वैकल्पिक विषय · विज्ञान, कृषि एवं चिकित्सा विज्ञान
UPSC रसायन विज्ञान वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम 2026
पेपर 1 और पेपर 2, UPSC के सीएसई 2026 के हिंदी नोटिस (पृ. 74–78) से शब्दशः। हर पेपर 250 अंक और तीन घंटे का।
Read in Englishमुख्य परीक्षा पेपर VI · 250 अंक · 3 घंटे
रसायन विज्ञान — प्रश्न पत्र I
परमाणु संरचना: क्वांटम सिद्धांत, हाइसेन वर्ग का अनिश्चतता सिद्धांत, श्रीडिंगर तरंग समीकरण (काल अनाश्रित) तरंग फलन की व्याख्या, एकल विमीय बॉक्स में कण, क्वाटंम संख्याएं, हाइड्रोजन परमाणु तंरग फलन S, P और D कक्षकों की आकृति।
रसायन आबंध: आयनी आबंध, आयनी योगिकों के अभिलक्षण, जालक ऊर्जा, बार्नहेबर चक्र; सहसंयोजक आबंध तथा इसके सामान्य अभिलक्षण, अणुओं में आबंध की ध्रुवणता तथा इसके द्विध्रुव अपूर्ण संयोजी आबंध सिद्धांत, अनुनाद तथा अनुनाद ऊर्जा की अवधारणा, अणु कक्षक सिद्धांत (LCAO पद्धति); H2+, H2, He2+ से Ne2, NO, CO, HF एवं CN*** संयोजी आबंध तथा अणुकक्षक सिद्धांतों की तुलना, आबंध कोटि, आबंध सामर्थ्य तथा आबंध लंबाई।
ठोस अवस्था: क्रिस्टल, पद्धति; क्रिस्टल फलकों, जालक संरचनाओं तथा यूनिट सेल का स्पष्ट उल्लेख, ग्रेग का नियम, क्रिस्टल द्वारा X-रे विवर्तन; क्लोज पैंकिग (ससंकुलित रचना), अर्धव्यास अनुपात नियम, सीमांत अर्धव्यास अनुपात मानों के आकलन, NaCI, ZnS, CsCI एवं CaF2, की संरचना, स्टाइकियोमीट्रिक तथा नॉन- स्टाइकियोमीट्रिक दोष अशुद्धता दोष, अर्द्धचालक।
गैस अवस्था एवं परिवहन परिघटना: वास्तविक गैसों की अवस्था का समीकरण, अंतरा अणुक पारस्परिक क्रिया, गैसों का द्रवीकरण तथा क्रांतिक घटना, मैक्सवेल का गति वितरण, अंतराणुक संघट्ट दीवार पर संघट्ट तथा अभिस्पंदन, ऊष्मा चालकता एवं आदर्श गैसों की श्यानता।
द्रव अवस्था: केल्विन समीकरण, पृष्ठ तनाव एवं पृष्ठ ऊर्जा, आर्द्रक एवं संस्पर्श कोण, अंतरापृष्ठीय तनाव एवं कोशिका क्रिया।
ऊष्मागतिकी: कार्य, ऊष्मा तथा आंतरिक ऊर्जा; ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम, ऊमागतिकी का दूसरा नियम, एंट्रोपी एक अवस्था फलन के रूप में, विभिन्न प्रक्रमों में एंट्रॉपी परिवर्तन, एंट्रॉपी उत्क्रमणीयता तथा अनुत्क्रमणीयता, मुक्त ऊर्जा फलन, अवस्था का ऊष्मागतिकी समीकरण, मैक्सवेल संबंध; ताप, आयतन एवं U, H, A, G, Cp एवं Cv, एवं की दाब निर्भरता; J-T प्रभाव एवं व्युत्क्रमण ताप; साम्य के लिए निकष, साम्य स्थिरारंक तथा ऊष्मागतिकीय राशियों के बीच संबंध, नेर्स्ट ऊष्मा प्रमेय तथा ऊष्मागतिकी का तीसरा नियम।
