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What's in this test
Topic
Questions
Easy
Medium
Hard
Reading comprehension
27
12
14
1
Puzzles, arrangements & general mental ability
19
10
9
0
Arithmetic: percentage, ratio, averages, time & work
16
16
0
0
Geometry & mensuration
6
6
0
0
Logical & analytical reasoning
5
5
0
0
Counting, permutations & probability
4
3
1
0
Number system
3
3
0
0
17 passages in this set; each comes with all its questions, one after another.
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शासन और लोक प्रशासन में कमियों के मूल में स्थित एक प्रमुख कारक, आमतौर से शासन में, और मुख्य रूप से सिविल सेवाओं में, जवाबदेही का होना या न होना है। जवाबदेही का एक प्रभावी ढांचा रूपांकित करना सुधार कार्यसूची का एक मुख्य तत्व रहा है। मूलभूत मुद्दा यह है कि क्या सिविल सेवाओं को तत्कालीन राजनीतिक कार्यपालिका के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, अथवा व्यापक रूप में समाज के प्रति। दूसरे शब्दों में, आंतरिक और बाह्य जवाबदेही के बीच सामंजस्य कैसे स्थापित किया जाए ? आंतरिक जवाबदेही को आंतरिक निष्पादन के परिवीक्षण, केन्द्रीय सतर्कता आयोग एवं नियंत्रक-महालेखापरीक्षक जैसे निकायों के अधिकारिक निरीक्षण तथा अधिशासी निर्णयों के न्यायिक पुनर्विलोकन के द्वारा प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 और 312 सिविल सेवाओं, खास कर अखिल भारतीय सेवाओं, में नौकरी की सुरक्षा एवं रक्षोपाय का उपबंध करते हैं। संविधान निर्माताओं ने यह ध्यान में रखा था कि इन संरक्षण उपबंधों के परिणामस्वरूप ऐसी सिविल सेवा बनेगी जो राजनीतिक कार्यपालिका की पूर्णतः अनुसेवी नहीं होगी वरन् उसमें वृहत्तर लोकहित में कार्य करने की शक्ति होगी। इस प्रकार संविधान में आंतरिक और बाह्य जवाबदेही के बीच संतुलन रखने की आवश्यकता सन्निहित है। प्रश्न यह है कि दोनों के बीच रेखा कहां खींची जाए। वर्षों बाद, सिविल सेवाओं की अधिकतर आंतरिक जवाबदेही का जोर तत्कालीन राजनीतिक नेताओं के पक्ष में अधिक झुका दिखाई देता है, जिनसे, बदले में, निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से व्यापक समाज के प्रति बाह्य रूप से जवाबदेह होने की अपेक्षा की जाती है। समाज के प्रति जवाबदेही लाने के प्रयास करने की इस प्रणाली से कोई समाधान प्राप्त नहीं हुआ है, और इससे शासन के लिए अनेक प्रतिकूल परिणाम सामने आए हैं।
सिविल सेवाओं में जवाबदेही के सुधार के लिए कुछ विशेष उपायों पर विचार किया जा सकता है। अनुच्छेद 311 और 312 के उपबंधों का पुनरीक्षण किया जाना चाहिए और सिविल सेवाओं की बाह्य जवाबदेही के लिए विधि एवं विनियम बनाए जाने चाहिए। प्रस्तावित सिविल सेवा विधेयक इनमें से कुछ आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करता है। वृत्तिक (प्रोफेशनल) सिविल सेवाओं और राजनीतिक कार्यपालिका की अपनी-अपनी भूमिकाएं परिभाषित की जानी चाहिए ताकि वृत्तिक प्रबंधकीय कार्य और सिविल सेवाओं के प्रबंधन का अराजनीतिकरण हो सके। इस प्रयोजन के लिए, केंद्र और राज्यों में प्रभावी सांविधिक सिविल सेवा बोर्ड बनाए जाने चाहिए। शासन और निर्णयन को लोगों के अधिक समीप लाने हेतु सत्ता का विकेंद्रीकरण और अवक्रमण (डीवोल्यूशन) भी जवाबदेही के संवर्धन में सहायक होता है।
परिच्छेद के अनुसार, निम्नलिखित में कौनसे कारक/कारकों के कारण शासन/लोक प्रशासन के लिए प्रतिकूल परिणाम सामने आए हैं ?
1.आंतरिक एवं बाह्य जवाबदेहियों के बीच संतुलन बनाने में सिविल सेवाओं की अक्षमता
2.अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए पर्याप्त वृत्तिक प्रशिक्षण का अभाव
3.सिविल सेवाओं में उपयुक्त सेवा हितलाभों की कमी
4.इस संदर्भ में राजनीतिक कार्यपालिका के, और उसकी तुलना में, वृत्तिक सिविल सेवाओं के अपनी-अपनी भूमिकाओं को परिभाषित करने वाले सांविधानिक उपबंधों का अभाव
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
Question 2 of 80 · CSAT 2016, Q2
Passage · परिच्छेद-1 · read it, then answer
शासन और लोक प्रशासन में कमियों के मूल में स्थित एक प्रमुख कारक, आमतौर से शासन में, और मुख्य रूप से सिविल सेवाओं में, जवाबदेही का होना या न होना है। जवाबदेही का एक प्रभावी ढांचा रूपांकित करना सुधार कार्यसूची का एक मुख्य तत्व रहा है। मूलभूत मुद्दा यह है कि क्या सिविल सेवाओं को तत्कालीन राजनीतिक कार्यपालिका के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, अथवा व्यापक रूप में समाज के प्रति। दूसरे शब्दों में, आंतरिक और बाह्य जवाबदेही के बीच सामंजस्य कैसे स्थापित किया जाए ? आंतरिक जवाबदेही को आंतरिक निष्पादन के परिवीक्षण, केन्द्रीय सतर्कता आयोग एवं नियंत्रक-महालेखापरीक्षक जैसे निकायों के अधिकारिक निरीक्षण तथा अधिशासी निर्णयों के न्यायिक पुनर्विलोकन के द्वारा प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 और 312 सिविल सेवाओं, खास कर अखिल भारतीय सेवाओं, में नौकरी की सुरक्षा एवं रक्षोपाय का उपबंध करते हैं। संविधान निर्माताओं ने यह ध्यान में रखा था कि इन संरक्षण उपबंधों के परिणामस्वरूप ऐसी सिविल सेवा बनेगी जो राजनीतिक कार्यपालिका की पूर्णतः अनुसेवी नहीं होगी वरन् उसमें वृहत्तर लोकहित में कार्य करने की शक्ति होगी। इस प्रकार संविधान में आंतरिक और बाह्य जवाबदेही के बीच संतुलन रखने की आवश्यकता सन्निहित है। प्रश्न यह है कि दोनों के बीच रेखा कहां खींची जाए। वर्षों बाद, सिविल सेवाओं की अधिकतर आंतरिक जवाबदेही का जोर तत्कालीन राजनीतिक नेताओं के पक्ष में अधिक झुका दिखाई देता है, जिनसे, बदले में, निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से व्यापक समाज के प्रति बाह्य रूप से जवाबदेह होने की अपेक्षा की जाती है। समाज के प्रति जवाबदेही लाने के प्रयास करने की इस प्रणाली से कोई समाधान प्राप्त नहीं हुआ है, और इससे शासन के लिए अनेक प्रतिकूल परिणाम सामने आए हैं।
सिविल सेवाओं में जवाबदेही के सुधार के लिए कुछ विशेष उपायों पर विचार किया जा सकता है। अनुच्छेद 311 और 312 के उपबंधों का पुनरीक्षण किया जाना चाहिए और सिविल सेवाओं की बाह्य जवाबदेही के लिए विधि एवं विनियम बनाए जाने चाहिए। प्रस्तावित सिविल सेवा विधेयक इनमें से कुछ आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करता है। वृत्तिक (प्रोफेशनल) सिविल सेवाओं और राजनीतिक कार्यपालिका की अपनी-अपनी भूमिकाएं परिभाषित की जानी चाहिए ताकि वृत्तिक प्रबंधकीय कार्य और सिविल सेवाओं के प्रबंधन का अराजनीतिकरण हो सके। इस प्रयोजन के लिए, केंद्र और राज्यों में प्रभावी सांविधिक सिविल सेवा बोर्ड बनाए जाने चाहिए। शासन और निर्णयन को लोगों के अधिक समीप लाने हेतु सत्ता का विकेंद्रीकरण और अवक्रमण (डीवोल्यूशन) भी जवाबदेही के संवर्धन में सहायक होता है।
परिच्छेद का सन्दर्भ लेते हुए, निम्नलिखित पूर्वधारणाएं बनाई गई हैं :
1.समाज के प्रति सिविल सेवाओं की जवाबदेही में राजनीतिक कार्यपालिका एक अवरोध है
2.भारतीय राजनीति-व्यवस्था के वर्तमान ढांचे में, राजनीतिक कार्यपालिका समाज के प्रति जवाबदेह नहीं रह गई है
इन पूर्वधारणाओं में कौनसी वैध है/हैं ?
Question 3 of 80 · CSAT 2016, Q3
Passage · परिच्छेद-1 · read it, then answer
शासन और लोक प्रशासन में कमियों के मूल में स्थित एक प्रमुख कारक, आमतौर से शासन में, और मुख्य रूप से सिविल सेवाओं में, जवाबदेही का होना या न होना है। जवाबदेही का एक प्रभावी ढांचा रूपांकित करना सुधार कार्यसूची का एक मुख्य तत्व रहा है। मूलभूत मुद्दा यह है कि क्या सिविल सेवाओं को तत्कालीन राजनीतिक कार्यपालिका के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, अथवा व्यापक रूप में समाज के प्रति। दूसरे शब्दों में, आंतरिक और बाह्य जवाबदेही के बीच सामंजस्य कैसे स्थापित किया जाए ? आंतरिक जवाबदेही को आंतरिक निष्पादन के परिवीक्षण, केन्द्रीय सतर्कता आयोग एवं नियंत्रक-महालेखापरीक्षक जैसे निकायों के अधिकारिक निरीक्षण तथा अधिशासी निर्णयों के न्यायिक पुनर्विलोकन के द्वारा प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 और 312 सिविल सेवाओं, खास कर अखिल भारतीय सेवाओं, में नौकरी की सुरक्षा एवं रक्षोपाय का उपबंध करते हैं। संविधान निर्माताओं ने यह ध्यान में रखा था कि इन संरक्षण उपबंधों के परिणामस्वरूप ऐसी सिविल सेवा बनेगी जो राजनीतिक कार्यपालिका की पूर्णतः अनुसेवी नहीं होगी वरन् उसमें वृहत्तर लोकहित में कार्य करने की शक्ति होगी। इस प्रकार संविधान में आंतरिक और बाह्य जवाबदेही के बीच संतुलन रखने की आवश्यकता सन्निहित है। प्रश्न यह है कि दोनों के बीच रेखा कहां खींची जाए। वर्षों बाद, सिविल सेवाओं की अधिकतर आंतरिक जवाबदेही का जोर तत्कालीन राजनीतिक नेताओं के पक्ष में अधिक झुका दिखाई देता है, जिनसे, बदले में, निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से व्यापक समाज के प्रति बाह्य रूप से जवाबदेह होने की अपेक्षा की जाती है। समाज के प्रति जवाबदेही लाने के प्रयास करने की इस प्रणाली से कोई समाधान प्राप्त नहीं हुआ है, और इससे शासन के लिए अनेक प्रतिकूल परिणाम सामने आए हैं।
सिविल सेवाओं में जवाबदेही के सुधार के लिए कुछ विशेष उपायों पर विचार किया जा सकता है। अनुच्छेद 311 और 312 के उपबंधों का पुनरीक्षण किया जाना चाहिए और सिविल सेवाओं की बाह्य जवाबदेही के लिए विधि एवं विनियम बनाए जाने चाहिए। प्रस्तावित सिविल सेवा विधेयक इनमें से कुछ आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करता है। वृत्तिक (प्रोफेशनल) सिविल सेवाओं और राजनीतिक कार्यपालिका की अपनी-अपनी भूमिकाएं परिभाषित की जानी चाहिए ताकि वृत्तिक प्रबंधकीय कार्य और सिविल सेवाओं के प्रबंधन का अराजनीतिकरण हो सके। इस प्रयोजन के लिए, केंद्र और राज्यों में प्रभावी सांविधिक सिविल सेवा बोर्ड बनाए जाने चाहिए। शासन और निर्णयन को लोगों के अधिक समीप लाने हेतु सत्ता का विकेंद्रीकरण और अवक्रमण (डीवोल्यूशन) भी जवाबदेही के संवर्धन में सहायक होता है।
निम्नलिखित में कौनसा एक, इस परिच्छेद में अन्तर्निहित अनिवार्य संदेश है ?
