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भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार

कक्षा 11 · राजव्यवस्था

2016–2026 के UPSC प्रारंभिक परीक्षा के असली प्रश्न, जो इस किताब से जुड़े हैं। पहले हर प्रश्न ख़ुद हल करें, फिर उत्तर खोलें। 2026 के उत्तर UPSC की अनंतिम उत्तर कुंजी पर आधारित हैं।

प्रश्नों का हिंदी पाठ UPSC के आधिकारिक प्रश्न पत्र से लिया गया है, जैसा छपा है।

एक प्रश्न एक से ज़्यादा अध्यायों से जुड़ सकता है, इसलिए अध्यायों की गिनती जोड़ने पर 32 से ज़्यादा आती है।

शुरुआती पन्ने

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 38

निम्नलिखित उद्देश्यों में से कौन-सा एक भारत के संविधान की उद्देशिका में सन्निविष्ट नहीं है ?

  1. (a)विचार की स्वतंत्रता
  2. (b)आर्थिक स्वतंत्रता
  3. (c)अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  4. (d)विश्वास की स्वतंत्रता
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', शुरुआती पन्ने (उद्देशिका, मूल अधिकार और कर्तव्य)।

'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार' के शुरुआती पन्नों में छपी उद्देशिका विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता का वादा करती है — आर्थिक स्वतंत्रता का नहीं। इसलिए (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 38 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 93

26 जनवरी, 1950 को भारत की वास्तविक सांविधानिक स्थिति क्या थी?

  1. (a)लोकतंत्रात्मक गणराज्य
  2. (b)संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य
  3. (c)संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य
  4. (d)संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', शुरुआती पन्ने (उद्देशिका, मूल अधिकार और कर्तव्य)।

'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार' के शुरुआती पन्नों में उद्देशिका के नीचे पाद-टिप्पणी है: 42वें संशोधन (1976) ने 'संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य' शब्दों को बदला। यानी 1950 में भारत संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य था: (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 93 ↗

अध्याय 1 · संविधान – क्यों और कैसे?

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 7

परिभाषा से, संवैधानिक सरकार का अर्थ है

  1. (a)विधान मंडल द्वारा सरकार
  2. (b)लोकप्रिय सरकार
  3. (c)बहु-दलीय सरकार
  4. (d)सीमित सरकार
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 1 (संविधान – क्यों और कैसे?)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 1): संविधान का एक मुख्य काम उन बातों की सीमा तय करना है जो सरकार अपने नागरिकों पर थोप सकती है। संवैधानिक सरकार सीमित सरकार होती है। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 7 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 94

सांविधानिक सरकार का आशय क्या है?

  1. (a)किसी राष्ट्र की परिसंघीय संरचना वाली एक प्रतिनिधि सरकार
  2. (b)कोई सरकार, जिसके प्रमुख के पास नाममात्र की शक्तियाँ हों
  3. (c)कोई सरकार, जिसके प्रमुख के पास वास्तविक शक्तियाँ हों
  4. (d)कोई सरकार, जो संविधान की सीमाओं से परिबद्ध हो
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 1 (संविधान – क्यों और कैसे?)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 1): संविधान कई तरह से सरकार की शक्ति सीमित करते हैं। संवैधानिक सरकार वही है जो संविधान से सीमित हो। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 94 ↗

प्रारंभिक 2023 · प्रश्न 85

संविधान दिवस के बारे में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन–I :

नागरिकों के बीच सांविधानिक मूल्यों को संवर्धित करने के लिए संविधान दिवस प्रतिवर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है।

कथन–II :

26 नवंबर, 1949 को, भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए डॉ० बी० आर० अम्बेडकर की अध्यक्षता में एक प्रारूपण समिति बनाई।

