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समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय

कक्षा 12 · अर्थव्यवस्था

2016–2026 के UPSC प्रारंभिक परीक्षा के असली प्रश्न, जो इस किताब से जुड़े हैं। पहले हर प्रश्न ख़ुद हल करें, फिर उत्तर खोलें। 2026 के उत्तर UPSC की अनंतिम उत्तर कुंजी पर आधारित हैं।

प्रश्नों का हिंदी पाठ UPSC के आधिकारिक प्रश्न पत्र से लिया गया है, जैसा छपा है।

एक प्रश्न एक से ज़्यादा अध्यायों से जुड़ सकता है, इसलिए अध्यायों की गिनती जोड़ने पर 25 से ज़्यादा आती है।

अध्याय 3 · मुद्रा और बैंकिंग

प्रारंभिक 2018 · प्रश्न 46

निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन वैध मुद्रा (लीगल टेंडर मनी) के अर्थ को सही वर्णित करता है ?

  1. (a)न्यायालय में विधिक मामलों के लिए फीस के चुकाने में जो मुद्रा दी जाती है
  2. (b)वह मुद्रा जो कोई ऋणदाता अपने दावों के निपटाने में स्वीकार करने के लिए बाध्य होता है
  3. (c)चैक, ड्राफ़्ट, विनिमय बिलों, आदि के रूप में बैंक मुद्रा
  4. (d)किसी देश में चलन में धातु मुद्रा
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 3): करेंसी नोट और सिक्के वैध मुद्रा कहलाते हैं, क्योंकि कोई भी नागरिक किसी लेन-देन के निपटारे में इन्हें लेने से इनकार नहीं कर सकता। इसलिए (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2018), प्रश्न 46 ↗

प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 64

भारत में किसी वाणिज्यिक बैंक की परिसंपत्ति में निम्नलिखित में से क्या शामिल नहीं है?

  1. (a)अग्रिम
  2. (b)जमा
  3. (c)निवेश
  4. (d)माँग तथा अल्प सूचना मुद्रा (मनी ऐट कॉल ऐंड शॉर्ट नोटिस)
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 3): बैंक की परिसंपत्तियाँ उसके दिए ऋण और उसके रिज़र्व हैं। उसके पास जमा राशि उसकी देनदारी है। इसलिए (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2019), प्रश्न 64 ↗

प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 90

किसी अर्थव्यवस्था में मुद्रा गुणक (मनी मल्टिप्लायर) निम्नलिखित में से किस एक के साथ-साथ बढ़ता है?

  1. (a)आरक्षित नकदी (कैश रिज़र्व) अनुपात में वृद्धि
  2. (b)जनता की बैंकिंग आदतों में वृद्धि
  3. (c)सांविधिक नकदी अनुपात में वृद्धि
  4. (d)देश की जनसंख्या में वृद्धि
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: जब लोग अपना ज़्यादा पैसा नक़दी के बजाय बैंकों में रखते हैं (बेहतर बैंकिंग आदत), तो बैंकों के पास उधार देने के लिए ज़्यादा जमा होती है, इसलिए मुद्रा गुणक बढ़ता है।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 बताता है कि जमा और आरक्षित अनुपात से मुद्रा कैसे बनती है और आरक्षित नकदी (कैश रिज़र्व) अनुपात ऊँचा होने पर मुद्रा गुणक क्यों घटता है। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2019), प्रश्न 90 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 50

यदि आप अपने बैंक के माँग जमा खाते (Demand Deposit Account) से ₹ 1,00,000 की नकद राशि निकालते हैं, तो अर्थव्यवस्था में तात्कालिक रूप से मुद्रा की समग्र पूर्ति पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा ?

  1. (a)मुद्रा की समग्र पूर्ति में ₹ 1,00,000 की कमी आएगी
  2. (b)मुद्रा की समग्र पूर्ति में ₹ 1,00,000 की वृद्धि होगी
  3. (c)मुद्रा की समग्र पूर्ति में ₹ 1,00,000 से अधिक की वृद्धि होगी
  4. (d)मुद्रा की समग्र पूर्ति अपरिवर्तित रहेगी
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3: मुद्रा पूर्ति M1 = जनता के पास करेंसी + माँग जमा। ₹1 लाख निकालने से आपकी जमा ₹1 लाख घटती है और नक़दी ₹1 लाख बढ़ती है, इसलिए M1 नहीं बदलता। उत्तर (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 50 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 57

यदि आर.बी.आई. प्रसारवादी मौद्रिक नीति का अनुसरण करने का निर्णय लेता है, तो वह निम्नलिखित में से क्या नहीं करेगा ?

