Question 1 of 19 · CSAT 2026, Q54
Passage · परिच्छेद · read it, then answer
आसपास के गाँवों की गउएँ साझी ज़मीन पर चरने आई थीं, और अब भी वहाँ हवा में कुछ ठंडक भरी ताज़गी थी। होरी ने कई गहरी साँसें लीं और उसके जी में आया कि कुछ देर वहीं बैठ जाए, क्योंकि दिन के बाकी समय में उसे लू-लपट से मरना ही है। कई किसान ज़मीन के इस टुकड़े का पट्टा लिखाने को तैयार थे और अच्छी रकम की पेशकश कर चुके थे, पर ईश्वर भला करे राय साहब का कि उन्होंने साफ़ कह दिया कि यह ज़मीन चराई के लिए छोड़ दी गई है और किसी दाम पर भी उठाई नहीं जाएगी। यदि वह स्वार्थी ज़मींदारों जैसा होता, तो कहता गउएँ जाएँ भाड़ में, हमें रुपए मिलते हैं, तो क्यों छोड़ें। पर राय साहब अभी तक पुरानी मर्यादा निभाते आए हैं, और मानते हैं कि जो ज़मींदार अपनी प्रजाओं को न पाले, वह भी कोई आदमी है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से निष्कर्ष सही है/हैं?
- 1.सभी ज़मींदारों में कुछ अच्छाई अवश्य बची हुई है।
- 2.गाँव के साझे चारागाह उस गाँव की गउओं के उपयोग के लिए नियत हैं।
- 3.जो ज़मींदार परंपरा में विश्वास रखते हैं, वे अपनी प्रजाओं के प्रति अधिक चिंतित रहते हैं।
- 4.सुबह की गर्म हवा के बाद, दिन के परवर्ती समय की हवा अधिक ठंडी होती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।