उपर्युक्त कथनों के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

  1. (a)कथन–I और कथन–II दोनों सही हैं तथा कथन–II, कथन–I की सही व्याख्या है
  2. (b)कथन–I और कथन–II दोनों सही हैं तथा कथन–II, कथन–I की सही व्याख्या नहीं है
  3. (c)कथन–I सही है किन्तु कथन–II गलत है
  4. (d)कथन–I गलत है किन्तु कथन–II सही है
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 10 (संविधान का राजनीतिक दर्शन); कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 1 (संविधान – क्यों और कैसे?)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार: संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ (अध्याय 1), और इसी दिन अब संविधान दिवस मनाया जाता है (अध्याय 10)। उस दिन प्रारूप समिति नहीं बनी थी। यानी I सही, II ग़लत: (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2023), प्रश्न 85 ↗

अध्याय 2 · भारतीय संविधान में अधिकार

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 17

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

भारत के संविधान के सन्दर्भ में, राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व

  1. 1.विधायिका के कृत्यों पर निर्बन्धन करते हैं ।
  2. 2.कार्यपालिका के कृत्यों पर निर्बन्धन करते हैं ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)1 और 2 दोनों
  4. (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 2 (भारतीय संविधान में अधिकार)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 2): राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व (NCERT में: नीति-निर्देशक तत्व) क़ानूनी रूप से लागू नहीं कराए जा सकते, इसलिए वे क़ानूनन न विधायिका को बाँधते हैं, न कार्यपालिका को। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 17 ↗

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 97

भारत के संविधान में शोषण के विरुद्ध अधिकार द्वारा निम्नलिखित में से कौन-से परिकल्पित हैं ?

  1. 1.मानव देह व्यापार और बंधुआ मज़दूरी (बेगारी) का निषेध
  2. 2.अस्पृश्यता का उन्मूलन
  3. 3.अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा
  4. 4.कारख़ानों और खदानों में बच्चों के नियोजन का निषेध

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1, 2 और 4
  2. (b)केवल 2, 3 और 4
  3. (c)केवल 1 और 4
  4. (d)1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 2 (भारतीय संविधान में अधिकार)।

'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार' का अध्याय 2 शोषण के विरुद्ध अधिकार में मानव देह व्यापार और बंधुआ मज़दूरी (NCERT में: मानव तस्करी, बलात् श्रम) और ख़तरनाक कामों में बच्चों के नियोजन पर रोक गिनाता है। अस्पृश्यता का उन्मूलन (NCERT में: छुआछूत का उन्मूलन) समता के अधिकार में और अल्पसंख्यकों का संरक्षण सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकारों में आता है। इसलिए (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 97 ↗

प्रारंभिक 2018 · प्रश्न 92

निजता के अधिकार को जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के अधिकार के अंतर्भूत भाग के रूप में संरक्षित किया जाता है । भारत के संविधान में निम्नलिखित में से किससे उपर्युक्त कथन सही एवं समुचित ढंग से अर्थित होता है ?

  1. (a)अनुच्छेद 14 एवं संविधान के 42वें संशोधन के अधीन उपबंध
  2. (b)अनुच्छेद 17 एवं भाग IV में दिए राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
  3. (c)अनुच्छेद 21 एवं भाग III में गारंटी की गई स्वतंत्रताएँ
  4. (d)अनुच्छेद 24 एवं संविधान के 44वें संशोधन के अधीन उपबंध
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 2 (भारतीय संविधान में अधिकार)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 2): अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है, जो भाग III का अधिकार है। केवल विकल्प (c) में अनुच्छेद 21 है। इसलिए (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2018), प्रश्न 92 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 4

निम्नलिखित मूल अधिकारों के किस संवर्ग में अस्पृश्यता के रूप में किए गए विभेदन के विरुद्ध संरक्षण समाविष्ट है ?

  1. (a)शोषण के विरुद्ध अधिकार
  2. (b)स्वतंत्रता का अधिकार
  3. (c)सांविधानिक उपचार का अधिकार
  4. (d)समता का अधिकार
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 2 (भारतीय संविधान में अधिकार)।

'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार' का अध्याय 2 अस्पृश्यता के उन्मूलन (NCERT में: 'छुआछूत का उन्मूलन') को समता के अधिकार (NCERT में: समानता का अधिकार) में गिनाता है। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 4 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 12

भारत के संविधान का कौन-सा भाग कल्याणकारी राज्य के आदर्श की घोषणा करता है ?