  1. 1.वैधानिक तरलता अनुपात को घटाकर उसे अनुकूलित करना
  2. 2.सीमान्त स्थायी सुविधा दर को बढ़ाना
  3. 3.बैंक दर को घटाना तथा रेपो दर को भी घटाना

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1 और 2
  2. (b)केवल 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3: बैंक दर बढ़ाने से मुद्रा पूर्ति घटती है और घटाने से बढ़ती है। आरक्षित अनुपात बैंकों की उधार देने की क्षमता सीमित करते हैं। इसलिए प्रसारवादी मौद्रिक नीति अपनाने वाला भारतीय रिज़र्व बैंक वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) और ब्याज दरें घटाएगा (1 और 3), पर सीमान्त स्थायी सुविधा (MSF) दर नहीं बढ़ाएगा। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 57 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 9

भारत में काले धन के सृजन के निम्नलिखित प्रभावों में से कौन-सा भारत सरकार की चिन्ता का प्रमुख कारण है?

  1. (a)स्थावर संपदा के क्रय और विलासितायुक्त आवास में निवेश के लिए संसाधनों का अपयोजन
  2. (b)अनुत्पादक गतिविधियों में निवेश और जवाहरात, गहने, सोना इत्यादि का क्रय
  3. (c)राजनीतिक दलों को बड़े चंदे एवं क्षेत्रवाद का विकास
  4. (d)कर अपवंचन के कारण राजकोष में राजस्व की हानि
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (विमुद्रीकरण वाला अंश) काले धन पर रोक को कर चोरी ख़त्म करने से जोड़ता है। कर चोरी से होने वाला राजस्व का नुक़सान ही सरकार की मुख्य चिंता है। उत्तर (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 9 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 11

निम्नलिखित में से किससे किसी अर्थव्यवस्था में मुद्रा गुणक में वृद्धि होती है?

  1. (a)बैंकों में आरक्षित नकदी निधि अनुपात में वृद्धि
  2. (b)बैंकों के सांविधिक चलनिधि अनुपात में वृद्धि
  3. (c)लोगों की बैंकिंग आदतों में वृद्धि
  4. (d)देश की जनसंख्या में वृद्धि
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: जब लोग अपना ज़्यादा पैसा नक़दी के बजाय बैंकों में रखते हैं (बेहतर बैंकिंग आदत), तो बैंकों के पास उधार देने के लिए ज़्यादा जमा होती है, इसलिए मुद्रा गुणक बढ़ता है।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 बताता है कि जमा और आरक्षित अनुपात से मुद्रा कैसे बनती है और ऊँची आरक्षित आवश्यकताएँ गुणक को क्यों घटाती हैं। उत्तर (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 11 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 12

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, माँग-प्रेरित मुद्रास्फीति या उसमें वृद्धि निम्नलिखित किन कारणों से होती है?

  1. 1.विस्तारकारी नीतियाँ
  2. 2.राजकोषीय प्रोत्साहन
  3. 3.मुद्रास्फीति सूचकांकन मजदूरी (इन्फ्लेशन-इंडेक्सिंग वेजेस)
  4. 4.उच्च क्रय शक्ति
  5. 5.बढ़ती ब्याज दर

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a)केवल 1, 2 और 4
  2. (b)केवल 3, 4 और 5
  3. (c)केवल 1, 2, 3 और 5
  4. (d)1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था); कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5: सरकार ख़र्च बढ़ाए या कर घटाए तो समग्र माँग बढ़ती है — यही माँग-प्रेरित मुद्रास्फीति है (कथन 1, 2 और 4)। अध्याय 3 दिखाता है कि ऊँची ब्याज दरें मुद्रा पूर्ति घटाती हैं, इसलिए बढ़ती ब्याज दरें (5) माँग नहीं बढ़ा सकतीं। (a) को छोड़कर हर विकल्प में 5 है।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 12 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 15

भारत में, ‘अंतिम उधारदाता (लेंडर ऑफ लास्ट रिसॉर्ट)’ के रूप में केन्द्रीय बैंक के कार्य में सामान्यतः निम्नलिखित में से क्या सम्मिलित है/हैं?

