Question 1 of 20 · CSAT 2026, Q16
Passage · परिच्छेद · read it, then answer
अवस्फीति (डिफ्लेशन) कैसे की जाती है? अधिकांश देश ‘दोहरी अवस्फीति’ नामक एक पद्धति का प्रयोग करते हैं, जहाँ आगत (इन्पुट) और निर्गत (आउटपुट) कीमतें अलग-अलग अवस्फीत की जाती हैं। मान लीजिए कोई निर्माता उत्पादन में उपयोग के लिए तेल का आयात कर रहा है। यदि तेल की कीमतें गिरती हैं, निर्गत कीमतें नहीं गिरतीं, और मात्राएँ अपरिवर्तित रहती हैं, तो वर्धित वास्तविक मूल्य परिवर्तित नहीं होना चाहिए। किन्तु यदि उसी अवस्फीति-कारक को आगतों और निर्गतों के लिए प्रयोग किया जाए, जैसा कि भारत में होता है, तो ऐसा प्रतीत होगा, जैसे कि उस निर्माता की उत्पादकता और अधिक बढ़ गई।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
- 1.तेल की गिरती हुई कीमतों के साथ स्थिर निर्गत लागत और अपरिवर्तित मात्राओं की स्थिति में वास्तविक मूल्य परिवर्तित नहीं होना चाहिए।
- 2.आगतों और निर्गतों के लिए अवस्फीति-कारकों का अलग-अलग प्रयोग किया जाना है, और यही पद्धति सार्वभौमिक रूप से सभी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा अपनाई जाती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।