Question 4 of 80 · CSAT 2016, Q4
Passage · परिच्छेद-1 · read it, then answer
शासन और लोक प्रशासन में कमियों के मूल में स्थित एक प्रमुख कारक, आमतौर से शासन में, और मुख्य रूप से सिविल सेवाओं में, जवाबदेही का होना या न होना है। जवाबदेही का एक प्रभावी ढांचा रूपांकित करना सुधार कार्यसूची का एक मुख्य तत्व रहा है। मूलभूत मुद्दा यह है कि क्या सिविल सेवाओं को तत्कालीन राजनीतिक कार्यपालिका के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, अथवा व्यापक रूप में समाज के प्रति। दूसरे शब्दों में, आंतरिक और बाह्य जवाबदेही के बीच सामंजस्य कैसे स्थापित किया जाए ? आंतरिक जवाबदेही को आंतरिक निष्पादन के परिवीक्षण, केन्द्रीय सतर्कता आयोग एवं नियंत्रक-महालेखापरीक्षक जैसे निकायों के अधिकारिक निरीक्षण तथा अधिशासी निर्णयों के न्यायिक पुनर्विलोकन के द्वारा प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 और 312 सिविल सेवाओं, खास कर अखिल भारतीय सेवाओं, में नौकरी की सुरक्षा एवं रक्षोपाय का उपबंध करते हैं। संविधान निर्माताओं ने यह ध्यान में रखा था कि इन संरक्षण उपबंधों के परिणामस्वरूप ऐसी सिविल सेवा बनेगी जो राजनीतिक कार्यपालिका की पूर्णतः अनुसेवी नहीं होगी वरन् उसमें वृहत्तर लोकहित में कार्य करने की शक्ति होगी। इस प्रकार संविधान में आंतरिक और बाह्य जवाबदेही के बीच संतुलन रखने की आवश्यकता सन्निहित है। प्रश्न यह है कि दोनों के बीच रेखा कहां खींची जाए। वर्षों बाद, सिविल सेवाओं की अधिकतर आंतरिक जवाबदेही का जोर तत्कालीन राजनीतिक नेताओं के पक्ष में अधिक झुका दिखाई देता है, जिनसे, बदले में, निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से व्यापक समाज के प्रति बाह्य रूप से जवाबदेह होने की अपेक्षा की जाती है। समाज के प्रति जवाबदेही लाने के प्रयास करने की इस प्रणाली से कोई समाधान प्राप्त नहीं हुआ है, और इससे शासन के लिए अनेक प्रतिकूल परिणाम सामने आए हैं।
सिविल सेवाओं में जवाबदेही के सुधार के लिए कुछ विशेष उपायों पर विचार किया जा सकता है। अनुच्छेद 311 और 312 के उपबंधों का पुनरीक्षण किया जाना चाहिए और सिविल सेवाओं की बाह्य जवाबदेही के लिए विधि एवं विनियम बनाए जाने चाहिए। प्रस्तावित सिविल सेवा विधेयक इनमें से कुछ आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करता है। वृत्तिक (प्रोफेशनल) सिविल सेवाओं और राजनीतिक कार्यपालिका की अपनी-अपनी भूमिकाएं परिभाषित की जानी चाहिए ताकि वृत्तिक प्रबंधकीय कार्य और सिविल सेवाओं के प्रबंधन का अराजनीतिकरण हो सके। इस प्रयोजन के लिए, केंद्र और राज्यों में प्रभावी सांविधिक सिविल सेवा बोर्ड बनाए जाने चाहिए। शासन और निर्णयन को लोगों के अधिक समीप लाने हेतु सत्ता का विकेंद्रीकरण और अवक्रमण (डीवोल्यूशन) भी जवाबदेही के संवर्धन में सहायक होता है।
परिच्छेद के अनुसार, निम्नलिखित में कौनसा एक, सिविल सेवाओं की आंतरिक जवाबदेही के संवर्धन का साधन नहीं है ?
Question 5 of 80 · CSAT 2016, Q5
Passage · परिच्छेद-2 · read it, then answer
सामान्य रूप में, धार्मिक परम्पराएँ ईश्वर के या किसी सार्वभौम नैतिक सिद्धांत के प्रति हमारे कर्त्तव्य पर बल देती हैं। एक दूसरे के प्रति हमारे कर्त्तव्य इन्हीं से व्युत्पन्न होते हैं। अधिकारों की धार्मिक संकल्पना मुख्यतः इस देवत्व या सिद्धान्त के साथ हमारे संबंध से, और हमारे अन्य संबंधों पर पड़ने वाले इसके निहितार्थ से ही व्युत्पन्न हुई है। अधिकारों और कर्त्तव्यों के बीच यह संगतता न्याय के किसी उच्चतर बोध के लिए महत्वपूर्ण है। किन्तु, न्याय को आचरण में लाने के लिए, सद्गुण, अधिकार और कर्त्तव्य औपचारिक अमूर्त तत्व नहीं रह सकते। उन्हें सामान्य मिलन (कम्युनियन) के संवेदन से बंधे हुए समुदाय (सामान्य एकता) में उतारना परमावश्यक है। वैयक्तिक सद्गुण के रूप में भी यह एकात्मता, न्याय की साधना और बोध के लिए आवश्यक है।
परिच्छेद का सन्दर्भ लेते हुए, निम्नलिखित पूर्वधारणाएं बनाई गई हैं :
1.मानव संबंध उनकी धार्मिक परंपराओं से व्युत्पन्न होते हैं
2.मनुष्य कर्त्तव्य से तभी बंधे हो सकते हैं जब वे ईश्वर में विश्वास करें
3.न्याय की साधना और बोध के लिए धार्मिक परम्पराएँ आवश्यक हैं
इनमें से कौनसी पूर्वधारणा/पूर्वधारणाएं वैध है/हैं ?
Question 6 of 80 · CSAT 2016, Q6
Passage · परिच्छेद-2 · read it, then answer
सामान्य रूप में, धार्मिक परम्पराएँ ईश्वर के या किसी सार्वभौम नैतिक सिद्धांत के प्रति हमारे कर्त्तव्य पर बल देती हैं। एक दूसरे के प्रति हमारे कर्त्तव्य इन्हीं से व्युत्पन्न होते हैं। अधिकारों की धार्मिक संकल्पना मुख्यतः इस देवत्व या सिद्धान्त के साथ हमारे संबंध से, और हमारे अन्य संबंधों पर पड़ने वाले इसके निहितार्थ से ही व्युत्पन्न हुई है। अधिकारों और कर्त्तव्यों के बीच यह संगतता न्याय के किसी उच्चतर बोध के लिए महत्वपूर्ण है। किन्तु, न्याय को आचरण में लाने के लिए, सद्गुण, अधिकार और कर्त्तव्य औपचारिक अमूर्त तत्व नहीं रह सकते। उन्हें सामान्य मिलन (कम्युनियन) के संवेदन से बंधे हुए समुदाय (सामान्य एकता) में उतारना परमावश्यक है। वैयक्तिक सद्गुण के रूप में भी यह एकात्मता, न्याय की साधना और बोध के लिए आवश्यक है।
निम्नलिखित में कौनसा एक, इस परिच्छेद का मर्म है ?
Question 7 of 80 · CSAT 2016, Q7
A ने अंगूर और अनन्नास खाए; B ने अंगूर और नारंगियाँ खाई; C ने नारंगियाँ, अनन्नास और सेब खाए। D नें अंगूर, सेब और अनन्नास खाए। फल खाने के बाद B और C बीमार पड़ गए।
उपर्युक्त तथ्यों के प्रकाश में, बीमारी का कारण किसे कहा जा सकता है ?
Question 8 of 80 · CSAT 2016, Q8
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1.देश में जनसंख्या वृद्धि दर बढ़ रही है
2.देश में मृत्यु दर, जन्म दर की तुलना में तेजी से घट रही है
3.देश में जन्म दर, मृत्यु दर की तुलना में तेजी से घट रही है
4.देश में नियमित रूप से ग्राम-नगर प्रवसन हो रहा है
उपर्युक्त तथ्यों के प्रकाश में, निम्नलिखित निष्कर्षों में से कौनसा एक, सही हो सकता है ?
Question 9 of 80 · CSAT 2016, Q9
कोई व्यक्ति X ऐसे स्थान पर गाड़ी चला रहा था जहाँ सभी सड़कें या तो उत्तर-दक्षिण की ओर या पूर्व-पश्चिम की ओर जाते हुए ग्रिड बनाती हैं। सड़कें एक दूसरे से समांतर 1 km की दूरी पर हैं। वह दो सड़कों के प्रतिच्छेदन स्थल से गाड़ी चलाना आरम्भ कर, 3 km उत्तर में, 3 km पश्चिम में और 4 km दक्षिण में चला। आगे कौन सा मार्ग उसे उसके आरंभिक स्थान पर वापस ला सकेगा, यदि वह उसी मार्ग पर दुबारा न चले ?
Question 10 of 80 · CSAT 2016, Q10
निम्नलिखित कथन पर विचार कीजिये :
“हम या तो पिकनिक पर जायेंगे या दुर्गम यात्रा पर जायेंगे”
निम्नलिखित में से कौनसा, यदि सत्य है, तो इस दावे को झुठलाता है ?
Question 11 of 80 · CSAT 2016, Q11
50 संकाय-सदस्य थे, जिनमें 30 पुरुष तथा शेष स्त्रियाँ थीं। कोई भी पुरुष संकाय-सदस्य संगीत नहीं जानता था, लेकिन अनेक स्त्री संकाय-सदस्यों को संगीत की जानकारी थी। उस संस्था के अध्यक्ष ने लाटरी द्वारा छः संकाय-सदस्यों को चाय-पार्टी पर निमंत्रित किया। पार्टी के समय यह पता चला कि कोई भी सदस्य संगीत नहीं जानता है। निष्कर्ष निकलता है कि
Question 12 of 80 · CSAT 2016, Q12
पांच लोग A, B, C, D और E, एक गोल मेज के चारों ओर बैठे हुए हैं। प्रत्येक कुर्सी निकटवर्ती कुर्सियों से सम-दूरस्थ है।
(i) C, A के बगल में बैठा है
(ii) A, D से दो सीट के अंतर पर बैठा है
(iii) B, A के बगल में नहीं बैठा है
उपर्युक्त सूचना के आधार पर, निम्नलिखित में से कौनसा सही होना ही चाहिए ?
1.D, B के बगल में बैठा है
2.E, A के बगल में बैठा है
3.D और C के बीच दो सीटों का अन्तराल है
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
Question 13 of 80 · CSAT 2016, Q13
एक कॉलेज में पांच हॉबी क्लब हैं–फोटोग्राफी, नौकाविहार, शतरंज, इलेक्ट्रोनिकी और बागबानी। बागबानी दल हर दूसरे दिन एकत्र होता है, इलेक्ट्रोनिकी दल हर तीसरे दिन एकत्र होता है, शतरंज दल हर चौथे दिन एकत्र होता है, नौकाविहार दल हर पांचवें दिन एकत्र होता है और फोटोग्राफी दल हर छठवें दिन एकत्र होता है। 180 दिनों में सभी पांचों दल एक ही दिन में कितनी बार एकत्र हुए ?