  1. 1.अन्य स्रोतों से ऋण प्राप्ति में विफल होने पर व्यापार एवं उद्योग निकायों को ऋण प्रदान करना
  2. 2.अस्थायी संकट के समय बैंकों के लिए चलनिधि उपलब्ध कराना
  3. 3.बजटीय घाटों के वित्तीयन के लिए सरकारों को ऋण देना

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a)1 और 2
  2. (b)केवल 2
  3. (c)2 और 3
  4. (d)केवल 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 3): भारतीय रिज़र्व बैंक बैंकों को हर समय उधार देने के लिए तैयार रहता है — इसीलिए उसे अंतिम उधारदाता (NCERT में: अंतिम ऋणदाता) कहा जाता है। इसलिए (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 15 ↗

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 3

भारतीय अर्थव्यवस्था के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.यदि मुद्रास्फीति अत्यधिक है, तो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) सम्भावित रूप से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीद सकता है ।
  2. 2.यदि रुपए का तेजी से मूल्यह्रास हो रहा है, तो RBI बाज़ार में डॉलरों का सम्भावित रूप से विक्रय कर सकता है ।
  3. 3.यदि USA या यूरोपीय संघ में ब्याज दरें गिरती होतीं, तो इससे सम्भावित रूप से RBI की डॉलरों की खरीद प्रेरित हो सकती है ।

उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं ?

  1. (a)केवल 1 और 2
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग); कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3: RBI प्रतिभूतियाँ ख़रीदता है तो बाज़ार में पैसा डालता है, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ती है — इसलिए कथन 1 ग़लत है। अध्याय 6: रुपये को स्थिर रखने के लिए RBI डॉलर ख़रीदता-बेचता है, इसलिए रुपया गिरने पर डॉलर बेचता है (कथन 2)। पूँजी ऊँची ब्याज दर की ओर जाती है, इसलिए अमेरिका या यूरोप में दरें घटने पर डॉलर भारत आते हैं, जिन्हें RBI ख़रीदकर सोख लेता है (कथन 3)। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 3 ↗

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 68

भारत में, निम्नलिखित में कौन मुद्रास्फीति को नियंत्रित कर कीमत स्थिरता बनाए रखने के लिए उत्तरदायी है ?

  1. (a)उपभोक्ता मामले विभाग
  2. (b)व्यय प्रबंधन आयोग
  3. (c)वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद्
  4. (d)भारतीय रिज़र्व बैंक
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 के अनुसार RBI बैंक दर, खुले बाज़ार की क्रियाओं और आरक्षित अनुपातों से देश की मुद्रा पूर्ति नियंत्रित करता है। मुद्रास्फीति नियंत्रित करने के यही साधन हैं, और बाक़ी किसी संस्था के पास ये नहीं हैं। उत्तर (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 68 ↗

अध्याय 4 · आय और रोज़गार के निर्धारण

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 3

आर्थिक मंदी के समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कदम उठाए जाने की सर्वाधिक संभावना होती है?

  1. (a)कर की दरों में कटौती के साथ-साथ ब्याज दर में वृद्धि करना
  2. (b)सार्वजनिक परियोजनाओं पर व्यय में वृद्धि करना
  3. (c)कर की दरों में वृद्धि के साथ-साथ ब्याज दर में कमी करना
  4. (d)सार्वजनिक परियोजनाओं पर व्यय में कमी करना
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 4 (आय और रोज़गार के निर्धारण)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 4: सरकारी ख़र्च समग्र माँग का हिस्सा है, और अतिरिक्त ख़र्च उत्पादन को अपने से कहीं ज़्यादा बढ़ाता है (गुणक)। मंदी में माँग बढ़ानी होती है, इसलिए सार्वजनिक ख़र्च बढ़ाया जाता है। कर या ब्याज दरें बढ़ाने, या परियोजनाएँ घटाने से मंदी और गहरी होगी। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 3 ↗

अध्याय 5 · सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था

प्रारंभिक 2016 · प्रश्न 12

निम्नलिखित में से किसको/किनको भारत सरकार के पूँजी बजट में शामिल किया जाता है?