प्रावस्था साम्य तथा विलयन: क्लासियस-क्लोपिरन समीकरण, शुद्ध पदार्थों के लिए प्रावस्था आरेख; द्विआधारी पद्धति में प्रावस्था साम्य, आंशिक मिश्रणीय द्रव-उच्चतर तथा निम्नतर क्रांतिक विलयन ताप; आंशिक मोलर राशियं, उनका महत्व तथा निर्धारण; आधिक्य ऊष्मागतिकी फलन और उनका निर्धारण।
विद्युत रसायन: प्रबल विद्युत अपघट्यों का डेबाई हुकेल सिद्धांत एवं विभिन्न साम्य तथा अधिगमन गुणधर्मों के लिए डेबाइ हुकेल सीमांत नियम, गेल्वेनिक सेल, सांद्रता सेल; इलेक्ट्रोकेमिकल सीरीज, सेलों के emf का मापन और उसका अनुप्रयोग; ईंधन सेल तथा बैटरियां, इलैक्ट्रोड पर प्रक्रम; अंतरा पृष्ठ पर द्विस्तर; चार्ज ट्रांस्फर की दर, विद्युत धारा घनत्व; अतिविभव; वैद्युत विश्लेषण तकनीक; पोलरोग्राफी, एंपरोमिती, आयन वरणात्मक इलेक्ट्रोड एवं उनके उपयोग।
रासायनिक बलगतिकी: अभिक्रिया दर की सांद्रता पर निर्भरता, शून्य, प्रथम, द्धितीय तथा आंशिक कोटि की अभिक्रियाओं के लिए अवकल और समाकल दर समीकरण; उत्क्रम, समान्तर, क्रमागत तथा श्रृंखला अभिक्रियाओं के दर समीकरण; शाखन श्रृंखला एवं विस्फोट; दर स्थिरांक पर ताप और दाब का प्रभाव, स्टॉप फ्लो और रिलेक्सेशन पद्धतियों द्वारा द्रुत अभिक्रियाओं का अध्ययन। संघटन और संक्रमण अवस्था सिद्धांत।
प्रकाश रसायन: प्रकाश का अवशोषण; विभिन्न मार्गों द्वारा उत्तेजित अवस्था का अवसान; हाइड्रोजन और हेलोजनों के मध्य प्रकाश रसायन अभिक्रिया और उनकी क्वांटमी लब्धि।
पृष्ठीय परिघटना तथ उत्प्रेरकता: ठोस अधिशोषकों पर गैसों और विलयनों का अधिशोषण, लैंगम्यूर तथा BET अधिशोषण रेखा; पृष्ठीय क्षेत्रफल का निर्धारण; विषामांगी उत्प्रेरकों पर अभिक्रिया अभिलक्षण और क्रियाविधि।
जैव अकार्बनिक रसायन: जैविक तंत्रों में धातु आयन तथा भित्ति के पार आयन गमन (आण्विक क्रियाविधि) ; ऑक्सीजन अपटेक प्रोटीन, साइटोग्रोम तथा पेरोडोक्सिन।
समन्वय रसायन:
धातु संकुल के आबंध सिद्धांत, संयोजकता आबंध सिद्धांत, क्रिस्टल फील्ड सिद्धांत और उसमें संशोधन, धातु संकुल के चुंबकीय तथा इलेक्ट्रानिक स्पेक्ट्रम की व्याख्या के सिद्धांतों का अनुप्रयोग।
समन्वयी योगिकों में आइसोमेरिज्म, समन्वयी योगिकों का IUPAC नामकरण; 4 तथा 6 समायोजन वाले संकुलों का त्रिविम रसायन, किलेट प्रभाव तथा बहुनाभिकीय संकुल; परा-प्रभाव और उसके सिद्धांत; वर्ग समतली संकुल में प्रतिस्थापनिक अभिक्रियाओं की बलगतिकी; संकुलों की तापगतिकी तथा बलगतिकी स्थिरता।
