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समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय

कक्षा 12 · अर्थव्यवस्था

अध्याय 5 · सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था

2016–2026 के UPSC प्रारंभिक परीक्षा के असली प्रश्न, जो इस किताब से जुड़े हैं। पहले हर प्रश्न ख़ुद हल करें, फिर उत्तर खोलें। 2026 के उत्तर UPSC की अनंतिम उत्तर कुंजी पर आधारित हैं।

प्रश्नों का हिंदी पाठ UPSC के आधिकारिक प्रश्न पत्र से लिया गया है, जैसा छपा है।

प्रारंभिक 2016 · प्रश्न 12

निम्नलिखित में से किसको/किनको भारत सरकार के पूँजी बजट में शामिल किया जाता है?

  1. 1.सड़कों, इमारतों, मशीनरी आदि जैसी परिसंपत्तियों के अधिग्रहण पर व्यय
  2. 2.विदेशी सरकारों से प्राप्त ऋण
  3. 3.राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों को अनुदत्त ऋण और अग्रिम

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): इमारत, मशीनरी जैसी परिसंपत्तियाँ और राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को दिए ऋण पूँजीगत व्यय हैं, और सरकार को मिलने वाले ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ हैं। तीनों पूँजी बजट में आते हैं। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2016), प्रश्न 12 ↗

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 81

‘वस्तु एवं सेवा कर (गुड्स ऐंड सर्विसेज़ टैक्स/GST)’ के क्रियान्वित किए जाने का/के सर्वाधिक संभावित लाभ क्या है/हैं ?

  1. 1.यह भारत में बहु-प्राधिकरणों द्वारा वसूल किए जा रहे बहुल करों का स्थान लेगा और इस प्रकार एकल बाज़ार स्थापित करेगा ।
  2. 2.यह भारत के ‘चालू खाता घाटे’ को प्रबलता से कम कर उसके विदेशी मुद्रा भण्डार को बढ़ाने हेतु उसे सक्षम बनाएगा ।
  3. 3.यह भारत की अर्थव्यवस्था की संवृद्धि और आकार को बृहद् रूप से बढ़ाएगा और उसे निकट भविष्य में चीन से आगे निकल जाने योग्य बनाएगा ।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (बॉक्स 'एक राष्ट्र, एक कर, एक बाज़ार'): GST ने केंद्र और राज्यों के कई करों को मिलाकर एक कर बनाया — यही कथन 1 है। चालू खाता घाटा ख़त्म करने या भारत के चीन से आगे निकल जाने जैसे दावों का NCERT में कोई आधार नहीं है। इतने बड़े दावों के लिए प्रमाण चाहिए। उत्तर (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 81 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 6

वित्त मंत्री संसद में बजट प्रस्तुत करते हुए उसके साथ अन्य प्रलेख भी प्रस्तुत करते हैं जिनमें ‘बृहद् आर्थिक रूपरेखा विवरण (The Macro Economic Framework Statement)’ भी सम्मिलित रहता है । यह पूर्वोक्त प्रलेख निम्न आदेशन के कारण प्रस्तुत किया जाता है :

  1. (a)चिरकालिक संसदीय परम्परा के कारण
  2. (b)भारत के संविधान के अनुच्छेद 112 तथा अनुच्छेद 110(1) के कारण
  3. (c)भारत के संविधान के अनुच्छेद 113 के कारण
  4. (d)राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबन्धन अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के कारण
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 बजट के साथ तीन नीति-वक्तव्य अनिवार्य करता है, जिनमें मैक्रो-आर्थिक ढाँचा वक्तव्य भी है। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 6 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 10

निम्नलिखित में से कौन-सा अपने प्रभाव में सर्वाधिक मुद्रास्फीतिकारक हो सकता है?

  1. (a)सार्वजनिक ऋण की चुकौती
  2. (b)बजट घाटे के वित्तीयन के लिए जनता से उधार लेना
  3. (c)बजट घाटे के वित्तीयन के लिए बैंकों से उधार लेना
  4. (d)बजट घाटे के वित्तीयन के लिए नई मुद्रा का सृजन करना
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: नया पैसा छापने से मुद्रा पूर्ति सीधे बढ़ती है, इसलिए घाटे की भरपाई का यह सबसे ज़्यादा मुद्रास्फीतिकारी तरीक़ा है। उधार लेने से केवल पहले से मौजूद पैसा इधर-उधर होता है।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 घाटे की भरपाई के तीन तरीक़े (कर, उधार, नई मुद्रा छापना) बताता है और समझाता है कि घाटा मुद्रास्फीतिकारी क्यों हो सकता है। उत्तर (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 10 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 12

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, माँग-प्रेरित मुद्रास्फीति या उसमें वृद्धि निम्नलिखित किन कारणों से होती है?

