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समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय

कक्षा 12 · अर्थव्यवस्था

अध्याय 6 · खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र

2016–2026 के UPSC प्रारंभिक परीक्षा के असली प्रश्न, जो इस किताब से जुड़े हैं। पहले हर प्रश्न ख़ुद हल करें, फिर उत्तर खोलें। 2026 के उत्तर UPSC की अनंतिम उत्तर कुंजी पर आधारित हैं।

प्रश्नों का हिंदी पाठ UPSC के आधिकारिक प्रश्न पत्र से लिया गया है, जैसा छपा है।

प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 65

भारत के संदर्भ में, मुद्रा संकट के जोखिम को कम करने में निम्नलिखित में से किस/किन कारक/कारकों का योगदान है?

  1. 1.भारत के IT सेक्टर के विदेशी मुद्रा अर्जन का
  2. 2.सरकारी व्यय के बढ़ने का
  3. 3.विदेशस्थ भारतीयों द्वारा भेजे गए धन का

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 3
  3. (c)केवल 2
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 10 'समकालीन भारत-2', अध्याय 7 (राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ); कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 10 'समकालीन भारत-2', अध्याय 7: भारत IT निर्यात से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा कमाता है। कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6: विदेश से भेजा गया धन (अंतरण) भुगतान संतुलन में आवक है। दोनों से डॉलर आते हैं, जिससे रुपया सुरक्षित रहता है। सरकारी ख़र्च बढ़ाने से ऐसा नहीं होता। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2019), प्रश्न 65 ↗

प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 86

भारतीय रुपए की गिरावट रोकने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा एक सरकार/भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किया जाने वाला सर्वाधिक संभावित उपाय नहीं है?

  1. (a)गैर-ज़रूरी वस्तुओं के आयात पर नियंत्रण और निर्यात को प्रोत्साहन
  2. (b)भारतीय उधारकर्ताओं को रुपए मूल्यवर्ग के मसाला बॉन्ड जारी करने हेतु प्रोत्साहित करना
  3. (c)विदेशी वाणिज्यिक उधारी से संबंधित दशाओं को आसान बनाना
  4. (d)एक प्रसरणशील मौद्रिक नीति का अनुसरण करना
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6: देश में ऊँची ब्याज दरें मुद्रा को मज़बूत करती हैं। प्रसरणशील (विस्तारवादी) मौद्रिक नीति ब्याज दरें घटाती है, इसलिए वह रुपये को और कमज़ोर करेगी — यही वह क़दम है जो भारतीय रिज़र्व बैंक नहीं उठाएगा। बाक़ी तीनों विकल्प डॉलर लाते हैं। उत्तर (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2019), प्रश्न 86 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 51

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सी उसकी प्रमुख विशेषता मानी जाती है ?

  1. (a)यह मूलतः किसी सूचीबद्ध कम्पनी में पूँजीगत साधनों द्वारा किया जाने वाला निवेश है ।
  2. (b)यह मुख्यतः ऋण सृजित न करने वाला पूँजी प्रवाह है ।
  3. (c)यह ऐसा निवेश है जिससे ऋण-समाशोधन अपेक्षित होता है ।
  4. (d)यह विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों में किया जाने वाला निवेश है ।
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश स्वामित्व पूँजी (इक्विटी) लाता है, क़र्ज़ नहीं। इसलिए इस पर भारत को कोई मूलधन या ब्याज नहीं चुकाना पड़ता। यानी यह ऐसा प्रवाह है जिससे क़र्ज़ नहीं बनता।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को पूँजी खाते की एक मद के रूप में, बाहरी उधारी से अलग, दिखाया गया है। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 51 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 8

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

किसी मुद्रा के अवमूल्यन का प्रभाव यह है कि वह अनिवार्य रूप से

  1. 1.विदेशी बाजारों में घरेलू निर्यातों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाता है
  2. 2.घरेलू मुद्रा के विदेशी मूल्य को बढ़ाता है
  3. 3.व्यापार संतुलन में सुधार लाता है

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a)केवल 1
  2. (b)1 और 2
  3. (c)केवल 3
  4. (d)2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: अवमूल्यन से व्यापार संतुलन ज़रूरी नहीं कि सुधरे। अगर कच्चे तेल जैसे आयात घटाए नहीं जा सकते, तो आयात बिल उल्टे बढ़ सकता है।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6: अवमूल्यन से घरेलू मुद्रा सस्ती होती है (इसलिए 2 ग़लत), जिससे विदेश में निर्यात सस्ते होते हैं (1 सही)। उत्तर (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 8 ↗

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 3

भारतीय अर्थव्यवस्था के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.यदि मुद्रास्फीति अत्यधिक है, तो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) सम्भावित रूप से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीद सकता है ।
  2. 2.यदि रुपए का तेजी से मूल्यह्रास हो रहा है, तो RBI बाज़ार में डॉलरों का सम्भावित रूप से विक्रय कर सकता है ।
  3. 3.यदि USA या यूरोपीय संघ में ब्याज दरें गिरती होतीं, तो इससे सम्भावित रूप से RBI की डॉलरों की खरीद प्रेरित हो सकती है ।

उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं ?

  1. (a)केवल 1 और 2
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग); कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3: RBI प्रतिभूतियाँ ख़रीदता है तो बाज़ार में पैसा डालता है, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ती है — इसलिए कथन 1 ग़लत है। अध्याय 6: रुपये को स्थिर रखने के लिए RBI डॉलर ख़रीदता-बेचता है, इसलिए रुपया गिरने पर डॉलर बेचता है (कथन 2)। पूँजी ऊँची ब्याज दर की ओर जाती है, इसलिए अमेरिका या यूरोप में दरें घटने पर डॉलर भारत आते हैं, जिन्हें RBI ख़रीदकर सोख लेता है (कथन 3)। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 3 ↗

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पिछले वर्षों के प्रश्न upsc.gov.in पर प्रकाशित UPSC के प्रश्न पत्रों और उत्तर कुंजियों (अंतिम कुंजियाँ; 2026 के लिए अनंतिम कुंजी) से लिए गए हैं।

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