तियां।

6.

उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय:

(क)

नियुक्ति तथा स्थानांतरण

(ख)

शक्तियां, कार्य एवं अधिकारिता

7.

केंद्र राज्य एवं स्थानीय निकाय

(क)

संघ तथा राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का वितरण।

(ख)

स्थानीय निकाय।

(ग)

संघ, राज्यों तथा स्थानीय निकायों के बीच प्रशासनिक संबंध।

(घ)

सर्वोपरि अधिकार-राज्य संपति-सामान्य संपत्ति-समुदाय संपत्ति।

8.

विधायी शक्तियां, विशेषाधिकार एवं उन्मुक्ति।

9.

संघ एवं राज्य के अधीन सेवाएं:

(क)

भर्ती एवं सेवा शर्तें, सांविधानिक सुरक्षा, प्रशासनिक अधिकरण।

(ख)

संघ लोक सेवा आयोग एवं राज्य लोक सेवा आयोग - शक्ति एवं कार्य।

(ग)

निर्वाचन आयोग - शक्ति एवं कार्य।

10.

आपात उपबंध

11.

संविधान संशोधन

12.

नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत-अविर्भूत होती प्रवृतियां एवं न्यायिक उपागम

13.

प्रत्यायोजित विधान एवं इसकी सांविधानिकता।

14.

शक्तियों एवं सांविधानिक शासन का पृथक्करण।

15.

प्रशासनिक कार्रवाई का न्यायिक पुनर्विलोकन ।

16.

ओम्बड्समैन: लोकायुक्त, लोकपाल आदि ।

अंतरराष्ट्रीय विधि:

1.

अंतरराष्ट्रीय विधि की प्रकृति तथ परिभाषा।

2.

अंतरराष्ट्रीय विधि तथा राष्ट्रीय विधि के बीच संबंध

3.

राज्य मान्यता तथा राज्य उत्तराधिकार।

4.

समुद्र नियम-अंतर्देशीय जलमार्ग, क्षेत्रीय समुद्र समीपस्थ परिक्षेत्र, महाद्धीपीय उपतट, अनन्य आर्थिक परिक्षेत्र तथा महासमुद्र।

5.

व्यक्ति, राष्ट्रीयता, राज्यहीनता-मानवाधिकार तथा उनके प्रवर्तन के लिए उपलब्ध प्रक्रियाएं।

6.

राज्यों की क्षेत्रीय अधिकारिता-प्रत्यर्पण तथा शरण।

7.

संधियां-निर्माण, उपयोजन, पर्यवसान और आरक्षण।

8.

संयुक्त राष्ट्र - इसके प्रमुख अंग, शक्तियां, कृत्य और सुधार।

9.

विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा-विभिन्न तरीके।

10.

बल का विधिपूर्ण आश्रत: आक्रमण, आत्मरक्षा, हस्तक्षेप।

11.

अंतरराष्ट्रीय मानववादी विधि के मूल सिद्धांत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं समकालीन विकास।

12.

परमाणु अस्त्रों के प्रयोग की वैधता, परमाणु अस्त्रों के परीक्षण पर रोक-परमाणवीय अप्रसार संधि, सी.टी.बी.टी.।

13.

अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, राज्यप्रवर्तित आतंकवाद, उपाहरण, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय।

14.

नए अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आदेश तथा मौद्रिक विधि WTO, TRIPS, GATT, IMF, विश्व बैंक।

15.

मानव पर्यावरण का संरक्षण तथा सुधार - अंतरराष्ट्रीय प्रयास।

मुख्य परीक्षा पेपर VII · 250 अंक · 3 घंटे

विधि — प्रश्न पत्र II

अपराध विधि

1.

आपराधिक दायत्वि के सामान्य सिद्धांत: आपराधिक मन:स्थिति तथा आपराधिक कार्य। सांविधिक अपराधों में आपराधिक मन: स्थिति।

2.

दंड के प्रकार एवं नई प्रवृतियां जैसे कि मृत्यु दंड उन्मूलन।

3.

तैयारियां तथा आपराधिक प्रयास

4.

सामान्य अपवाद

5.

संयुक्त तथा रचनात्मक दायित्व

6.

दुष्प्रेरण

7.

आपराधिक षड्यंत्र

8.

राज्य के प्रति अपराध

9.

लोक शांति के प्रति अपराध

10.

