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Knowledge Traditions and Practices of India, Part I

कक्षा 11 · कला एवं संस्कृति

2016–2026 के UPSC प्रारंभिक परीक्षा के असली प्रश्न, जो इस किताब से जुड़े हैं। पहले हर प्रश्न ख़ुद हल करें, फिर उत्तर खोलें। 2026 के उत्तर UPSC की अनंतिम उत्तर कुंजी पर आधारित हैं।

प्रश्नों का हिंदी पाठ UPSC के आधिकारिक प्रश्न पत्र से लिया गया है, जैसा छपा है।

इनमें से एक प्रश्न संबंधित है: केवल NCERT से इसका उत्तर नहीं मिलता, इसलिए UPSC का उत्तर ज़रूरी तथ्य के साथ दिखाया गया है।

अध्याय 1 · Language and Literature of India

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 41

प्राचीन भारत के इतिहास के संदर्भ में, भवभूति, हस्तिमल्ल तथा क्षेमेश्वर क्यों प्रसिद्ध थे?

  1. (a)जैन साधु
  2. (b)नाटककार
  3. (c)मंदिर वास्तुकार
  4. (d)दार्शनिक
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'Knowledge Traditions and Practices of India, Part I', अध्याय 1 (Language and Literature of India)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 11 'Knowledge Traditions and Practices of India', अध्याय 1 में भवभूति को भास, कालिदास और शूद्रक के साथ महान संस्कृत नाटककारों में गिना गया है। प्रश्न तीनों नामों को एक ही समूह में रखता है, इसलिए वे नाटककार थे। उत्तर (b)।

NCERT से आगे: उदाहरण के लिए, क्षेमीश्वर ने सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र पर संस्कृत नाटक 'चंडकौशिक' लिखा। स्रोत: IGNOU (egyankosh.ac.in), Unit 16 'Languages and Literature'

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 41 ↗

प्रारंभिक 2024 · प्रश्न 63

निम्नलिखित में से कौन-सी नाटककार भास की रचना है ?

  1. (a)काव्यालंकार
  2. (b)नाट्यशास्त्र
  3. (c)मध्यम-व्यायोगः
  4. (d)महाभाष्य
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'Knowledge Traditions and Practices of India, Part I', अध्याय 1 (Language and Literature of India)।

Knowledge Traditions and Practices of India (अध्याय 1) भास के नाटकों की सूची देती है, जिसमें मध्यमव्यायोग भी है। इसलिए (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2024), प्रश्न 63 ↗

अध्याय 5 · Astronomy in India

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 87

‘विकसित लेज़र व्यतिकरणमापी अंतरिक्ष ऐन्टेना (इवॉल्वड लेज़र इन्टरफेरोमीटर स्पेस ऐन्टेना/eLISA)’ परियोजना का क्या प्रयोजन है ?

  1. (a)न्यूट्रिनों का संसूचन करना
  2. (b)गुरुत्वीय तरंगों का संसूचन करना
  3. (c)प्रक्षेपणास्त्र रक्षा प्रणाली की प्रभावकारिता का संसूचन करना
  4. (d)हमारी संचार प्रणालियों पर सौर प्रज्वाल (सोलर फ्लेयर) के प्रभाव का अध्ययन करना
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'Knowledge Traditions and Practices of India, Part I', अध्याय 5 (Astronomy in India)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 11 'Knowledge Traditions and Practices of India' (भाग 1), अध्याय 5: LIGO (लेज़र इंटरफ़ेरोमीटर ग्रैविटेशनल-वेव ऑब्ज़र्वेटरी) गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाती है। eLISA भी इसी तरह का यंत्र — लेज़र इंटरफ़ेरोमीटर — है, जिसे अंतरिक्ष में रखा जाना है। उत्तर (b)।

NCERT से आगे: eLISA को अब LISA कहा जाता है; यह यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का मिशन है, जिसे लगभग 2035 में भेजने की योजना है। यह अंतरिक्ष में गुरुत्वीय तरंगों की पहली वेधशाला होगी। स्रोत: ESA, LISA factsheet, esa.int

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 87 ↗

प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 97

हाल ही में वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से अरबों प्रकाश-वर्ष दूर विशालकाय ‘ब्लैकहोलों’ के विलय का प्रेक्षण किया। इस प्रेक्षण का क्या महत्त्व है?