  1. (a)राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
  2. (b)मूल अधिकार
  3. (c)उद्देशिका
  4. (d)सातवीं अनुसूची
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 2 (भारतीय संविधान में अधिकार)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 2): राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व (NCERT में: नीति-निर्देशक तत्व) जनता का कल्याण और सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक न्याय जैसे लक्ष्य तय करते हैं — यही कल्याणकारी राज्य का आदर्श है। इसलिए (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 12 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 18

भारत के संविधान के भाग IV में अंतर्विष्ट प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. 1.वे न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय होंगे ।
  2. 2.वे किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे ।
  3. 3.इस भाग में अधिकथित सिद्धान्त राज्य के द्वारा क़ानून बनाने को प्रभावित करेंगे ।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 2 (भारतीय संविधान में अधिकार)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 2): भाग IV के राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व (NCERT में: नीति-निर्देशक तत्व) सरकारों के लिए दिशानिर्देश हैं, पर अदालत में लागू नहीं कराए जा सकते। यानी 2 और 3 सही, 1 ग़लत: (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 18 ↗

प्रारंभिक 2024 · प्रश्न 83

प्रतिषेध रिट उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालयों द्वारा किसे और किस प्रयोजन से जारी किया गया एक आदेश है ?

  1. (a)किसी सरकारी अधिकारी को, उसे किसी विशिष्ट कार्वाई करने से प्रतिषेध करने के लिए
  2. (b)संसद/विधान सभा को, मद्यनिषेध पर कोई विधि पारित करने के लिए
  3. (c)निचली अदालत को, किसी मामले में कार्यवाही जारी रखने का प्रतिषेध करने के लिए
  4. (d)सरकार को, उसे किसी असंवैधानिक नीति का अनुपालन करने से प्रतिषेध करने के लिए
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 2 (भारतीय संविधान में अधिकार)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 2): जब कोई निचली अदालत अपने अधिकार-क्षेत्र से बाहर का मामला सुनती है, तब ऊँची अदालत प्रतिषेध रिट जारी करती है। इसलिए (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2024), प्रश्न 83 ↗

अध्याय 3 · चुनाव और प्रतिनिधित्व

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 86

भारत में मताधिकार और निर्वाचित होने का अधिकार

  1. (a)मूल अधिकार है
  2. (b)नैसर्गिक अधिकार है
  3. (c)संवैधानिक अधिकार है
  4. (d)विधिक अधिकार है
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 3 (चुनाव और प्रतिनिधित्व)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 3): संविधान हर वयस्क नागरिक को मत देने का अधिकार देता है, और चुनाव लड़ने के अधिकार पर भी यही लागू है। पर ये अधिकार मूल अधिकारों (अध्याय 2) में नहीं हैं। इसलिए (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 86 ↗

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 90

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.भारत का निर्वाचन आयोग पाँच-सदस्यीय निकाय है ।
  2. 2.संघ का गृह मंत्रालय, आम चुनाव और उप-चुनावों दोनों के लिए चुनाव कार्यक्रम तय करता है ।
  3. 3.निर्वाचन आयोग मान्यता-प्राप्त राजनीतिक दलों के विभाजन/विलय से संबंधित विवाद निपटाता है ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a)केवल 1 और 2
  2. (b)केवल 2
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)केवल 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 3 (चुनाव और प्रतिनिधित्व)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 3): 1993 से निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त हैं, पाँच सदस्य नहीं। चुनाव का कार्यक्रम आयोग ख़ुद तैयार करता है। कथन 1 और 2 ग़लत हैं। इसलिए (d)।

