Question 1 of 23 · CSAT 2026, Q46
Passage · परिच्छेद · read it, then answer
स्वच्छ आकाश और साफ फुफ्फुसों के लिए लड़ाई का मूल स्रोत वह ईंधन है, जिसे हम घरेलू चूल्हों से लेकर ताप विद्युत् संयंत्रों में जलाते हैं। अधिकांश मामलों में, यह जैव मात्रा (बायोमास) या कोयला होता है। उच्चतम न्यायालय ने पेट कोक के उपयोग पर पाबंदी लगा दी, जो ऐसे ईंधनों में सबसे अस्वच्छ है। दिल्ली सरकार ने कोयले के उपयोग पर पाबंदी लगाई, जो बाद में संपूर्ण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र पर लागू की गई। इस बात पर भी सहमति हुई कि ताप विद्युत् संयंत्र प्रदूषण न फैलाएँ या उन्हें बंद कर दिया जाए। संक्षेप में कहें कि इस पर की गई कार्रवाई अनियमित रही है। CNG में संक्रमण से यह सीख मिलती है कि इस पाबंदी के प्रभावकारी होने के लिए लोगों को विकल्प की आवश्यकता है। जब डीजल बसों को बंद कर दिया गया, तो CNG की आपूर्ति सुनिश्चित करनी थी। लागत के संदर्भ में भी इसे व्यवहार्य होना था। उच्चतम न्यायालय इस बात से सहमत था कि स्वच्छ ईंधन को अस्वच्छ ईंधन की अपेक्षा सस्ता रखने के लिए राजकोषीय उपाय आवश्यक हैं। अब जबकि कोयले पर पाबंदी है, प्राकृतिक गैस की कीमत उद्योग को अप्रतिस्पर्धी बनाती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से निष्कर्ष सही है/हैं?
- 1.हमारे उपभोग की ऊर्जा का स्रोत, अधिक स्वच्छ वायु के लिए होने वाली लड़ाई का मूल है।
- 2.जहाँ इच्छाशक्ति मजबूत हो और लोग सहमत हों कि ऐसी पाबंदियाँ समाज के व्यापक कल्याण के लिए हैं, वहाँ पाबंदियाँ प्रभावी होती हैं।
- 3.ऐसी नीति के लिए न्यायिक अनुमोदन दिया गया है, जो वित्तीय रूप से हस्तक्षेप कर अधिक स्वच्छ ईंधन के लिए हितकारी कीमत-निर्धारण को सुकर बनाए।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।