Question 14 of 80 · CSAT 2016, Q14
एक पेड़ पर मधुरस से परिपूर्ण कुछ फूल हैं और कुछ मधुमक्खियाँ उन फूलों पर मंडरा रही हैं। यदि एक मधुमक्खी प्रत्येक फूल पर बैठ जाए तो एक मधुमक्खी छूट जाती है। यदि दो मधुमक्खियाँ प्रत्येक फूल पर बैठ जाएं तो एक फूल छूट जाता है। फूलों एवं मधुमक्खियों की संख्या क्रमशः कितनी है ?
Question 15 of 80 · CSAT 2016, Q15
निम्नलिखित पांच (05) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : नीचे दी गई सूचना पर विचार कीजिए और इसके बाद आने वाले पांच प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए :
एक दल में पांच व्यक्ति हैं — P, Q, R, S और T। दल में एक चिकित्सक, एक वकील और एक कलाकार है। P और S अविवाहित विद्यार्थी हैं। T एक पुरुष है जिसका विवाह दल के एक सदस्य से हुआ है। Q, P का भाई है और वह न तो चिकित्सक है, न ही कलाकार। R चिकित्सक नहीं है।
चिकित्सक कौन है ?
Question 16 of 80 · CSAT 2016, Q16
निम्नलिखित पांच (05) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : नीचे दी गई सूचना पर विचार कीजिए और इसके बाद आने वाले पांच प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए :
एक दल में पांच व्यक्ति हैं — P, Q, R, S और T। दल में एक चिकित्सक, एक वकील और एक कलाकार है। P और S अविवाहित विद्यार्थी हैं। T एक पुरुष है जिसका विवाह दल के एक सदस्य से हुआ है। Q, P का भाई है और वह न तो चिकित्सक है, न ही कलाकार। R चिकित्सक नहीं है।
कलाकार कौन है ?
Question 17 of 80 · CSAT 2016, Q17
निम्नलिखित पांच (05) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : नीचे दी गई सूचना पर विचार कीजिए और इसके बाद आने वाले पांच प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए :
एक दल में पांच व्यक्ति हैं — P, Q, R, S और T। दल में एक चिकित्सक, एक वकील और एक कलाकार है। P और S अविवाहित विद्यार्थी हैं। T एक पुरुष है जिसका विवाह दल के एक सदस्य से हुआ है। Q, P का भाई है और वह न तो चिकित्सक है, न ही कलाकार। R चिकित्सक नहीं है।
R का पति/पत्नी कौन है ?
Question 18 of 80 · CSAT 2016, Q18
निम्नलिखित पांच (05) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : नीचे दी गई सूचना पर विचार कीजिए और इसके बाद आने वाले पांच प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए :
एक दल में पांच व्यक्ति हैं — P, Q, R, S और T। दल में एक चिकित्सक, एक वकील और एक कलाकार है। P और S अविवाहित विद्यार्थी हैं। T एक पुरुष है जिसका विवाह दल के एक सदस्य से हुआ है। Q, P का भाई है और वह न तो चिकित्सक है, न ही कलाकार। R चिकित्सक नहीं है।
वकील कौन है ?
Question 19 of 80 · CSAT 2016, Q19
निम्नलिखित पांच (05) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : नीचे दी गई सूचना पर विचार कीजिए और इसके बाद आने वाले पांच प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए :
एक दल में पांच व्यक्ति हैं — P, Q, R, S और T। दल में एक चिकित्सक, एक वकील और एक कलाकार है। P और S अविवाहित विद्यार्थी हैं। T एक पुरुष है जिसका विवाह दल के एक सदस्य से हुआ है। Q, P का भाई है और वह न तो चिकित्सक है, न ही कलाकार। R चिकित्सक नहीं है।
निम्नलिखित में से कौन निश्चित रूप से पुरुष है ?
Question 20 of 80 · CSAT 2016, Q20
एक ग्राहक द्वारा किसी खास उत्पाद की 19000 मात्रा का एक क्रय-आदेश दिया गया है। कम्पनी प्रतिदिन उस उत्पाद की 1000 मात्रा उत्पादित करती है जिसमें से 5% बिक्री के अनुपयुक्त होती है। क्रय-आदेश कितने दिनों में पूरा होगा ?
Question 21 of 80 · CSAT 2016, Q21
Passage · परिच्छेद-1 · read it, then answer
शक्ति, ऊष्मा और परिवहन के ईंधन के रूप में जैवमात्रा (बायोमास) की न्यूनीकरण समर्थता सभी नवीकरणीय स्रोतों से अधिक है। यह कृषि और वन अवशिष्टों, साथ ही ऊर्जा-फसलों से प्राप्त होती है। जैवमात्रा अवशिष्टों का उपयोग करने में सबसे बड़ी चुनौती शक्ति-संयंत्रों में उचित लागत पर की जानेवाली उनकी विश्वसनीय दीर्घावधि पूर्ति ही है, मुख्य समस्याएं सुप्रचालनिक (लॉजिस्टिकल) अवरोध और ईंधन-संग्रहण की लागत हैं। यदि ऊर्जा-फसलों का उचित रीति से प्रबंधन न हो तो, वे अन्न उत्पादन के साथ प्रतिस्पर्धा करती हैं और अन्न की कीमतों पर उनका अवांछित असर पड़ सकता है। जैवमात्रा का उत्पादन परिवर्तनशील जलवायु के भौतिक प्रभावों के प्रति भी संवेदनशील होता है।
जब तक नव-प्रौद्योगिकियाँ उत्पादकता को सारभूत रूप में न बढ़ाएं, तब तक धारणीय जैवमात्रा पूर्ति की सीमाओं को देखते हुए, जैवमात्रा की भावी भूमिका का संभवतः वास्तविकता से अधिक अनुमान लगाया गया है। जलवायु-ऊर्जा प्रतिरूप यह प्रकल्पित करते हैं कि 2050 में बायोमास का उपयोग लगभग चारगुना बढ़ कर 150 – 200 एक्साजूल हो सकता है जो कि विश्व की प्राथमिक ऊर्जा या लगभग एक-चौथाई है। परन्तु खाद्य एवं वन्य संसाधनों का कोई विनाश किए बिना, 2050 तक प्रतिवर्ष बायोमास संसाधनों की अधिकतम धारणीय तकनीकी क्षमता (अवशिष्ट और ऊर्जा फसल दोनों) 80 – 170 एक्साजूल के परिसर में होगी और इसका सिर्फ एक अंश वास्तविक और आर्थिक रूप से साध्य होगा। इसके अतिरिक्त, कुछ जलवायु प्रतिरूप ऋणात्मक उत्सर्जन प्राप्त करने और शताब्दी के पूर्वार्ध में कुछ मुहलत जुटाने के लिए बायोमास आधारित कार्बन प्रग्रहण एवं संचयन पर, जो कि एक अप्रमाणित प्रौद्योगिकी है, आश्रित है।
कुछ द्रव्य जैवईंधन जैसे मकई आधारित इथेनोल, प्रमुख रूप से परिवहन हेतु, जीवन चक्र आधार पर कार्बन उत्सर्जनों में सुधार लाने की जगह उन्हें और बदतर कर सकते हैं। लिग्नो-सेलुलोसिक चारा आधारित दूसरी पीढ़ी के कुछ जैवईंधन जैसे कि पुआल, खोई, घास और काष्ठ ऐसे धारणीय उत्पादन की सम्भाव्यता रखते हैं जो उच्च उत्पादकता वाले हों तथा ग्रीनहाउस गैस के निम्न स्तर का उत्सर्जन करें, किन्तु वे अभी तक अनुसंधान और विश्लेषण के चरण में हैं।
शक्ति-जनन के लिए जैवमात्रा को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने में मौजूदा बाधा/बाधाएं क्या है/हैं ?
1.जैवमात्रा की धारणीय पूर्ति का अभाव
2.जैवमात्रा उत्पादन अन्न-उत्पादन के साथ प्रतिस्पर्धी हो जाता है
3.जैव-ऊर्जा, जीवन-चक्र आधार पर, सदैव निम्न-कार्बन नहीं हो सकती
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
Question 22 of 80 · CSAT 2016, Q22
Passage · परिच्छेद-1 · read it, then answer
शक्ति, ऊष्मा और परिवहन के ईंधन के रूप में जैवमात्रा (बायोमास) की न्यूनीकरण समर्थता सभी नवीकरणीय स्रोतों से अधिक है। यह कृषि और वन अवशिष्टों, साथ ही ऊर्जा-फसलों से प्राप्त होती है। जैवमात्रा अवशिष्टों का उपयोग करने में सबसे बड़ी चुनौती शक्ति-संयंत्रों में उचित लागत पर की जानेवाली उनकी विश्वसनीय दीर्घावधि पूर्ति ही है, मुख्य समस्याएं सुप्रचालनिक (लॉजिस्टिकल) अवरोध और ईंधन-संग्रहण की लागत हैं। यदि ऊर्जा-फसलों का उचित रीति से प्रबंधन न हो तो, वे अन्न उत्पादन के साथ प्रतिस्पर्धा करती हैं और अन्न की कीमतों पर उनका अवांछित असर पड़ सकता है। जैवमात्रा का उत्पादन परिवर्तनशील जलवायु के भौतिक प्रभावों के प्रति भी संवेदनशील होता है।
जब तक नव-प्रौद्योगिकियाँ उत्पादकता को सारभूत रूप में न बढ़ाएं, तब तक धारणीय जैवमात्रा पूर्ति की सीमाओं को देखते हुए, जैवमात्रा की भावी भूमिका का संभवतः वास्तविकता से अधिक अनुमान लगाया गया है। जलवायु-ऊर्जा प्रतिरूप यह प्रकल्पित करते हैं कि 2050 में बायोमास का उपयोग लगभग चारगुना बढ़ कर 150 – 200 एक्साजूल हो सकता है जो कि विश्व की प्राथमिक ऊर्जा या लगभग एक-चौथाई है। परन्तु खाद्य एवं वन्य संसाधनों का कोई विनाश किए बिना, 2050 तक प्रतिवर्ष बायोमास संसाधनों की अधिकतम धारणीय तकनीकी क्षमता (अवशिष्ट और ऊर्जा फसल दोनों) 80 – 170 एक्साजूल के परिसर में होगी और इसका सिर्फ एक अंश वास्तविक और आर्थिक रूप से साध्य होगा। इसके अतिरिक्त, कुछ जलवायु प्रतिरूप ऋणात्मक उत्सर्जन प्राप्त करने और शताब्दी के पूर्वार्ध में कुछ मुहलत जुटाने के लिए बायोमास आधारित कार्बन प्रग्रहण एवं संचयन पर, जो कि एक अप्रमाणित प्रौद्योगिकी है, आश्रित है।
कुछ द्रव्य जैवईंधन जैसे मकई आधारित इथेनोल, प्रमुख रूप से परिवहन हेतु, जीवन चक्र आधार पर कार्बन उत्सर्जनों में सुधार लाने की जगह उन्हें और बदतर कर सकते हैं। लिग्नो-सेलुलोसिक चारा आधारित दूसरी पीढ़ी के कुछ जैवईंधन जैसे कि पुआल, खोई, घास और काष्ठ ऐसे धारणीय उत्पादन की सम्भाव्यता रखते हैं जो उच्च उत्पादकता वाले हों तथा ग्रीनहाउस गैस के निम्न स्तर का उत्सर्जन करें, किन्तु वे अभी तक अनुसंधान और विश्लेषण के चरण में हैं।
निम्नलिखित में से किसके/किनके कारण खाद्य-सुरक्षा की समस्या हो सकती है ?