NCERT से आगे: कथन 3 सही है। चुनाव चिह्न आदेश, 1968 के पैरा 15 के तहत चुनाव आयोग तय करता है कि प्रतिद्वंद्वी गुटों में से कौन-सा, यदि कोई, मान्यता-प्राप्त दल है। उसका फ़ैसला सब गुटों पर बाध्यकारी होता है। स्रोत: The Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968, para 15 (legislative.gov.in)

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 90 ↗

अध्याय 4 · कार्यपालिका

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 46

संसदीय स्वरूप के शासन का प्रमुख लाभ यह है कि

  1. (a)कार्यपालिका और विधानमण्डल दोनों स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं ।
  2. (b)यह नीति की निरन्तरता प्रदान करता है और यह अधिक दक्ष है ।
  3. (c)कार्यपालिका, विधानमण्डल के प्रति उत्तरदायी बना रहता है ।
  4. (d)सरकार के अध्यक्ष को निर्वाचन के बिना नहीं बदला जा सकता ।
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 4 (कार्यपालिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 4): संसदीय कार्यपालिका की सबसे अहम विशेषता यह है कि वह विधायिका के नियंत्रण और निगरानी में रहती है। इसलिए (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 46 ↗

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 99

निम्नलिखित कथनों में से उस एक को चुनिए, जो मंत्रिमण्डल स्वरूप की सरकार के अन्तर्निहित सिद्धान्त को अभिव्यक्त करता है :

  1. (a)ऐसी सरकार के विरुद्ध आलोचना को कम-से-कम करने की व्यवस्था, जिसके उत्तरदायित्व जटिल हैं तथा उन्हें सभी के संतोष के लिए निष्पादित करना कठिन है ।
  2. (b)ऐसी सरकार के कामकाज में तेज़ी लाने की क्रियाविधि, जिसके उत्तरदायित्व दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं ।
  3. (c)सरकार के जनता के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करने के लिए संसदीय लोकतंत्र की एक क्रियाविधि ।
  4. (d)उस शासनाध्यक्ष के हाथों को मज़बूत करने का एक साधन जिसका जनता पर नियंत्रण ह्रासोन्मुख दशा में है ।
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 4 (कार्यपालिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 4): मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है — सामूहिक उत्तरदायित्व ही मंत्रिमंडलीय शासन का सिद्धांत है। इसलिए (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 99 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 11

संसदीय व्यवस्था वाली सरकार वह होती है जिसमें

  1. (a)संसद के सभी राजनीतिक दलों का सरकार में प्रतिनिधित्व होता है
  2. (b)सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी होती है और उसके द्वारा हटाई जा सकती है
  3. (c)सरकार लोगों के द्वारा निर्वाचित होती है और उनके द्वारा हटाई जा सकती है
  4. (d)सरकार संसद के द्वारा चुनी जाती है किंतु निर्धारित समयावधि के पूर्ण होने के पूर्व हटाई नहीं जा सकती
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 5 (विधायिका); कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 4 (कार्यपालिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार: मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है, जो उसे हटा सकती है (अध्याय 5), और कार्यपालिका विधायिका के नियंत्रण में रहती है (अध्याय 4)। इसलिए (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 11 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 15

भारत के संदर्भ में, नौकरशाही का निम्नलिखित में से कौन-सा उपयुक्त चरित्र-चित्रण है ?

  1. (a)संसदीय लोकतंत्र की व्याप्ति को विस्तार देने वाला अभिकरण
  2. (b)संघीय ढाँचे को सुदृढ़ करने वाला अभिकरण
  3. (c)राजनीतिक स्थायित्व और आर्थिक वृद्धि को सुलभ बनाने वाला अभिकरण
  4. (d)लोक नीति को कार्यान्वित करने वाला अभिकरण
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 4 (कार्यपालिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 4): लोक सेवक मंत्रियों को नीतियाँ बनाने और लागू करने में मदद करते हैं। नौकरशाही लोक नीति को लागू करती है। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 15 ↗