  1. 1.सड़कों, इमारतों, मशीनरी आदि जैसी परिसंपत्तियों के अधिग्रहण पर व्यय
  2. 2.विदेशी सरकारों से प्राप्त ऋण
  3. 3.राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों को अनुदत्त ऋण और अग्रिम

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): इमारत, मशीनरी जैसी परिसंपत्तियाँ और राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को दिए ऋण पूँजीगत व्यय हैं, और सरकार को मिलने वाले ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ हैं। तीनों पूँजी बजट में आते हैं। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2016), प्रश्न 12 ↗

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 81

‘वस्तु एवं सेवा कर (गुड्स ऐंड सर्विसेज़ टैक्स/GST)’ के क्रियान्वित किए जाने का/के सर्वाधिक संभावित लाभ क्या है/हैं ?

  1. 1.यह भारत में बहु-प्राधिकरणों द्वारा वसूल किए जा रहे बहुल करों का स्थान लेगा और इस प्रकार एकल बाज़ार स्थापित करेगा ।
  2. 2.यह भारत के ‘चालू खाता घाटे’ को प्रबलता से कम कर उसके विदेशी मुद्रा भण्डार को बढ़ाने हेतु उसे सक्षम बनाएगा ।
  3. 3.यह भारत की अर्थव्यवस्था की संवृद्धि और आकार को बृहद् रूप से बढ़ाएगा और उसे निकट भविष्य में चीन से आगे निकल जाने योग्य बनाएगा ।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (बॉक्स 'एक राष्ट्र, एक कर, एक बाज़ार'): GST ने केंद्र और राज्यों के कई करों को मिलाकर एक कर बनाया — यही कथन 1 है। चालू खाता घाटा ख़त्म करने या भारत के चीन से आगे निकल जाने जैसे दावों का NCERT में कोई आधार नहीं है। इतने बड़े दावों के लिए प्रमाण चाहिए। उत्तर (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 81 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 6

वित्त मंत्री संसद में बजट प्रस्तुत करते हुए उसके साथ अन्य प्रलेख भी प्रस्तुत करते हैं जिनमें ‘बृहद् आर्थिक रूपरेखा विवरण (The Macro Economic Framework Statement)’ भी सम्मिलित रहता है । यह पूर्वोक्त प्रलेख निम्न आदेशन के कारण प्रस्तुत किया जाता है :

  1. (a)चिरकालिक संसदीय परम्परा के कारण
  2. (b)भारत के संविधान के अनुच्छेद 112 तथा अनुच्छेद 110(1) के कारण
  3. (c)भारत के संविधान के अनुच्छेद 113 के कारण
  4. (d)राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबन्धन अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के कारण
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 बजट के साथ तीन नीति-वक्तव्य अनिवार्य करता है, जिनमें मैक्रो-आर्थिक ढाँचा वक्तव्य भी है। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 6 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 10

निम्नलिखित में से कौन-सा अपने प्रभाव में सर्वाधिक मुद्रास्फीतिकारक हो सकता है?

  1. (a)सार्वजनिक ऋण की चुकौती
  2. (b)बजट घाटे के वित्तीयन के लिए जनता से उधार लेना
  3. (c)बजट घाटे के वित्तीयन के लिए बैंकों से उधार लेना
  4. (d)बजट घाटे के वित्तीयन के लिए नई मुद्रा का सृजन करना
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: नया पैसा छापने से मुद्रा पूर्ति सीधे बढ़ती है, इसलिए घाटे की भरपाई का यह सबसे ज़्यादा मुद्रास्फीतिकारी तरीक़ा है। उधार लेने से केवल पहले से मौजूद पैसा इधर-उधर होता है।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 घाटे की भरपाई के तीन तरीक़े (कर, उधार, नई मुद्रा छापना) बताता है और समझाता है कि घाटा मुद्रास्फीतिकारी क्यों हो सकता है। उत्तर (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 10 ↗

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 9

किसी संगठन या कंपनी द्वारा किए गए व्यय के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. 1.नई प्रौद्योगिकी प्राप्त करना पूँजीगत व्यय है ।
  2. 2.ऋण वित्तीयन को पूँजीगत व्यय माना जाता है, जबकि ईक्विटी वित्तीयन को राजस्व व्यय माना जाता है ।