1.शक्ति-जनन हेतु कृषि एवं वन अवशिष्टों का भरण-सामग्री (फीडस्टॉक) के रूप में उपयोग करना
2.जैवमात्रा का कार्बन प्रग्रहण एवं संचयन के लिए उपयोग करना
3.ऊर्जा-फसलों की कृषि को बढ़ावा देना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
Question 23 of 80 · CSAT 2016, Q23
Passage · परिच्छेद-1 · read it, then answer
शक्ति, ऊष्मा और परिवहन के ईंधन के रूप में जैवमात्रा (बायोमास) की न्यूनीकरण समर्थता सभी नवीकरणीय स्रोतों से अधिक है। यह कृषि और वन अवशिष्टों, साथ ही ऊर्जा-फसलों से प्राप्त होती है। जैवमात्रा अवशिष्टों का उपयोग करने में सबसे बड़ी चुनौती शक्ति-संयंत्रों में उचित लागत पर की जानेवाली उनकी विश्वसनीय दीर्घावधि पूर्ति ही है, मुख्य समस्याएं सुप्रचालनिक (लॉजिस्टिकल) अवरोध और ईंधन-संग्रहण की लागत हैं। यदि ऊर्जा-फसलों का उचित रीति से प्रबंधन न हो तो, वे अन्न उत्पादन के साथ प्रतिस्पर्धा करती हैं और अन्न की कीमतों पर उनका अवांछित असर पड़ सकता है। जैवमात्रा का उत्पादन परिवर्तनशील जलवायु के भौतिक प्रभावों के प्रति भी संवेदनशील होता है।
जब तक नव-प्रौद्योगिकियाँ उत्पादकता को सारभूत रूप में न बढ़ाएं, तब तक धारणीय जैवमात्रा पूर्ति की सीमाओं को देखते हुए, जैवमात्रा की भावी भूमिका का संभवतः वास्तविकता से अधिक अनुमान लगाया गया है। जलवायु-ऊर्जा प्रतिरूप यह प्रकल्पित करते हैं कि 2050 में बायोमास का उपयोग लगभग चारगुना बढ़ कर 150 – 200 एक्साजूल हो सकता है जो कि विश्व की प्राथमिक ऊर्जा या लगभग एक-चौथाई है। परन्तु खाद्य एवं वन्य संसाधनों का कोई विनाश किए बिना, 2050 तक प्रतिवर्ष बायोमास संसाधनों की अधिकतम धारणीय तकनीकी क्षमता (अवशिष्ट और ऊर्जा फसल दोनों) 80 – 170 एक्साजूल के परिसर में होगी और इसका सिर्फ एक अंश वास्तविक और आर्थिक रूप से साध्य होगा। इसके अतिरिक्त, कुछ जलवायु प्रतिरूप ऋणात्मक उत्सर्जन प्राप्त करने और शताब्दी के पूर्वार्ध में कुछ मुहलत जुटाने के लिए बायोमास आधारित कार्बन प्रग्रहण एवं संचयन पर, जो कि एक अप्रमाणित प्रौद्योगिकी है, आश्रित है।
कुछ द्रव्य जैवईंधन जैसे मकई आधारित इथेनोल, प्रमुख रूप से परिवहन हेतु, जीवन चक्र आधार पर कार्बन उत्सर्जनों में सुधार लाने की जगह उन्हें और बदतर कर सकते हैं। लिग्नो-सेलुलोसिक चारा आधारित दूसरी पीढ़ी के कुछ जैवईंधन जैसे कि पुआल, खोई, घास और काष्ठ ऐसे धारणीय उत्पादन की सम्भाव्यता रखते हैं जो उच्च उत्पादकता वाले हों तथा ग्रीनहाउस गैस के निम्न स्तर का उत्सर्जन करें, किन्तु वे अभी तक अनुसंधान और विश्लेषण के चरण में हैं।
जैवमात्रा के उपयोग के सन्दर्भ में, निम्नलिखित में कौनसी/कौन-कौनसी, जैव-ईंधन के धारणीय उत्पादन की विशेषता/विशेषताएं है/हैं ?
1.2050 तक, शक्ति-जनन के ईंधन के रूप में जैवमात्रा से विश्व की सभी प्राथमिक ऊर्जा-आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है
2.शक्ति-जनन के ईंधन के रूप में जैवमात्रा से, खाद्य एवं वन संसाधनों का आवश्यक रूप से विनाश नहीं होता है
3.कुछ उदीयमान प्रौद्योगिकियों की मान लें तो शक्ति-जनन के ईंधन के रूप में जैवमात्रा, ऋणात्मक उत्सर्जन प्राप्त करने में सहायक हो सकती है
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
Question 24 of 80 · CSAT 2016, Q24
Passage · परिच्छेद-1 · read it, then answer
शक्ति, ऊष्मा और परिवहन के ईंधन के रूप में जैवमात्रा (बायोमास) की न्यूनीकरण समर्थता सभी नवीकरणीय स्रोतों से अधिक है। यह कृषि और वन अवशिष्टों, साथ ही ऊर्जा-फसलों से प्राप्त होती है। जैवमात्रा अवशिष्टों का उपयोग करने में सबसे बड़ी चुनौती शक्ति-संयंत्रों में उचित लागत पर की जानेवाली उनकी विश्वसनीय दीर्घावधि पूर्ति ही है, मुख्य समस्याएं सुप्रचालनिक (लॉजिस्टिकल) अवरोध और ईंधन-संग्रहण की लागत हैं। यदि ऊर्जा-फसलों का उचित रीति से प्रबंधन न हो तो, वे अन्न उत्पादन के साथ प्रतिस्पर्धा करती हैं और अन्न की कीमतों पर उनका अवांछित असर पड़ सकता है। जैवमात्रा का उत्पादन परिवर्तनशील जलवायु के भौतिक प्रभावों के प्रति भी संवेदनशील होता है।
जब तक नव-प्रौद्योगिकियाँ उत्पादकता को सारभूत रूप में न बढ़ाएं, तब तक धारणीय जैवमात्रा पूर्ति की सीमाओं को देखते हुए, जैवमात्रा की भावी भूमिका का संभवतः वास्तविकता से अधिक अनुमान लगाया गया है। जलवायु-ऊर्जा प्रतिरूप यह प्रकल्पित करते हैं कि 2050 में बायोमास का उपयोग लगभग चारगुना बढ़ कर 150 – 200 एक्साजूल हो सकता है जो कि विश्व की प्राथमिक ऊर्जा या लगभग एक-चौथाई है। परन्तु खाद्य एवं वन्य संसाधनों का कोई विनाश किए बिना, 2050 तक प्रतिवर्ष बायोमास संसाधनों की अधिकतम धारणीय तकनीकी क्षमता (अवशिष्ट और ऊर्जा फसल दोनों) 80 – 170 एक्साजूल के परिसर में होगी और इसका सिर्फ एक अंश वास्तविक और आर्थिक रूप से साध्य होगा। इसके अतिरिक्त, कुछ जलवायु प्रतिरूप ऋणात्मक उत्सर्जन प्राप्त करने और शताब्दी के पूर्वार्ध में कुछ मुहलत जुटाने के लिए बायोमास आधारित कार्बन प्रग्रहण एवं संचयन पर, जो कि एक अप्रमाणित प्रौद्योगिकी है, आश्रित है।
कुछ द्रव्य जैवईंधन जैसे मकई आधारित इथेनोल, प्रमुख रूप से परिवहन हेतु, जीवन चक्र आधार पर कार्बन उत्सर्जनों में सुधार लाने की जगह उन्हें और बदतर कर सकते हैं। लिग्नो-सेलुलोसिक चारा आधारित दूसरी पीढ़ी के कुछ जैवईंधन जैसे कि पुआल, खोई, घास और काष्ठ ऐसे धारणीय उत्पादन की सम्भाव्यता रखते हैं जो उच्च उत्पादकता वाले हों तथा ग्रीनहाउस गैस के निम्न स्तर का उत्सर्जन करें, किन्तु वे अभी तक अनुसंधान और विश्लेषण के चरण में हैं।
इस परिच्छेद के सन्दर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
1.कुछ जलवायु-ऊर्जा प्रतिरूप यह सुझाते हैं कि शक्ति-जनन के ईंधन के रूप में बायोमास का उपयोग ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों को कम करने में सहायक होता है
2.शक्ति-जनन के ईंधन के रूप में बायोमास का उपयोग करना, खाद्य एवं वन संसाधनों को बाधित किए बिना संभव नहीं है
इन पूर्वधारणाओं में कौनसी वैध है/हैं ?
Question 25 of 80 · CSAT 2016, Q25
Passage · परिच्छेद-2 · read it, then answer
हम अपनी खाद्य-पूर्ति में जैव-विविधता की खतरनाक कमी देख रहे हैं। हरित क्रांति एक मिला-जुला वरदान है। समय के साथ-साथ, किसानों की निर्भरता व्यापक रूप से अपनाई गई उच्च उपज वाली फसलों पर बहुत अधिक बढ़ती गई है और वे स्थानीय दशाओं से अनुकूलता रखने वाली किस्मों को छोड़ते गए हैं। विशाल खेतों में आनुवंशिकतः एकसमान (जेनेटिकली यूनिफॉर्म) बीजों की एक-फसली खेती से बढ़ी हुई उपज प्राप्त करने और भूख की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। तथापि, उच्च उपज वाली किस्में आनुवंशिकतः दुर्बल फसलें भी होती हैं जिनके लिए मँहगे रासायनिक उर्वरकों और विषाक्त कीटनाशकों की जरूरत होती है। उगाए जा रहे खाद्य-पदार्थों की मात्रा बढ़ाने पर ही आज अपना ध्यान केंद्रित कर, हम अनजाने में स्वयम् को भावी खाद्य-अभाव होने के ज़ोखिम में डाल चुके हैं।
उपर्युक्त परिच्छेद से निम्नलिखित में से कौनसा, सबसे तर्कसंगत और निर्णायक निष्कर्ष (इनफेरेंस) निकाला जा सकता है ?
Question 26 of 80 · CSAT 2016, Q26
एक कक्षा पूर्वाह्न 11:00 बजे प्रारंभ होती है और अपराह्न 2:27 बजे समाप्त होती है। इस अंतराल में चार समान अवधि के पीरियड होते हैं। प्रत्येक पीरियड के बाद छात्रों को 5 मिनट का विश्राम दिया जाता है। प्रत्येक पीरियड की ठीक-ठीक अवधि कितनी है ?
Question 27 of 80 · CSAT 2016, Q27
चार मित्रों A, B, C और D को एक पुल को पार करना है। पुल को एक समय में अधिक से अधिक दो व्यक्ति पार कर सकते हैं। रात का समय है तथा उनके पास केवल एक लालटेन है। पुल पार करने वालों को रास्ता ढूंढ़ने के लिए लालटेन ले जानी चाहिए। एक साथ चलने वाले दो व्यक्तियों को धीमे चलने वाले व्यक्ति की चाल से चलना होगा। पुल पार करने के बाद, दो व्यक्तियों में से ज्यादा तेज चलने वाला व्यक्ति, प्रत्येक बार अपने साथी को पुल पार करवा कर, लालटेन सहित वापस लौट आएगा। अन्त में लालटेन को अपने मूल स्थान पर रखना है तथा लालटेन वापस रखने वाले व्यक्ति को लालटेन के बगैर पुल पार करना है। पुल पार करने के लिए उनके द्वारा लिया गया समय इस प्रकार है : A : 1 मिनट, B : 2 मिनट, C : 7 मिनट, D : 10 मिनट। चारों मित्रों द्वारा पुल पार करने के लिए, कुल कितना न्यूनतम समय आवश्यक है ?
Question 28 of 80 · CSAT 2016, Q28
पात्र A में 30 ग्राम शर्करा को 180 मि.ली. जल में मिलाया गया, पात्र B में 40 ग्राम शर्करा को 280 मि.ली. जल में मिलाया गया और पात्र C में 20 ग्राम शर्करा को 100 मि.ली. जल में मिलाया गया। पात्र B का विलयन कैसा है ?