  1. 1.विस्तारकारी नीतियाँ
  2. 2.राजकोषीय प्रोत्साहन
  3. 3.मुद्रास्फीति सूचकांकन मजदूरी (इन्फ्लेशन-इंडेक्सिंग वेजेस)
  4. 4.उच्च क्रय शक्ति
  5. 5.बढ़ती ब्याज दर

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a)केवल 1, 2 और 4
  2. (b)केवल 3, 4 और 5
  3. (c)केवल 1, 2, 3 और 5
  4. (d)1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था); कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 3 (मुद्रा और बैंकिंग)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5: सरकार ख़र्च बढ़ाए या कर घटाए तो समग्र माँग बढ़ती है — यही माँग-प्रेरित मुद्रास्फीति है (कथन 1, 2 और 4)। अध्याय 3 दिखाता है कि ऊँची ब्याज दरें मुद्रा पूर्ति घटाती हैं, इसलिए बढ़ती ब्याज दरें (5) माँग नहीं बढ़ा सकतीं। (a) को छोड़कर हर विकल्प में 5 है।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 12 ↗

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 9

किसी संगठन या कंपनी द्वारा किए गए व्यय के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. 1.नई प्रौद्योगिकी प्राप्त करना पूँजीगत व्यय है ।
  2. 2.ऋण वित्तीयन को पूँजीगत व्यय माना जाता है, जबकि ईक्विटी वित्तीयन को राजस्व व्यय माना जाता है ।

नीचे दिए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)1 और 2 दोनों
  4. (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: ऋण और इक्विटी पैसा जुटाने (वित्तपोषण) के तरीक़े हैं, ख़र्च के प्रकार नहीं। इसलिए ये न पूँजीगत व्यय हैं, न राजस्व व्यय।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5: जो ख़र्च परिसंपत्तियाँ बनाता है, जैसे नई तकनीक या मशीनरी, वह पूँजीगत व्यय है (कथन 1)। उत्तर (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 9 ↗

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 10

भारतीय अर्थव्यवस्था के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.घरेलू वित्तीय बचत का एक भाग सरकारी ऋणग्रहण के लिए जाता है ।
  2. 2.नीलामी में बाज़ार-संबंधित दरों पर जारी दिनांकित प्रतिभूतियाँ, आंतरिक ऋण का एक बड़ा घटक होती हैं ।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)1 और 2 दोनों
  4. (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियाँ (बाज़ार दरों पर नीलाम होने वाले दीर्घकालीन बॉन्ड) केंद्र के आंतरिक ऋण का सबसे बड़ा हिस्सा हैं।

कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5: सरकारी उधार जनता की बचत से लिया जाता है (कथन 1)। उत्तर (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 10 ↗

प्रारंभिक 2025 · प्रश्न 10

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. I.पूँजीगत प्राप्तियाँ देयता का सृजन करती हैं या सरकार की परिसंपत्तियों में कमी लाती हैं।
  2. II.उधार-ग्रहण और विनिवेश पूँजीगत प्राप्तियाँ हैं।
  3. III.ऋणों पर प्राप्त ब्याज सरकार की देयता का सृजन करता है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-कौन से सही हैं?

  1. (a)केवल I और II
  2. (b)केवल II और III
  3. (c)केवल I और III
  4. (d)I, II और III
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): पूँजीगत प्राप्तियाँ वे हैं जो देनदारी बनाती हैं या वित्तीय परिसंपत्तियाँ घटाती हैं, और इनमें उधार और विनिवेश शामिल हैं। ब्याज से मिली राशि ग़ैर-कर राजस्व है, जिससे कोई देनदारी नहीं बनती। यानी I और II: (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2025), प्रश्न 10 ↗

प्रारंभिक 2025 · प्रश्न 61

मान लीजिए सरकार का राजस्व व्यय ₹ 80,000 करोड़ है और राजस्व प्राप्ति ₹ 60,000 करोड़ है। सरकारी बजट ₹ 10,000 करोड़ के उधार-ग्रहण और ₹ 6,000 करोड़ के ब्याज भुगतान को भी प्रदर्शित करता है। निम्नलिखित कथनों में कौन-कौन से सही हैं?

  1. I.राजस्व घाटा ₹ 20,000 करोड़ है।
  2. II.राजकोषीय घाटा ₹ 10,000 करोड़ है।
  3. III.प्राथमिक घाटा ₹ 4,000 करोड़ है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a)केवल I और II
  2. (b)केवल II और III
  3. (c)केवल I और III
  4. (d)I, II और III
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): राजस्व घाटा = राजस्व व्यय − राजस्व प्राप्तियाँ = ₹20,000 करोड़। राजकोषीय घाटा वह अंतर है जो उधार के अलावा प्राप्तियों से पूरा नहीं होता, यानी उधार लिए गए ₹10,000 करोड़। प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा − ब्याज = ₹4,000 करोड़। तीनों कथन सही हैं। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2025), प्रश्न 61 ↗

प्रारंभिक 2025 · प्रश्न 65

किसी देश का राजकोषीय घाटा ₹ 50,000 करोड़ है। इसे गैर-ऋण सर्जक पूँजीगत प्राप्तियों के माध्यम से ₹ 10,000 करोड़ प्राप्त हो रहे हैं। उस देश की ब्याज देयताएँ ₹ 1,500 करोड़ हैं। उसका सकल प्राथमिक घाटा कितना है?

  1. (a)₹ 48,500 करोड़
  2. (b)₹ 51,500 करोड़
  3. (c)₹ 58,500 करोड़
  4. (d)उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 5 (सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था)।

समष्टि अर्थशास्त्र (अध्याय 5): सकल प्राथमिक घाटा = सकल राजकोषीय घाटा − निवल ब्याज देनदारियाँ = ₹50,000 − ₹1,500 = ₹48,500 करोड़। इसलिए (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2025), प्रश्न 65 ↗

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