नीचे दिए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)1 और 2 दोनों
  4. (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: ऋण और इक्विटी पैसा जुटाने (वित्तपोषण) के तरीक़े हैं, ख़र्च के प्रकार नहीं। इसलिए ये न पूँजीगत व्यय हैं, न राजस्व व्यय।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5: जो ख़र्च परिसंपत्तियाँ बनाता है, जैसे नई तकनीक या मशीनरी, वह पूँजीगत व्यय है (कथन 1)। उत्तर (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 9 ↗

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 10

भारतीय अर्थव्यवस्था के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.घरेलू वित्तीय बचत का एक भाग सरकारी ऋणग्रहण के लिए जाता है ।
  2. 2.नीलामी में बाज़ार-संबंधित दरों पर जारी दिनांकित प्रतिभूतियाँ, आंतरिक ऋण का एक बड़ा घटक होती हैं ।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)1 और 2 दोनों
  4. (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियाँ (बाज़ार दरों पर नीलाम होने वाले दीर्घकालीन बॉन्ड) केंद्र के आंतरिक ऋण का सबसे बड़ा हिस्सा हैं।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5: सरकारी उधार जनता की बचत से लिया जाता है (कथन 1)। उत्तर (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 10 ↗

प्रारंभिक 2025 · प्रश्न 10

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. I.पूँजीगत प्राप्तियाँ देयता का सृजन करती हैं या सरकार की परिसंपत्तियों में कमी लाती हैं।
  2. II.उधार-ग्रहण और विनिवेश पूँजीगत प्राप्तियाँ हैं।
  3. III.ऋणों पर प्राप्त ब्याज सरकार की देयता का सृजन करता है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-कौन से सही हैं?

  1. (a)केवल I और II
  2. (b)केवल II और III
  3. (c)केवल I और III
  4. (d)I, II और III
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): पूँजीगत प्राप्तियाँ वे हैं जो देनदारी बनाती हैं या वित्तीय परिसंपत्तियाँ घटाती हैं, और इनमें उधार और विनिवेश शामिल हैं। ब्याज से मिली राशि ग़ैर-कर राजस्व है, जिससे कोई देनदारी नहीं बनती। यानी I और II: (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2025), प्रश्न 10 ↗

प्रारंभिक 2025 · प्रश्न 61

मान लीजिए सरकार का राजस्व व्यय ₹ 80,000 करोड़ है और राजस्व प्राप्ति ₹ 60,000 करोड़ है। सरकारी बजट ₹ 10,000 करोड़ के उधार-ग्रहण और ₹ 6,000 करोड़ के ब्याज भुगतान को भी प्रदर्शित करता है। निम्नलिखित कथनों में कौन-कौन से सही हैं?

  1. I.राजस्व घाटा ₹ 20,000 करोड़ है।
  2. II.राजकोषीय घाटा ₹ 10,000 करोड़ है।
  3. III.प्राथमिक घाटा ₹ 4,000 करोड़ है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a)केवल I और II
  2. (b)केवल II और III
  3. (c)केवल I और III
  4. (d)I, II और III
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): राजस्व घाटा = राजस्व व्यय − राजस्व प्राप्तियाँ = ₹20,000 करोड़। राजकोषीय घाटा वह अंतर है जो उधार के अलावा प्राप्तियों से पूरा नहीं होता, यानी उधार लिए गए ₹10,000 करोड़। प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा − ब्याज = ₹4,000 करोड़। तीनों कथन सही हैं। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2025), प्रश्न 61 ↗

प्रारंभिक 2025 · प्रश्न 65

किसी देश का राजकोषीय घाटा ₹ 50,000 करोड़ है। इसे गैर-ऋण सर्जक पूँजीगत प्राप्तियों के माध्यम से ₹ 10,000 करोड़ प्राप्त हो रहे हैं। उस देश की ब्याज देयताएँ ₹ 1,500 करोड़ हैं। उसका सकल प्राथमिक घाटा कितना है?