Question 29 of 80 · CSAT 2016, Q29
धर्मार्थ दान में, किसी कक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी उतने रुपये देता है जितनी उस कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या है। केवल एक विद्यार्थी के 2 रुपये अतिरिक्त देने पर कुल रुपये 443 एकत्र हुए हैं। तो कक्षा में कितने विद्यार्थी हैं ?
Question 30 of 80 · CSAT 2016, Q30
अनिता की गणित परीक्षा में 70 प्रश्न समान अंकों के थे जिनमें 10 अंकगणित के, 30 बीजगणित के और 30 ज्यामिति के थे। यद्यपि उसने अंकगणित के 70%, बीजगणित के 40% और ज्यामिति के 60% प्रश्नों का सही उत्तर दिया, वह परीक्षा में सफल नहीं हुई क्योंकि उसके अंक 60% से कम थे। उसने कितने और प्रश्नों के सही उत्तर दिए होते, जिससे कि उसे 60% का पास प्राप्तांक मिल गया होता ?
Question 31 of 80 · CSAT 2016, Q31
एक कक्षा में 18 लड़के बहुत लम्बे हैं। यदि ये लड़के, लड़कों की कुल संख्या के तीन-चौथाई हैं और लड़कों की संख्या कक्षा के छात्रों की कुल संख्या की दो-तिहाई है, तो कक्षा में लड़कियों की संख्या क्या है ?
Question 32 of 80 · CSAT 2016, Q32
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1.या तो A और B की एक-बराबर आयु है या A, B से बड़ा है
2.या तो C और D की एक-बराबर आयु है या D, C से बड़ा है
3.B, C से बड़ा है
उपर्युक्त कथनों से निम्नलिखित में से कौनसा निष्कर्ष निकाला जा सकता है ?
Question 33 of 80 · CSAT 2016, Q33
किसी कम्पनी के सभी कर्मचारियों का मासिक औसत वेतन रु. 5,000 था। पुरुष एवं महिला कर्मचारियों को प्रदत्त मासिक औसत वेतन क्रमशः रु. 5,200 तथा रु. 4,200 था। कम्पनी में कार्यरत पुरुष कर्मचारियों की प्रतिशतता क्या है ?
Question 34 of 80 · CSAT 2016, Q34
आगे आने वाले 3 (तीन) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : निम्नलिखित सूचना पर विचार करते हुए आगे दिए गए तीन प्रश्नांशों के उत्तर दीजिये।
छः बक्सों A, B, C, D, E और F को छः विभिन्न रंगों – बैंगनी, आसमानी, नीला, हरा, पीला और नारंगी से रंगा गया है और उन्हें बायें से दायें की ओर क्रम में रखा गया है (आवश्यक नहीं कि इसी क्रम के रंगों में रखे गए अथवा रंगे गए)। प्रत्येक बक्स में छः खेलों – क्रिकेट, हॉकी, टेनिस, गोल्फ, फुटबॉल और वॉलीबॉल की गेंदों में से कोई एक गेंद रखी गयी है (आवश्यक नहीं कि इसी क्रम में)। गोल्फ की गेंद बैंगनी बक्स में है और वह D बक्स में नहीं है। बक्स A का, जिसमें टेनिस बॉल है, रंग नारंगी है और वह दायीं ओर के अन्त में रखा है। हॉकी की गेंद न तो बक्स D में है, न ही बक्स E में। बक्स C का, जिसमें क्रिकेट की गेंद है, रंग हरा है। हॉकी की गेंद वाला बक्स न तो नीले रंग से रंगा है, न ही पीले रंग से। बक्स C, दायीं ओर से पांचवें स्थान पर है और बक्स B के बगल में है। बक्स B में वॉलीबॉल है। हॉकी की गेंद वाला बक्स, गोल्फ की गेंद वाले और वॉलीबॉल वाले बक्सों के बीच में है।
निम्नलिखित में से कौन-से बक्स में गोल्फ की गेंद है ?
Question 35 of 80 · CSAT 2016, Q35
आगे आने वाले 3 (तीन) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : निम्नलिखित सूचना पर विचार करते हुए आगे दिए गए तीन प्रश्नांशों के उत्तर दीजिये।
छः बक्सों A, B, C, D, E और F को छः विभिन्न रंगों – बैंगनी, आसमानी, नीला, हरा, पीला और नारंगी से रंगा गया है और उन्हें बायें से दायें की ओर क्रम में रखा गया है (आवश्यक नहीं कि इसी क्रम के रंगों में रखे गए अथवा रंगे गए)। प्रत्येक बक्स में छः खेलों – क्रिकेट, हॉकी, टेनिस, गोल्फ, फुटबॉल और वॉलीबॉल की गेंदों में से कोई एक गेंद रखी गयी है (आवश्यक नहीं कि इसी क्रम में)। गोल्फ की गेंद बैंगनी बक्स में है और वह D बक्स में नहीं है। बक्स A का, जिसमें टेनिस बॉल है, रंग नारंगी है और वह दायीं ओर के अन्त में रखा है। हॉकी की गेंद न तो बक्स D में है, न ही बक्स E में। बक्स C का, जिसमें क्रिकेट की गेंद है, रंग हरा है। हॉकी की गेंद वाला बक्स न तो नीले रंग से रंगा है, न ही पीले रंग से। बक्स C, दायीं ओर से पांचवें स्थान पर है और बक्स B के बगल में है। बक्स B में वॉलीबॉल है। हॉकी की गेंद वाला बक्स, गोल्फ की गेंद वाले और वॉलीबॉल वाले बक्सों के बीच में है।
निम्नलिखित में से कौनसा/से कथन सही है/हैं ?
Question 36 of 80 · CSAT 2016, Q36
आगे आने वाले 3 (तीन) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : निम्नलिखित सूचना पर विचार करते हुए आगे दिए गए तीन प्रश्नांशों के उत्तर दीजिये।
छः बक्सों A, B, C, D, E और F को छः विभिन्न रंगों – बैंगनी, आसमानी, नीला, हरा, पीला और नारंगी से रंगा गया है और उन्हें बायें से दायें की ओर क्रम में रखा गया है (आवश्यक नहीं कि इसी क्रम के रंगों में रखे गए अथवा रंगे गए)। प्रत्येक बक्स में छः खेलों – क्रिकेट, हॉकी, टेनिस, गोल्फ, फुटबॉल और वॉलीबॉल की गेंदों में से कोई एक गेंद रखी गयी है (आवश्यक नहीं कि इसी क्रम में)। गोल्फ की गेंद बैंगनी बक्स में है और वह D बक्स में नहीं है। बक्स A का, जिसमें टेनिस बॉल है, रंग नारंगी है और वह दायीं ओर के अन्त में रखा है। हॉकी की गेंद न तो बक्स D में है, न ही बक्स E में। बक्स C का, जिसमें क्रिकेट की गेंद है, रंग हरा है। हॉकी की गेंद वाला बक्स न तो नीले रंग से रंगा है, न ही पीले रंग से। बक्स C, दायीं ओर से पांचवें स्थान पर है और बक्स B के बगल में है। बक्स B में वॉलीबॉल है। हॉकी की गेंद वाला बक्स, गोल्फ की गेंद वाले और वॉलीबॉल वाले बक्सों के बीच में है।
फुटबॉल किस रंग के बक्से में है ?
Question 37 of 80 · CSAT 2016, Q37
दो संख्याएं X और Y, किसी तीसरी संख्या Z से क्रमशः 20% तथा 28% कम हैं। संख्या Y संख्या X से कितने प्रतिशत कम है ?
Question 38 of 80 · CSAT 2016, Q38
स्टेशन A और स्टेशन B के बीच, प्रत्येक स्टेशन से 6 बजे सुबह चलने वाली, दैनिक रेलगाड़ी आरम्भ की जानी है, और यह यात्रा 42 घंटों में पूरी की जानी है। कितनी संख्या में रेलगाड़ियाँ चलानी होंगी जिससे कि शटल सेवा जारी रहे ?
Question 39 of 80 · CSAT 2016, Q39
टिन का एक टुकड़ा आयत की आकृति में है, जिसकी लम्बाई 12 सेमी तथा चौड़ाई 8 सेमी है। इसका उपयोग कर एक बन्द घन निर्मित किया जाता है। घन की भुजा की लम्बाई क्या है ?
Question 40 of 80 · CSAT 2016, Q40
एक प्रश्न-पत्र में पांच प्रश्नों पर प्रयास किए जाने हैं और प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के दो विकल्प हैं – सही (T) अथवा गलत (F)। यह दिया गया है कि किन्हीं भी दो परीक्षार्थियों ने पाँचों प्रश्नों के उत्तर एकसमान अनुक्रम में नहीं दिए हैं। ऐसा होने के लिए परीक्षार्थियों की अधिकतम संख्या कितनी है ?
Question 41 of 80 · CSAT 2016, Q41
Passage · परिच्छेद-1 · read it, then answer
पारदर्शिता और प्रतियोगिता को समाप्त करने से, क्रोनी-पूँजीवाद (क्रोनी-कैपिटलिज़्म) मुक्त उद्यम, अवसर और आर्थिक प्रगति के लिए हानिकारक है। क्रोनी-पूँजीवाद, जिसमें धनाढ्य और प्रभावशाली व्यक्तियों पर यह आरोप लगता है कि उन्होंने भ्रष्टाचारी राजनीतिज्ञों को घूस देकर जमीन और प्राकृतिक संसाधन तथा विभिन्न लाइसेन्स प्राप्त किए हैं, अब एक प्रमुख मुद्दा बन गया है जिससे निपटने की जरूरत है। भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की संवृद्धि के लिए एक बहुत बड़ा खतरा मध्य-आय-जाल (मिडिल इन्कम ट्रैप) है जहाँ क्रोनी-पूँजीवाद अल्पतंत्रों (ऑलिगार्कीज़) को निर्मित करता है जो संवृद्धि को धीमा कर देते हैं।
उपर्युक्त परिच्छेद का सर्वाधिक तार्किक उपनिगमन (कोरोलरी) निम्नलिखित में से कौनसा है ?
Question 42 of 80 · CSAT 2016, Q42
Passage · परिच्छेद-2 · read it, then answer
जलवायु अनुकूलन अप्रभावी हो सकता है यदि दूसरे विकास संबंधी सरोकारों के सन्दर्भ में नीतियों को अभिकल्पित नहीं किया जाता। उदाहरण के तौर पर, एक व्यापक रणनीति, जो जलवायु परिवर्तन के सन्दर्भ में खाद्य सुरक्षा की अभिवृद्धि करने का प्रयास करती है, कृषि प्रसार, फसल विविधता, एकीकृत जल एवं पीड़क प्रबंधन और कृषि सूचना सेवाओं से सम्बन्धित समन्वित उपायों के एक समुच्चय को, सम्मिलित कर सकती है। इनमें से कुछ उपाय जलवायु परिवर्तन से और अन्य उपाय आर्थिक विकास से सम्बन्धित हो सकते हैं।
उपर्युक्त परिच्छेद से कौनसा सर्वाधिक तर्कसंगत और निर्णायक निष्कर्ष (इनफेरेंस) निकाला जा सकता है ?