  1. (a)‘हिग्स बोसॉन कणों’ का अभिज्ञान हुआ।
  2. (b)‘गुरुत्वीय तरंगों’ का अभिज्ञान हुआ।
  3. (c)‘वॉर्महोल’ से होते हुए अंतरा-मंदाकिनीय अंतरिक्ष यात्रा की संभावना की पुष्टि हुई।
  4. (d)इसने वैज्ञानिकों को ‘विलक्षणता (सिंगुलैरिटि)’ को समझना सुकर बनाया।
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'Knowledge Traditions and Practices of India, Part I', अध्याय 5 (Astronomy in India)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: 2015 में पकड़ी गई गुरुत्वीय तरंगें लगभग 1.3 अरब वर्ष पहले दो ब्लैक होल के आपस में मिलकर एक हो जाने से पैदा हुई थीं।

कक्षा 11 'Knowledge Traditions and Practices of India' (भाग 1), अध्याय 5: भारतीय वैज्ञानिक उस दल में थे जिसने 2016 में आइंस्टीन द्वारा बताई गई गुरुत्वीय तरंगों की खोज की घोषणा की। इस तथ्य के साथ, ब्लैक होल का विलय वही खोज है। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2019), प्रश्न 97 ↗

अध्याय 6 · Mathematics in India

प्रारंभिक 2026 · प्रश्न 7

भारत में स्थानीय-मान पद्धति (place-value system) के उपयोग से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.भारत में स्थानीय-मान पद्धति का सर्वप्रथम उत्कीर्ण-अभिलेखीय उपयोग गुजरात की मनकणी पट्टिकाओं (595 – 596 AD) में मिलता है।
  2. 2.नवीं शताब्दी में, संपूर्ण भारत में उत्कीर्ण लेखों में स्थानीय-मान सामान्य हो जाते हैं।
  3. 3.दक्षिण-पूर्व एशिया में संस्कृत के उत्कीर्ण लेखों में स्थानीय-मान सातवीं शताब्दी के प्रारंभ से ही मिलते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं ?

  1. (a)केवल 1 और 2
  2. (b)केवल 1 और 3
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का अनंतिम उत्तर: (d)

NCERT में विषय है; उत्तर UPSC की कुंजी से: कक्षा 11 'Knowledge Traditions and Practices of India', अध्याय 6 बताता है कि दशमलव स्थानीय-मान पद्धति का आविष्कार और पहला प्रयोग भारत में हुआ। पर यह नहीं बताता कि अभिलेखों में यह पहली बार कहाँ मिलती है। UPSC का उत्तर (d) है, यानी तीनों कथन सही हैं। भारत में इसका सबसे पुराना अभिलेख गुजरात के मानकणी ताम्रपत्र (595–596 ई.) हैं। नौवीं सदी तक भारतीय अभिलेखों में स्थानीय-मान आम हो गया, और दक्षिण-पूर्व एशिया के संस्कृत अभिलेखों में यह सातवीं सदी से मिलता है। उत्तर (d)।

NCERT में विषय है (उत्तर नहीं): कक्षा 11 'Knowledge Traditions and Practices of India, Part I', अध्याय 6 (Mathematics in India)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2026), प्रश्न 7 ↗

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पिछले वर्षों के प्रश्न upsc.gov.in पर प्रकाशित UPSC के प्रश्न पत्रों और उत्तर कुंजियों (अंतिम कुंजियाँ; 2026 के लिए अनंतिम कुंजी) से लिए गए हैं।

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