मानव शरीर के प्रति अपराध

11.

संपत्ति के प्रति अपराध

12.

स्त्री के प्रति अपराध

13.

मानहानि

14.

भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988

15.

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 एवं उत्तरवर्ती विधायी विकास

16.

अभिवयन सौदा अपकृत्य विधि:

1.

प्रकृति तथा परिभाषा

2.

त्रुटि का कठोर दायित्व पर आधारित दायित्व, आत्यांतिक दायित्व

3.

प्रतिनिधिक दायित्व, राज्य दायित्व सहित

4.

सामान्य प्रतिरक्षा

5.

संयुक्त अपकृत्यकर्ता

6.

उपचार

7.

उपेक्षा

8.

मानहानि

9.

उत्पात (न्यूसेंस)

10.

षड्यंत्र

11.

अप्राधिकृत बंदीकरण

12.

विद्वेषपूर्ण अभियोजन

13.

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 संविदा विधि और वाणिज्यिक विधि :

1.

संविदा का स्वरूप और निर्माण/ई-संविदा

2.

स्वतंत्र सम्मति को दूषित करने वाले कारक

3.

शून्य, शून्यकरणीय, अवैध तथा अप्रवर्तनीय करार

4.

संविदा का पालन तथा उन्मोचन

5.

संविदाकल्प

6.

संविदा भंग के परिणाम

7.

क्षतिपूर्ति, गांरटी एवं बीमा संविदा

8.

अभिकरण संविदा

9.

माल की बिक्री तथा अवक्रय (हायर परचेज)

10.

भागीदारी का निर्माण तथा विघटन

11.

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881

12.

माध्यस्थम तथा सुलह अधिनियम, 1996

13.

मानक रूप संविदा समकालीन विधिक विकास:

1.

लोकहित याचिका

2.

बौद्धिक संपदा अधिकार-संकल्पना, प्रकार/संभावनाएं

3.

सूचना प्रौद्योगिकी विधि, जिसमें साइबर विधियां शामिल हैं, संकल्पना, प्रयोजन/संभावनाएं

4.

प्रतियोगिता विधि-संकल्पना, प्रयोग/संभावनाएं।

5.

वैकल्पिक विवाद समाधान-संकल्पना, प्रकार/संभावनाएं।

6.

पर्यावरणीय विधि से संबंधित प्रमुख कानून।

7.

सूचना का अधिकार अधिनियम।

8.

संचार माध्यमों (मीडिया) द्वारा विचारण।

निम्नलिखित भाषाओं का साहित्य

टिप्पणी

(1)

उम्मीदवार को संबद्ध भाषा में कुछ या सभी प्रश्नों के उत्तर देने पड़ सकते हैं।

(2)

संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित भाषाओं के संबंध में लिपियां वही होंगी जो प्रधान परीक्षा से संबद्ध परिशिष्ट-I के खण्ड II (ख) में दर्शाई गई हैं।

(3)

उम्मीदवार ध्यान दें कि जिन प्रश्नों के उत्तर किसी विशिष्ट भाषा में नहीं देने हैं उनके उत्तरों को लिखने के लिये वे उसी माध्यम को अपनाएं जो कि उन्होंने निबंधन, सामान्य अध्ययन तथा वैकल्पिक विषयों के लिये चुना है।

पाठ: UPSC, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी (सिविल सेवा परीक्षा, 2026), पृ. 118–127 ↗। वर्तनी UPSC की अपनी है।

वाणिज्य, प्रबंध एवं विधि के अन्य वैकल्पिक विषय

FAQ

विधि: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर

UPSC विधि वैकल्पिक विषय में कितने पेपर होते हैं?

दो — मुख्य परीक्षा के पेपर VI और VII (वैकल्पिक पेपर 1 और पेपर 2), 250-250 अंक और तीन-तीन घंटे, कुल 500 अंक।

UPSC विधि वैकल्पिक विषय के पाठ्यक्रम में क्या है?

दोनों पेपरों का पूरा पाठ्यक्रम इस पेज पर UPSC के अपने हिंदी शब्दों में है, उसके सीएसई 2026 नोटिस (पृ. 118–127) से।

विधि का आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?

सिविल सेवा परीक्षा 2026 के UPSC नोटिस (परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी) के खंड-III, भाग-ख में — हिंदी नोटिस में पृ. 118–127।