Question 43 of 80 · CSAT 2016, Q43
Passage · परिच्छेद-3 · read it, then answer
जलीय चक्र में जैव-विविधता की भूमिका की समझ बेहतर नीति-निर्माण में सहायक होती है। जैव-विविधता शब्द अनेक किस्मों के पादपों, प्राणियों, सूक्ष्मजीवों को और उन पारितंत्रों को, जिसमें वे पाए जाते हैं, निर्दिष्ट करता है। जल और जैव-विविधता एक दूसरे पर निर्भर हैं। वास्तव में, जलीय चक्र से यह निश्चित होता है कि जैव-विविधता कैसे कार्य करती है। क्रम से, वनस्पति और मृदा जल के प्रवाह को निर्धारित करते हैं। हर एक गिलास जल जो हम पीते हैं, कम से कम उसका कोई अंश, मछलियों, वृक्षों, जीवाणुओं, मिट्टी और अन्य जीवों (ऑर्गैनिज़्म्स) से होकर गुज़रा होता है। इन पारितंत्रों से गुज़रते हुए वह शुद्ध होता है और उपभोग के लिए उपयुक्त होता है। जल की पूर्ति एक महत्वपूर्ण सेवा है जो पर्यावरण प्रदान करता है।
उपर्युक्त परिच्छेद से निम्नलिखित में से कौनसा सर्वाधिक निर्णायक निष्कर्ष (इनफेरेंस) निकाला जा सकता है ?
Question 44 of 80 · CSAT 2016, Q44
Passage · परिच्छेद-4 · read it, then answer
पिछले दशक में, बैंकिंग क्षेत्र को, मुख्यतः मध्यवर्ग और उच्च मध्यवर्ग समाज को सेवा प्रदान करने वाले उच्च कोटि के स्वचालन और उत्पादों से पुनः संरचित किया गया है। आज बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवाओं के लिए ऐसे नए कार्यक्रम की आवश्यकता है जो आम आदमी की पहुंच से बाहर न हो।
उपर्युक्त परिच्छेद में निम्नलिखित में से कौनसा सन्देश अनिवार्यतः अंतर्निहित है ?
Question 45 of 80 · CSAT 2016, Q45
Passage · परिच्छेद-5 · read it, then answer
मलिन बस्तियों में सुरक्षित तथा संधारणीय सफाई से महिलाउओं और लड़कियों को उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, निजता तथा सम्मान के रूप में असीमित लाभ मिलता है। तथापि शहरी सफाई पर बनने वाली अधिकतर योजनाओं और नीतियों में महिलाएं प्रतिलक्षित नहीं होतीं। यह तथ्य कि मैला ढोने की प्रथा आज भी अस्तित्व में है यह दिखाता है कि प्रवाही-फ्लश शौचालयों को बढ़ावा देने तथा शुष्क शौचालयों को बंद करने को लेकर अभी तक बहुत कुछ नहीं किया गया है। स्वच्छता के अधिकार की दिशा में बहुत बड़े पैमाने पर अधिक स्थायी और मजबूत अभियान शुरू किया जाना चाहिए। यह मुख्य रूप से मैला ढोने के उन्मूलन पर ध्यान केन्द्रित करने वाला होना चाहिए।
उपर्युक्त परिच्छेद के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1.शहरी सफ़ाई समस्या का पूर्ण निराकरण केवल मैला ढोने के उन्मूलन से ही किया जा सकता है।
2.शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित सफ़ाई व्यवहार की जागरूकता को अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौनसा/से सही है/हैं ?
Question 46 of 80 · CSAT 2016, Q46
Passage · परिच्छेद-6 · read it, then answer
मानव के लिए उपयुक्त, सरकार की प्रकृति और परिमाण को समझने के लिए यह आवश्यक है कि मानव के स्वभाव को समझा जाए। चूंकि प्रकृति ने उसे सामाजिक जीवन के लिए बनाया है, उसे उस स्थान के लिए भी युक्त किया है जिसे उसने नियत किया है। सभी परिस्थितियों में उसने उसकी नैसर्गिक आवश्यकताओं को उसकी व्यक्तिगत शक्तियों से बड़ा बनाया है। कोई भी एक व्यक्ति समाज की सहायता के बिना अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने में सक्षम नहीं है; और वही आवश्यकताएं प्रत्येक व्यक्ति पर क्रियाशील होकर समग्र रूप से उनको एक समाज के रूप में रहने के लिए प्रेरित करती हैं।
निम्नलिखित में से कौनसा, उपर्युक्त परिच्छेद का सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इनफेरेंस) निकाला जा सकता है ?
Question 47 of 80 · CSAT 2016, Q47
Passage · परिच्छेद-7 · read it, then answer
किसी राज्य में कानूनी आदेशकों (इम्परेटिव्स) की प्रकृति उन प्रभावकारी मांगों के अनुरूप होती है जिनका राज्य को सामना करना पड़ता है, और यह, कि अपने क्रम में ये सामान्य रूप से उस रीति पर आश्रित होती हैं जिसमें समाज में वह आर्थिक शक्ति वितरित होती है जिस पर राज्य नियंत्रण करता है।
यह कथन किसको निर्दिष्ट करता है ?
Question 48 of 80 · CSAT 2016, Q48
Passage · परिच्छेद-8 · read it, then answer
भूमंडलीय ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 15 प्रतिशत कृषि प्रक्रियाओं से आता है। इसमें उर्वरकों से निकले नाइट्रस ऑक्साइड; पशुधन, चावल उत्पादन तथा खाद भण्डारण से निकली मेथेन तथा जैवमात्रा (बायोमास्) को जलाने से निकली कार्बन डाईऑक्साइड (CO₂) सम्मिलित हैं, किन्तु मृदा-प्रबंधन प्रक्रियाओं से, घास के मैदानों (सवाना) को जलाने से तथा वनोंमूलन से उत्सर्जित CO₂ इसमें सम्मिलित नहीं है। वानिकी, भू-उपयोग तथा भू-उपयोग में परिवर्तन, प्रति वर्ष और-अधिक 17 प्रतिशत ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं जिसका तीन-चौथाई भाग उष्णकटिबंधीय वनोंमूलन से आता है। बचा हुआ उत्सर्जन अधिकांशतः उष्णकटिबंधीय पीट-भूमि (पीटलैंड) के अपवहन तथा जलाने से निकलता है। अमेजन (Amazon) के वर्षा-वन में जमा कार्बन की मात्रा के लगभग बराबर मात्रा विश्व की पीट-भूमियों में जमा है।
निम्नलिखित में कौनसा, उपर्युक्त परिच्छेद से सर्वाधिक तार्किक और तर्कसंगत निष्कर्ष (इनफेरेंस) निकाला जा सकता है ?
Question 49 of 80 · CSAT 2016, Q49
कोई व्यक्ति जमीन पर किसी बिंदु ‘O’ से सीधे रास्ते से उत्तर-पूर्व की दिशा में एक पहाड़ी पर चढ़ता है और 5 किमी. की दूरी तय करके बिंदु ‘A’ पर पहुंचता है। उसके बाद, वह बिंदु ‘A’ से उत्तर-पश्चिम की दिशा में बिंदु ‘B’ तक जाता है। AB की दूरी 12 किमी. है। अब वह व्यक्ति प्रारम्भिक बिंदु ‘O’ से कितनी दूर है ?
Question 50 of 80 · CSAT 2016, Q50
एक खेत आयताकार आकृति में है जिसकी लम्बाई X₁ मीटर और चौड़ाई X₂ मीटर है .(X₁ और X₂ चर हैं)। यदि X₁ + X₂ = 40 मीटर है तो उस खेत का क्षेत्रफल निम्नलिखित किस एक मान से अधिक नहीं होगा ?
Question 51 of 80 · CSAT 2016, Q51
5 सदस्यों वाले परिवार में 3 वर्ष पूर्व सभी सदस्यों की आयु का योग 80 वर्ष था। इस परिवार की 3 वर्ष पूर्व जो औसत आयु थी, आज भी वही है क्योंकि अन्तःस्थ अवधि में परिवार में एक शिशु की वृद्धि हुई। शिशु की आयु क्या है ?
Question 52 of 80 · CSAT 2016, Q52
दो व्यक्तियों की सम्पूर्ण वेतन-लब्धियां बराबर हैं, पर उनमें से एक को अपने मूल वेतन का 65% भत्तों के रूप में मिलता है जबकि दूसरे को मूल वेतन का 80% भत्तों के रूप में मिलता है। पहले व्यक्ति के मूल वेतन का, दूसरे व्यक्ति के मूल वेतन से क्या अनुपात है ?
Question 53 of 80 · CSAT 2016, Q53
एक व्यक्ति सीढ़ी के तल से पहले पायदान पर खड़ा है। ठीक बीच वाले पायदान तक पहुंचने के लिए अगर उसे 4 पायदान और चढ़ने पड़ें, तो सीढ़ी में कितने पायदान हैं ?
Question 54 of 80 · CSAT 2016, Q54
आगे आने वाले 3 (तीन) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : निम्नलिखित सूचना पर विचार कीजिए और आगे दिए गए तीन प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए।
जब तीन मित्र A, B और C, मिले, तो पाया गया कि उनमें से प्रत्येक ने एक भिन्न रंग की ऊपरी पोशाक पहन रखी थी। यादृच्छिक क्रम में वे पोशाकें जैकेट, स्वेटर और टाई हैं; और रंग नीला, सफेद और काला है। उनके कुलनाम (सरनेम) यादृच्छिक क्रम में रिबीरो, कुमार और सिंह हैं।
आगे, यह ज्ञात है कि :
1. न तो B ने, न ही रिबीरो ने सफेद स्वेटर पहना था
2. C ने टाई पहनी थी
3. सिंह की पोशाक सफेद नहीं थी
4. कुमार जैकेट नहीं पहनता
5. रिबीरो को काला रंग पहनना पसंद नहीं है
6. हर एक मित्र ने केवल एक ही रंग की एक ही ऊपरी पोशाक पहनी थी
C का कुलनाम क्या है ?
Question 55 of 80 · CSAT 2016, Q55
आगे आने वाले 3 (तीन) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : निम्नलिखित सूचना पर विचार कीजिए और आगे दिए गए तीन प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए।
जब तीन मित्र A, B और C, मिले, तो पाया गया कि उनमें से प्रत्येक ने एक भिन्न रंग की ऊपरी पोशाक पहन रखी थी। यादृच्छिक क्रम में वे पोशाकें जैकेट, स्वेटर और टाई हैं; और रंग नीला, सफेद और काला है। उनके कुलनाम (सरनेम) यादृच्छिक क्रम में रिबीरो, कुमार और सिंह हैं।
आगे, यह ज्ञात है कि :
1. न तो B ने, न ही रिबीरो ने सफेद स्वेटर पहना था
2. C ने टाई पहनी थी
3. सिंह की पोशाक सफेद नहीं थी
4. कुमार जैकेट नहीं पहनता
5. रिबीरो को काला रंग पहनना पसंद नहीं है
6. हर एक मित्र ने केवल एक ही रंग की एक ही ऊपरी पोशाक पहनी थी
टाई का रंग क्या है ?
Question 56 of 80 · CSAT 2016, Q56
आगे आने वाले 3 (तीन) प्रश्नांशों के लिए निर्देश : निम्नलिखित सूचना पर विचार कीजिए और आगे दिए गए तीन प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए।
जब तीन मित्र A, B और C, मिले, तो पाया गया कि उनमें से प्रत्येक ने एक भिन्न रंग की ऊपरी पोशाक पहन रखी थी। यादृच्छिक क्रम में वे पोशाकें जैकेट, स्वेटर और टाई हैं; और रंग नीला, सफेद और काला है। उनके कुलनाम (सरनेम) यादृच्छिक क्रम में रिबीरो, कुमार और सिंह हैं।
आगे, यह ज्ञात है कि :
1. न तो B ने, न ही रिबीरो ने सफेद स्वेटर पहना था
2. C ने टाई पहनी थी
3. सिंह की पोशाक सफेद नहीं थी
4. कुमार जैकेट नहीं पहनता
5. रिबीरो को काला रंग पहनना पसंद नहीं है
6. हर एक मित्र ने केवल एक ही रंग की एक ही ऊपरी पोशाक पहनी थी
स्वेटर किसने पहना था ?