मैटल कार्बोनिलों की संश्लेषण संरचना तथा उनकी अभिक्रियात्मकता; कार्बोक्सिलेट एनॉयन, कार्बोनिल हाइड्राइड तथा मैटल नाइट्रोसीलयौगिक यौगिक।
एरोमेटिक प्रणाली के संकुल मैटल ओलोफिन संकुलों में संश्लेषण, संरचना तथा बंध, एल्काइन तथा सायक्लोपेंटाडायनिक संकुल, समन्वयी असंतृप्तता, आक्सीडेटिव योगात्मक अभिक्रियाएं, निवेशन अभिक्रियाएं, प्रवाही अणु और उनका अभिलक्षणन, मैटल-मैटल आबंध तथा मैटल परमाणु गुच्छे वाले यौगिक।
मुख्य समूह रसायनिकी: बोरेन, बोराजाइन, फास्फेजीन एवं चक्रीय फास्फेजीन, सिलिकेट एवं सिलिकॉन, इंटरहैलोजन यौगिक; गंधक-नाइट्रोजन यौगिक, नॉबुल गैस यौगिक।
F ब्लॉक तत्वों का सामान्य रसायन: लन्थेनाइड एवं एक्टीनाइड; पृथक्करण, आक्सीकरण अवस्थाएं, चुम्बकीय तथा स्पेक्ट्रमी गुणधर्म; लैथेनाइड संकुचन।
मुख्य परीक्षा पेपर VII · 250 अंक · 3 घंटे
रसायन विज्ञान — प्रश्न पत्र II
विस्थापित सहसंयोजक बंध: एरोमैटिकता, प्रतिएरोमैटकता:, एन्यूलीन, एजुलीन, ट्रोपोलोन्स, फुल्वीन, सिडनोन।
अभिक्रिया क्रियाविधि: कार्बनिक अभिक्रियाओं की क्रियाविधियों के अध्ययन की सामान्य विधियां (गतिक एवं गैर-गतिक दोनों), समस्थानिकी विधि, क्रास-ओवर प्रयोग, मध्यवर्ती ट्रेपिंग, त्रिविम रसायन, संक्रियण ऊर्जा, अभिक्रियाओं का ऊष्मागतिकी नियंत्रण तथा गतिक नियंत्रण।
अभिक्रियाशील मध्यवर्ती: कार्बोनियम आयनों तथा कारबेनायनों, मुक्त मूलकों (फ्री रेडिकल) कार्बीनों बेंजाइनों तथा नाइट्रेनों का उत्पादन, ज्यामिति, स्थिरता तथा अभिक्रिया।
प्रतिस्थापन अभिक्रयाएं: SN1, SN2 एवं SNi क्रियाविधियां; प्रतिवेशी समूह भागीदारी, पाइसेल, फ्यूरन, थियोफीन, इंडोल जैसे हेट्रोसाइक्लिक योगिकों सहित ऐरोमेटि यौगिकों की इलेक्ट्रोफिलिक तथा न्यूक्लियोफिलिक अभिक्रियां।
विलोपन अभिक्रियाएं: E1, E2 तथा E1cb क्रियाविधियां; सेजेफ तथा हॉफसन E2 अभिक्रियाओं में दिक्विन्यास, पाइरोलिटिक Syn विलोपन-चुग्गीव तथा कोप विलोवन।
संकलन अभिक्रयाएं: C=C तथा C=C के लिए इलेक्ट्रोफिलिक संकलन, C=C तथा C=N के लिए न्यूक्लियोफिलिक संकलन, संयुग्मी ओलिफिल्स तथा कार्बोंअल्स।
अभिक्रियाएं तथा पुनर्विन्यास: पिनाकोल-पिनाकोलोन, हॉफमन, बेकमन, बेयर विलिगर, फेबोर्स्की, फ्राइस, क्लेसेन, कोप, स्टीवेंज तथा वाग्नर-मेरबाइन पुनर्विन्यास।
एल्डोल संघनन, क्लैसेन संघनन, डीकमन, परकिन, नोवेनेजेल, विंटिंग, क्लिमेंसन, वोल्फ किशनर, केनिजारों तथा फान-रीक्टर अभिक्रियाएं, स्टॉब, बैजोइन तथा एसिलोयन संघनन, फिशर इंडोल संश्लेषण, स्क्राप संश्लेषण, विश्लर-नेपिरास्की, सैंडमेयर, रेगेर टाइमन तथा रेफॉरमास्की अभिक्रियाएं।