  1. (a)₹ 48,500 करोड़
  2. (b)₹ 51,500 करोड़
  3. (c)₹ 58,500 करोड़
  4. (d)उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): सकल प्राथमिक घाटा = सकल राजकोषीय घाटा − निवल ब्याज देनदारियाँ = ₹50,000 − ₹1,500 = ₹48,500 करोड़। इसलिए (a)।

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अध्याय 6 · खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र

प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 65

भारत के संदर्भ में, मुद्रा संकट के जोखिम को कम करने में निम्नलिखित में से किस/किन कारक/कारकों का योगदान है?

  1. 1.भारत के IT सेक्टर के विदेशी मुद्रा अर्जन का
  2. 2.सरकारी व्यय के बढ़ने का
  3. 3.विदेशस्थ भारतीयों द्वारा भेजे गए धन का

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 3
  3. (c)केवल 2
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 10 'समकालीन भारत-2', अध्याय 7 (राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ); कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 10 'समकालीन भारत-2', अध्याय 7: भारत IT निर्यात से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा कमाता है। कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6: विदेश से भेजा गया धन (अंतरण) भुगतान संतुलन में आवक है। दोनों से डॉलर आते हैं, जिससे रुपया सुरक्षित रहता है। सरकारी ख़र्च बढ़ाने से ऐसा नहीं होता। उत्तर (b)।

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प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 86

भारतीय रुपए की गिरावट रोकने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा एक सरकार/भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किया जाने वाला सर्वाधिक संभावित उपाय नहीं है?

  1. (a)गैर-ज़रूरी वस्तुओं के आयात पर नियंत्रण और निर्यात को प्रोत्साहन
  2. (b)भारतीय उधारकर्ताओं को रुपए मूल्यवर्ग के मसाला बॉन्ड जारी करने हेतु प्रोत्साहित करना
  3. (c)विदेशी वाणिज्यिक उधारी से संबंधित दशाओं को आसान बनाना
  4. (d)एक प्रसरणशील मौद्रिक नीति का अनुसरण करना
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6: देश में ऊँची ब्याज दरें मुद्रा को मज़बूत करती हैं। प्रसरणशील (विस्तारवादी) मौद्रिक नीति ब्याज दरें घटाती है, इसलिए वह रुपये को और कमज़ोर करेगी — यही वह क़दम है जो भारतीय रिज़र्व बैंक नहीं उठाएगा। बाक़ी तीनों विकल्प डॉलर लाते हैं। उत्तर (d)।

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प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 51

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सी उसकी प्रमुख विशेषता मानी जाती है ?

  1. (a)यह मूलतः किसी सूचीबद्ध कम्पनी में पूँजीगत साधनों द्वारा किया जाने वाला निवेश है ।
  2. (b)यह मुख्यतः ऋण सृजित न करने वाला पूँजी प्रवाह है ।
  3. (c)यह ऐसा निवेश है जिससे ऋण-समाशोधन अपेक्षित होता है ।
  4. (d)यह विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों में किया जाने वाला निवेश है ।
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश स्वामित्व पूँजी (इक्विटी) लाता है, क़र्ज़ नहीं। इसलिए इस पर भारत को कोई मूलधन या ब्याज नहीं चुकाना पड़ता। यानी यह ऐसा प्रवाह है जिससे क़र्ज़ नहीं बनता।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को पूँजी खाते की एक मद के रूप में, बाहरी उधारी से अलग, दिखाया गया है। उत्तर (b)।

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प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 8

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

किसी मुद्रा के अवमूल्यन का प्रभाव यह है कि वह अनिवार्य रूप से

  1. 1.विदेशी बाजारों में घरेलू निर्यातों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाता है
  2. 2.घरेलू मुद्रा के विदेशी मूल्य को बढ़ाता है
  3. 3.व्यापार संतुलन में सुधार लाता है

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a)केवल 1
  2. (b)1 और 2
  3. (c)केवल 3
  4. (d)2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: अवमूल्यन से व्यापार संतुलन ज़रूरी नहीं कि सुधरे। अगर कच्चे तेल जैसे आयात घटाए नहीं जा सकते, तो आयात बिल उल्टे बढ़ सकता है।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6: अवमूल्यन से घरेलू मुद्रा सस्ती होती है (इसलिए 2 ग़लत), जिससे विदेश में निर्यात सस्ते होते हैं (1 सही)। उत्तर (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 8 ↗

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