Question 57 of 80 · CSAT 2016, Q57
AB किसी विशाल वृक्ष का उर्ध्वाधर तना है और A वह बिंदु है जहाँ पर तने का आधार जमीन को छूता है। किसी तूफ़ान के कारण तना उस बिंदु C पर टूट गया है जो 12 मीटर की ऊंचाई पर है। टूटा हुआ भाग आंशिक रूप से तने के ऊर्ध्वाधर हिस्से से C पर जुड़ा है। यदि टूटे हुए भाग का सिरा B, जमीन को D पर छूता है जो बिंदु A से 5 मीटर की दूरी पर है, तो तने की मूल ऊंचाई क्या है ?
Question 58 of 80 · CSAT 2016, Q58
कोई व्यक्ति 12 किमी. उत्तर की ओर, फिर 15 किमी. पूर्व की ओर, फिर 19 किमी. पश्चिम की ओर, और तब 15 किमी. दक्षिण की ओर चलता है। वह प्रारम्भिक बिंदु से कितनी दूर है ?
Question 59 of 80 · CSAT 2016, Q59
किसी घन (क्यूब) के सभी फलक विभिन्न रंगों से रंगे गए हैं। उसे समान आमाप के छोटे-छोटे घनों में इस प्रकार काटा गया कि छोटे घन की भुजा बड़े घने की एक चौथाई हो। केवल एक ही रंगे हुए फलक वाले छोटे घनों की संख्या संख्या कितनी होगी ?
Question 60 of 80 · CSAT 2016, Q60
राम और श्याम किसी कार्य को करने के लिए चार दिन एक साथ काम करते हैं और 60% कार्य पूरा करते हैं। तब राम छुट्टी पर चला जाता है और श्याम काम को पूरा करने में आठ दिन और लगाता है। राम को अकेले कार्य पूरा करने में कितने दिन लगते ?
Question 61 of 80 · CSAT 2016, Q61
किसी मिलिट्री कोड में SYSTEM को SYSMET और NEARER को AENRER लिखा जाता है। उसी कोड का प्रयोग करते हुए, FRACTION को किस रूप में लिखा जा सकता है ?
Question 62 of 80 · CSAT 2016, Q62
यदि R और S दोनों अलग-अलग पूर्ण संख्याएँ हों और दोनों 5 से विभाज्य हों तो इनमें से कौन-सा अनिवार्यतः सही नहीं है ?
Question 63 of 80 · CSAT 2016, Q63
100 और 300 के बीच, 2 से शुरू होने वाली या 2 पर समाप्त होने वाली कितनी संख्याएं हैं ?
Question 64 of 80 · CSAT 2016, Q64
Passage · परिच्छेद-1 · read it, then answer
यदि हम 2050 की ओर देखें जब हमें दो अरब अधिक लोगों को आहार खिलाने की आवश्यकता होगी, तो यह प्रश्न कि कौन सा आहार सर्वोत्तम है, एक नई अत्यावश्यकता बन गया है। आने वाले दशकों में हम जिन खाद्य पदार्थों को खाने के लिए चुनेंगे, उनके इस ग्रह के लिए गम्भीर रूप से बहुशाखन होंगे। सामान्य रूप से कहें तो समूचे विकासशील देशों में खानपान की जो मांस और डेरी उत्पाद के आहार के गिर्द ही घूमते रहने वाली प्रवृत्ति.बढ़ रही है, वह भूमंडलीय संसाधनों पर, अपरिष्कृत अनाज, गिरी, फलों और सब्जियों पर निर्भर करने वाली प्रवृत्ति की तुलना में अधिक दबाव डालेगी।
उपर्युक्त परिच्छेद से क्या निर्णायक सन्देश निकलता है ?
Question 65 of 80 · CSAT 2016, Q65
Passage · परिच्छेद-2 · read it, then answer
सभी मनुष्य शैशवावस्था में माँ के दूध को पचाते हैं, परन्तु 10,000 वर्ष पहले मवेशियों की पालन प्रणाली के आरम्भ होने तक, शिशुओं को एक बार दूध छुड़ाने पर उनको दूध पचाने की आवश्यकता नहीं होती थी। इसके परिणामस्वरूप उनमें लैक्टेज एंजाइम का बनना बंद हो गया, जो लैक्टोज़ शर्करा को सरल शर्कराओं में तोड़ता है। मानव के मवेशी चराने की प्रणाली आरम्भ होने के बाद दूध को पचाना अत्याधिक लाभदायक हो गया और यूरोप, मध्यपूर्व (मिडिल ईस्ट) और अफ्रीका में मवेशी चराने वालों में स्वतन्त्र रूप से लैक्टोज़ सहन-शक्ति का विकास हुआ। चीनी और थाई लोग जो मवेशियों पर निर्भर नहीं थे, वे लैक्टोज़ असहनशील बने हुए हैं।
उपर्युक्त परिच्छेद से निम्नलिखित में से कौनसी सर्वाधिक तार्किक पूर्वधारणा प्राप्त की जा सकती है ?
Question 66 of 80 · CSAT 2016, Q66
Passage · परिच्छेद-3 · read it, then answer
“अल्पविकसित और औद्योगीकृत देशों की राष्ट्रीय आयों के बीच तुलना करते समय आने वाली संकल्पनात्मक कठिनाइयाँ विशेष रूप से गंभीर होती हैं क्योंकि विभिन्न अल्पविकसित देशों में राष्ट्रीय उत्पाद के एक भाग का उत्पादन वाणिज्यिक माध्यमों से गुजरे बिना होता है।”
इस कथन से लेखक का तात्पर्य है कि :
Question 67 of 80 · CSAT 2016, Q67
Passage · परिच्छेद-4 · read it, then answer
वायुमंडल में मानव निर्मित कार्बन डाईऑक्साइड के बढ़ने से पादपों और सूक्ष्मजीवों के बीच एक शृंखला अभिक्रिया प्रारंभ हो सकती है जो कि इस ग्रह पर कार्बन के सबसे बड़े भंडार – मृदा को अव्यवस्थित कर सकती है। एक अध्ययन में यह पाया गया कि वह मृदा जिसमें कार्बन की मात्रा, सभी पादपों और पृथ्वी के वायुमंडल में उपस्थित कुल कार्बन की दुगुनी है, लोगों के द्वारा वायुमंडल में और अधिक कार्बन छोड़ते जाने पर वर्धमान रूप से अस्थिर होती जाएगी। ऐसा अधिकांशतः पादपवृद्धि में बढ़ोत्तरी के कारण होता है। यद्यपि कार्बन डाईऑक्साइड एक ग्रीनहाउस गैस और एक प्रदूषक है, यह पादपवृद्धि को प्रोत्साहित भी करती है। चूँकि वृक्ष और दूसरी वनस्पतियाँ भविष्य में होने वाली कार्बन डाईऑक्साइड की प्रचुरता में फलती-फूलती हैं, उनकी जड़ें मृदा में सूक्ष्मजीवों की क्रियाशीलता को प्रेरित कर सकती हैं जो परिणामस्वरूप मृदा-कार्बन के अपघटन को और तेज कर वायुमण्डल में कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में वृद्धि कर सकती है।
निम्नलिखित में से कौन सा, उपर्युक्त परिच्छेद का सबसे अधिक तर्कसंगत उपनिगमन (कोरोलरी) है ?
Question 68 of 80 · CSAT 2016, Q68
Passage · परिच्छेद-5 · read it, then answer
ऐतिहासिक रूप से, विश्व-कृषि के सामने, खाद्य की मांग और पूर्ति के बीच संतुलन प्राप्त करना सबसे बड़ी चुनौती रही है। वैयक्तिक देशों के स्तर पर, मांग-पूर्ति संतुलन बंद अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक नीतिगत मुद्दा हो सकता है, विशेषकर, यदि वह एक जनसंख्याबहुल अर्थव्यवस्था है और उसकी घरेलू कृषि, स्थायी आधार पर पर्याप्त खाद्य पूर्ति नहीं कर पा रही है। यह उस मुक्त और बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के लिए, जिसके पास विदेशों से खाद्य क्रय करने हेतु पर्याप्त विनिमय अधिशेष है, उतनी बड़ी, और न ही सदैव होने वाली, बाध्यता है। विश्व के लिए समग्र रूप से, मांग-पूर्ति संतुलन, भूख तथा भुखमरी से बचाव हेतु, सदैव ही एक अपरिहार्य पूर्व-शर्त है। तथापि, पर्याप्त पूर्ति की विश्वव्यापी उपलब्धता का आवश्यक रूप से यह मतलब नहीं है कि खाद्य स्वतः अधिशेष वाले देशों से उन अभावग्रस्त देशों की ओर, जिनके पास क्रय-शक्ति का अभाव है, चला जाएगा। अतः विश्व स्तर पर भूख, भुखमरी, न्यून पोषण या कुपोषण आदि का असमान वितरण, खाली जेबों वाले भूखे लोगों की मौजूदगी की वजह से है, जो वृहद रूप में अविकसित अर्थव्यवस्थाओं तक सीमित हैं। जहाँ तक आधारभूत मानवीय अस्तित्व के लिए “दो वक्त का भरपेट भोजन” का प्राथमिक महत्व है, उसमें खाद्य की विश्वव्यापी पूर्ति के मुद्दे को, हाल के वर्षों में, महत्व मिलता रहा है, क्योंकि मांग की मात्रा और संरचना दोनों में बड़े परिवर्तन हो रहे हैं, और क्योंकि हाल के वर्षों में अलग-अलग देशों की खाद्य-पूर्तियों की अबाधित शृंखला निर्मित करने की क्षमताओं में कमी आई है। खाद्य-उत्पादन, विपणन और कीमतें, विशेषकर विकासशील विश्व में गरीबों द्वारा कीमत वहन करने की क्षमता, विश्वव्यापी मुद्दे बन गए हैं, जिनका विश्वव्यापी चिंतन और विश्वव्यापी समाधान आवश्यक है।
उपर्युक्त परिच्छेद के अनुसार, विश्व खाद्य सुरक्षा के लिए निम्नलिखित में कौन से मूलभूत हल है ?
1.अपेक्षाकृत अधिक कृषि-आधारित उद्योग स्थापित करना
2.गरीबों द्वारा कीमत वहन करने की क्षमता को सुधारना
3.विपणन की दशाओं का नियमन करना
4.हर एक को खाद्य सहायिकी प्रदान करना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये :
Question 69 of 80 · CSAT 2016, Q69
Passage · परिच्छेद-5 · read it, then answer
ऐतिहासिक रूप से, विश्व-कृषि के सामने, खाद्य की मांग और पूर्ति के बीच संतुलन प्राप्त करना सबसे बड़ी चुनौती रही है। वैयक्तिक देशों के स्तर पर, मांग-पूर्ति संतुलन बंद अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक नीतिगत मुद्दा हो सकता है, विशेषकर, यदि वह एक जनसंख्याबहुल अर्थव्यवस्था है और उसकी घरेलू कृषि, स्थायी आधार पर पर्याप्त खाद्य पूर्ति नहीं कर पा रही है। यह उस मुक्त और बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के लिए, जिसके पास विदेशों से खाद्य क्रय करने हेतु पर्याप्त विनिमय अधिशेष है, उतनी बड़ी, और न ही सदैव होने वाली, बाध्यता है। विश्व के लिए समग्र रूप से, मांग-पूर्ति संतुलन, भूख तथा भुखमरी से बचाव हेतु, सदैव ही एक अपरिहार्य पूर्व-शर्त है। तथापि, पर्याप्त पूर्ति की विश्वव्यापी उपलब्धता का आवश्यक रूप से यह मतलब नहीं है कि खाद्य स्वतः अधिशेष वाले देशों से उन अभावग्रस्त देशों की ओर, जिनके पास क्रय-शक्ति का अभाव है, चला जाएगा। अतः विश्व स्तर पर भूख, भुखमरी, न्यून पोषण या कुपोषण आदि का असमान वितरण, खाली जेबों वाले भूखे लोगों की मौजूदगी की वजह से है, जो वृहद रूप में अविकसित अर्थव्यवस्थाओं तक सीमित हैं। जहाँ तक आधारभूत मानवीय अस्तित्व के लिए “दो वक्त का भरपेट भोजन” का प्राथमिक महत्व है, उसमें खाद्य की विश्वव्यापी पूर्ति के मुद्दे को, हाल के वर्षों में, महत्व मिलता रहा है, क्योंकि मांग की मात्रा और संरचना दोनों में बड़े परिवर्तन हो रहे हैं, और क्योंकि हाल के वर्षों में अलग-अलग देशों की खाद्य-पूर्तियों की अबाधित शृंखला निर्मित करने की क्षमताओं में कमी आई है। खाद्य-उत्पादन, विपणन और कीमतें, विशेषकर विकासशील विश्व में गरीबों द्वारा कीमत वहन करने की क्षमता, विश्वव्यापी मुद्दे बन गए हैं, जिनका विश्वव्यापी चिंतन और विश्वव्यापी समाधान आवश्यक है।
उपर्युक्त परिच्छेद के अनुसार, विश्व कृषि के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती क्या है ?