परिरंभीय अभिक्रियाएं: वर्गीकरण एवं उदाहरण; बुडवर्ग-हॉफमैन नियम विद्युतचक्रीय अभिक्रियाएं, चक्री संकलन अभिक्रियाएं (2+2 एवं 4+2) एवं सिग्मा-अनुवर्तनी विस्थापन (1,3; 3, 3 तथा 1,5) FMO उपगम।
बहुलकों का निर्माण और गुणधर्म: कार्बनिक बहुलक-पोलिएथलीन, पोलिस्टाइरीन, पोलीविनाइल क्लोराइड, टेफलॉन, नाइलॉन, टेरीलीन, संश्लिष्ट तथा प्राकृतिक रबड़।
जैवबहुलक: प्रोटीन DNA, RNA की संरचनाएं।
अभिकारकों के संश्लेषक उपयोग: OsO4, HIO4 CrO3, Pb(OAc)4, SeO2, NBS, B2H6, Na द्रव अमोनिया, LiALH4, NaBH4, Na-Buli, एवं MCPBA ।
प्रकाश रसायन: साधारण कार्बनिक यौगिकों की प्रकाश रासायनिक अभिक्रियाएं, उत्तेजित और निम्नतम अवस्थाएं, एकक और त्रिक अवस्थाएं, नोरिश टाइप-I और टाइप-II अभिक्रियाएं।
स्पेक्ट्रोमिकी सिद्धांत और संरचना के स्पष्टीकरण में उनका अनुप्रयोग।
घूर्णी - द्विपरमाणुक अणु; समस्थानिक प्रतिस्थापन तथा घूर्णी स्थिरांक।
कांपनिक - द्विपरमाणुक अणु, रैखिक त्रिपरमाणुक अणु, बहुपरमाणुक अणुओं में क्रियात्मक समूहों की विशिष्ट आवृतियां।
इलेक्ट्रानिक: एकक और त्रिक अवस्थाएं : n तथा * संक्रमण; संयुग्मित द्विआबंध तथा संयुग्मित कारबोनिकल में अनुप्रयोग-वुडवर्ड-फीशर नियम; चार्ज अंतरण स्पेक्ट्रा।
नाभिकीय चुंबकीय अनुनाद (1HNMR): आधारभूत सिद्धांत; रसायनिक शिफ्ट एवं स्पिन-स्पिन अन्योन्य क्रिया एवं कपलिंग स्थिरांक।
द्रव्यमान स्पेक्ट्रोमिति: पैरेंट पीक, बेसपीक, मेटास्टेबल पीक, मैक लैफर्टी पुनर्विन्यास।
पाठ: UPSC, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी (सिविल सेवा परीक्षा, 2026), पृ. 74–78 ↗। वर्तनी UPSC की अपनी है।
विज्ञान, कृषि एवं चिकित्सा विज्ञान के अन्य वैकल्पिक विषय
FAQ
रसायन विज्ञान: आपके प्रश्न, हमारे उत्तर
UPSC रसायन विज्ञान वैकल्पिक विषय में कितने पेपर होते हैं?
दो — मुख्य परीक्षा के पेपर VI और VII (वैकल्पिक पेपर 1 और पेपर 2), 250-250 अंक और तीन-तीन घंटे, कुल 500 अंक।
UPSC रसायन विज्ञान वैकल्पिक विषय के पाठ्यक्रम में क्या है?
दोनों पेपरों का पूरा पाठ्यक्रम इस पेज पर UPSC के अपने हिंदी शब्दों में है, उसके सीएसई 2026 नोटिस (पृ. 74–78) से।
रसायन विज्ञान का आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?
सिविल सेवा परीक्षा 2026 के UPSC नोटिस (परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-सीएसपी) के खंड-III, भाग-ख में — हिंदी नोटिस में पृ. 74–78।