Question 1 of 19 · CSAT 2026, Q61
Passage · परिच्छेद · read it, then answer
क्या यह धूप-छाँव भरा परिवेश था, स्ट्रॉबेरी और क्रीम थी, सेंटर कोर्ट में सर्बिया के नोवाक जोकोविच के विरुद्ध फ्लेवियो कोबोली की अप्रत्याशित गलती की कुंठा थी, या नितांत लोक जीवन के तीसरे पड़ाव में किसी 64-वर्षीय व्यक्ति होने का असहनीय बोझ मात्र था? जो भी कारण रहा हो, अभिनेता ह्यू ग्रांट समानुभूति के पात्र हैं। विम्बलडन के रॉयल बॉक्स में वे बैठे थे, उनके बगल में ब्रिटेन के सुसज्जित और पर्याप्त रूप से विश्रांत दर्शक थे, जो पुरुष-एकल क्वार्टर-फाइनल देख रहे थे, तभी अभिनेता ने शांत भाव से जो कुछ किया वह पराकाष्ठा थी : सिर एक ओर झुका हुआ, आँखें बंद, सर्वथा निश्चिन्त, उन्होंने झपकी ली। एक अप्रत्याशित ऐस (ace) सर्व करने के लिए ग्रांट की प्रशंसा की जानी चाहिए। उस छोटे, सुखद क्षण में, उन्होंने केवल झपकी भर नहीं ली, बल्कि उन्होंने समर्पण का एक सुरुचिपूर्ण उदाहरण रख दिया। आलस्य के प्रति नहीं, किन्तु सीमाओं के प्रति। समाज के कठोर प्रदर्शन-मानदंड के ऊपर, शरीर के निश्चल विवेक के प्रति। विम्बलडन का टेनिस तो चल ही रहा था। निरंतर रूप से निद्रा-वंचित ने खोज निकाला एक प्रमुख अभिनेता को, ऐक्शन का नहीं, बल्कि विश्राम का।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
- 1.इस पराकाष्ठापूर्ण कृत्य के लिए सौम्य समर्पण को भी उत्तरदायी माना जा सकता है, जहाँ व्यक्ति सामाजिक अपेक्षाओं के विरुद्ध कार्य करता है।
- 2.उम्र और अन्य कारकों के चलते अपनी सीमाओं के प्रति आत्मसमर्पण करने को आलस्य के साथ सम्मिश्रित नहीं किया जाना चाहिए।
- 3.‘प्रमुख अभिनेता’ सामान्यतः उसे कहते हैं, जो किसी चलचित्र में मुख्य भूमिका निभाता है; इस उदाहरण का निहितार्थ यह है कि ह्यू ग्रांट किसी ऐक्शन हीरो की भूमिका अदा नहीं कर रहे हैं, बल्कि किसी विश्राम लेते हुए व्यक्ति की भूमिका निभा रहे हैं !
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।