Question 70 of 80 · CSAT 2016, Q70
Passage · परिच्छेद-5 · read it, then answer
ऐतिहासिक रूप से, विश्व-कृषि के सामने, खाद्य की मांग और पूर्ति के बीच संतुलन प्राप्त करना सबसे बड़ी चुनौती रही है। वैयक्तिक देशों के स्तर पर, मांग-पूर्ति संतुलन बंद अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक नीतिगत मुद्दा हो सकता है, विशेषकर, यदि वह एक जनसंख्याबहुल अर्थव्यवस्था है और उसकी घरेलू कृषि, स्थायी आधार पर पर्याप्त खाद्य पूर्ति नहीं कर पा रही है। यह उस मुक्त और बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के लिए, जिसके पास विदेशों से खाद्य क्रय करने हेतु पर्याप्त विनिमय अधिशेष है, उतनी बड़ी, और न ही सदैव होने वाली, बाध्यता है। विश्व के लिए समग्र रूप से, मांग-पूर्ति संतुलन, भूख तथा भुखमरी से बचाव हेतु, सदैव ही एक अपरिहार्य पूर्व-शर्त है। तथापि, पर्याप्त पूर्ति की विश्वव्यापी उपलब्धता का आवश्यक रूप से यह मतलब नहीं है कि खाद्य स्वतः अधिशेष वाले देशों से उन अभावग्रस्त देशों की ओर, जिनके पास क्रय-शक्ति का अभाव है, चला जाएगा। अतः विश्व स्तर पर भूख, भुखमरी, न्यून पोषण या कुपोषण आदि का असमान वितरण, खाली जेबों वाले भूखे लोगों की मौजूदगी की वजह से है, जो वृहद रूप में अविकसित अर्थव्यवस्थाओं तक सीमित हैं। जहाँ तक आधारभूत मानवीय अस्तित्व के लिए “दो वक्त का भरपेट भोजन” का प्राथमिक महत्व है, उसमें खाद्य की विश्वव्यापी पूर्ति के मुद्दे को, हाल के वर्षों में, महत्व मिलता रहा है, क्योंकि मांग की मात्रा और संरचना दोनों में बड़े परिवर्तन हो रहे हैं, और क्योंकि हाल के वर्षों में अलग-अलग देशों की खाद्य-पूर्तियों की अबाधित शृंखला निर्मित करने की क्षमताओं में कमी आई है। खाद्य-उत्पादन, विपणन और कीमतें, विशेषकर विकासशील विश्व में गरीबों द्वारा कीमत वहन करने की क्षमता, विश्वव्यापी मुद्दे बन गए हैं, जिनका विश्वव्यापी चिंतन और विश्वव्यापी समाधान आवश्यक है।
उपर्युक्त परिच्छेद के अनुसार, विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में भूख और भुखमरी घटाने में, निम्नलिखित में से किससे/किनसे सहायता मिलती है ?
1.खाद्य की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन करना
2.खाद्य आयात में वृद्धि करना
3.निर्धनों की क्रयशक्ति में वृद्धि करना
4.खाद्य उपभोग प्रतिमानों और प्रयासों में बदलाव लाना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये :
Question 71 of 80 · CSAT 2016, Q71
Passage · परिच्छेद-5 · read it, then answer
ऐतिहासिक रूप से, विश्व-कृषि के सामने, खाद्य की मांग और पूर्ति के बीच संतुलन प्राप्त करना सबसे बड़ी चुनौती रही है। वैयक्तिक देशों के स्तर पर, मांग-पूर्ति संतुलन बंद अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक नीतिगत मुद्दा हो सकता है, विशेषकर, यदि वह एक जनसंख्याबहुल अर्थव्यवस्था है और उसकी घरेलू कृषि, स्थायी आधार पर पर्याप्त खाद्य पूर्ति नहीं कर पा रही है। यह उस मुक्त और बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के लिए, जिसके पास विदेशों से खाद्य क्रय करने हेतु पर्याप्त विनिमय अधिशेष है, उतनी बड़ी, और न ही सदैव होने वाली, बाध्यता है। विश्व के लिए समग्र रूप से, मांग-पूर्ति संतुलन, भूख तथा भुखमरी से बचाव हेतु, सदैव ही एक अपरिहार्य पूर्व-शर्त है। तथापि, पर्याप्त पूर्ति की विश्वव्यापी उपलब्धता का आवश्यक रूप से यह मतलब नहीं है कि खाद्य स्वतः अधिशेष वाले देशों से उन अभावग्रस्त देशों की ओर, जिनके पास क्रय-शक्ति का अभाव है, चला जाएगा। अतः विश्व स्तर पर भूख, भुखमरी, न्यून पोषण या कुपोषण आदि का असमान वितरण, खाली जेबों वाले भूखे लोगों की मौजूदगी की वजह से है, जो वृहद रूप में अविकसित अर्थव्यवस्थाओं तक सीमित हैं। जहाँ तक आधारभूत मानवीय अस्तित्व के लिए “दो वक्त का भरपेट भोजन” का प्राथमिक महत्व है, उसमें खाद्य की विश्वव्यापी पूर्ति के मुद्दे को, हाल के वर्षों में, महत्व मिलता रहा है, क्योंकि मांग की मात्रा और संरचना दोनों में बड़े परिवर्तन हो रहे हैं, और क्योंकि हाल के वर्षों में अलग-अलग देशों की खाद्य-पूर्तियों की अबाधित शृंखला निर्मित करने की क्षमताओं में कमी आई है। खाद्य-उत्पादन, विपणन और कीमतें, विशेषकर विकासशील विश्व में गरीबों द्वारा कीमत वहन करने की क्षमता, विश्वव्यापी मुद्दे बन गए हैं, जिनका विश्वव्यापी चिंतन और विश्वव्यापी समाधान आवश्यक है।
विश्वव्यापी खाद्य-पूर्ति के मुद्दे को मुख्यतः किसके/किनके कारण महत्व प्राप्त हुआ है ?
1.विश्वव्यापी रूप से जनसंख्या की अतिवृद्धि
2.खाद्य-उत्पादन के क्षेत्र में तीव्र गिरावट
3.सतत खाद्यपूर्ति हेतु क्षमताओं में परिसीमन
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये :
Question 72 of 80 · CSAT 2016, Q72
अंक 1, 2, 3 और 4 को लेकर चार-अंकीय संख्याएं बनानी हैं। इन चार अंकों में से किसी एक की भी किसी भी रीति से पुनरावृत्ति नहीं करनी है, तथा
1.2 और 3 एक दूसरे के एकदम आगे पीछे नहीं हो सकते
2.3, 1 के एकदम पीछे नहीं हो सकता
3.4 अंतिम स्थान पर नहीं आ सकता
4.1 प्रथम स्थान पर नहीं आ सकता
कितनी पृथक संख्याएं बन सकती हैं ?
Question 73 of 80 · CSAT 2016, Q73
एक बेलनाकार ओवरहैड टंकी को, जिसकी त्रिज्या 2 मी और ऊंचाई 7 मी है, 5.5 मी × 4 मी × 6 मी माप वाली किसी भूमिगत टंकी के जल से भरा जाना है। ओवरहैड टंकी को पूरा भर देने के बाद, भूमिगत टंकी का कितना भाग पानी से भरा है ?
Question 74 of 80 · CSAT 2016, Q74
60 विद्यार्थियों की एक कक्षा में जहाँ लड़कियां लड़कों से दुगुनी संख्या में हैं, कमल (एक लड़का) का रैंक ऊपर से सत्रहवां है। यदि कमल से पहले नौ लड़कियां हैं, तो कमल के बाद के रैंक में कितने लड़के हैं ?
Question 75 of 80 · CSAT 2016, Q75
A और B पैदल चलते हुए एक वृत्ताकार पार्क का चक्कर लगाते हैं। वे दोनों प्रातः 8 बजे एक ही बिंदु से विपरीत दिशाओं में चलना शुरू करते हैं। A और B की चाल क्रमशः 2 चक्कर प्रति घंटा व 3 चक्कर प्रति घंटा है। प्रातः 8 बजे के बाद तथा प्रातः 9.30 बजे से पूर्व वे कितनी बार एक-दूसरे के सामने से गुजरेंगे ?
Question 76 of 80 · CSAT 2016, Q76
W, किसी कार्य के 25% भाग को 30 दिनों में करता है; X उस कार्य के 1/4 भाग को 10 दिनों में करता है। Y उस कार्य के 40% भाग को 40 दिनों में करता है और Z उस कार्य के 1/3 भाग को 13 दिनों में करता है। कार्य को सबसे पहले कौन पूरा करेगा ?
Question 77 of 80 · CSAT 2016, Q77
5 व्यक्तियों के किसी एक परिवार में प्रति व्यक्ति औसत आय रु॰ 10,000 प्रति मास है। उसी परिवार में प्रति व्यक्ति औसत आय क्या होगी यदि किसी एक व्यक्ति की आय में रु॰ 1,20,000 प्रति वर्ष की वृद्धि हो जाती है ?
Question 78 of 80 · CSAT 2016, Q78
किसी दौड़ में एक प्रतियोगी को 6 सेब एकत्र करने हैं। ये सेब एक सरल रेखा में किसी ट्रैक पर रखे हुए हैं और ट्रैक के प्रारम्भ में बाल्टी रखी गई है जो कि दौड़ का प्रारम्भ बिंदु है। खेल के नियमानुसार, प्रतियोगी एक बार में केवल एक सेब उठा सकता है और उसे लेकर वापस दौड़ कर उसे बाल्टी में डाल सकता है। बाल्टी से, पहले सेब की दूरी 5 मीटर है तथा बाकी सेब 3-3 मीटर की दूरी पर हैं। यदि प्रतियोगी को बाल्टी में सभी सेब डालने हों तो प्रतियोगी को कुल कितनी दूरी दौड़ कर तय करनी है ?
Question 79 of 80 · CSAT 2016, Q79
तीरंदाजी की किसी वृत्ताकार प्लेट (टारगेट) को, जिसका व्यास 1 मीटर है, अन्दर से बाहर की ओर चार रंगों में – लाल, नीला, पीला और सफेद – रंगा गया है। लाल बैन्ड की त्रिज्या 0.20 मीटर है। बाकी बैन्डों की चौड़ाई एकसमान है। इस वृत्ताकार प्लेट (टारगेट) की ओर तीरंदाजों द्वारा तीर चलाए जाने पर, तीरों के टारगेट के लाल हिस्से (बैंड) में लगने की प्रायिकता क्या है ?
Question 80 of 80 · CSAT 2016, Q80
कोई व्यक्ति किसी खिलौने की अंकित कीमत पर, नगद भुगतान के लिए, 10% छूट देता है फिर भी उसे 10% का लाभ होता है। उस खिलौने की लागत कीमत क्या है, जिसकी अंकित कीमत रु॰ 770 है ?
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