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 14

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.भारत का संविधान मंत्रियों को चार श्रेणियों, अर्थात् कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री, राज्यमंत्री और उपमंत्री, में वर्गीकृत करता है ।
  2. 2.संघ सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या, प्रधान मंत्री को मिला कर, लोक सभा के कुल सदस्यों के 15% से अधिक नहीं होनी चाहिए ।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)1 और 2 दोनों
  4. (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 4 (कार्यपालिका)।

NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 4: मंत्रिपरिषद लोकसभा के 15% से बड़ी नहीं हो सकती, इसलिए कथन 2 सही है। यही अध्याय बताता है कि मंत्रियों का दर्जा (कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, उप मंत्री) प्रधानमंत्री तय करता है। यह प्रधानमंत्री की व्यवस्था है। संविधान में चार दर्जों की कोई सूची नहीं है। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 14 ↗

अध्याय 5 · विधायिका

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 50

भारत की संसद् किसके / किनके द्वारा मंत्रिपरिषद् के कृत्यों के ऊपर नियंत्रण रखती है ?

  1. 1.स्थगन प्रस्ताव
  2. 2.प्रश्न काल
  3. 3.अनुपूरक प्रश्न

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 5 (विधायिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 5): संसद प्रश्नकाल, पूरक प्रश्नों और स्थगन प्रस्ताव जैसे साधनों से कार्यपालिका को नियंत्रित करती है। तीनों ऐसे ही साधन हैं। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 50 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 2

राज्य सभा की लोक सभा के समान शक्तियाँ किस क्षेत्र में हैं ?

  1. (a)नई अखिल भारतीय सेवाएँ गठित करने के विषय में
  2. (b)संविधान में संशोधन करने के विषय में
  3. (c)सरकार को हटाने के विषय में
  4. (d)कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत करने के विषय में
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 5 (विधायिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 5): संविधान संशोधन में दोनों सदनों की शक्तियाँ समान हैं, क्योंकि हर संशोधन को दोनों सदनों में विशेष बहुमत चाहिए। पर राज्यसभा सरकार को हटा नहीं सकती। इसलिए (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 2 ↗

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 15

निम्नलिखित में कौन-सी लोक सभा की अनन्य शक्ति(याँ) है/हैं ?

  1. 1.आपात की उद्घोषणा का अनुसमर्थन करना
  2. 2.मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित करना
  3. 3.भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाना

नीचे दिए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)1 और 2
  2. (b)केवल 2
  3. (c)1 और 3
  4. (d)केवल 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 5 (विधायिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 5): लोकसभा की विशेष शक्तियाँ हैं — सरकार को हटाना और वित्त पर नियंत्रण। बाक़ी मामलों में, राष्ट्रपति पर महाभियोग समेत, दोनों सदन बराबर हैं। यानी केवल 2: (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 15 ↗

प्रारंभिक 2024 · प्रश्न 68

संसद में धन विधेयक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं ?

  1. 1.अनुच्छेद 109 में धन विधेयक के संबंध में विशेष प्रक्रिया का उल्लेख है ।
  2. 2.धन विधेयक राज्य सभा में पुरःस्थापित नहीं किया जाएगा ।
  3. 3.राज्य सभा या तो विधेयक को अनुमोदन दे सकती है या परिवर्तन के लिए सुझाव दे सकती है किंतु इसे अस्वीकार नहीं कर सकती ।
  4. 4.राज्य सभा द्वारा धन विधेयक में सुझाए गए संशोधन को लोक सभा द्वारा स्वीकार करना होगा ।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1 और 2
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)1, 2 और 3
  4. (d)1, 3 और 4
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 5 (विधायिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 5) अनुच्छेद 109 उद्धृत करती है: धन विधेयक राज्यसभा में पेश नहीं हो सकता। राज्यसभा उसे न शुरू कर सकती है, न अस्वीकार कर सकती है और न संशोधित कर सकती है। वह केवल बदलाव सुझा सकती है, जिन्हें मानना लोकसभा के लिए ज़रूरी नहीं है। यानी 1, 2 और 3: (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2024), प्रश्न 68 ↗

अध्याय 6 · न्यायपालिका

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 92

भारत में, न्यायिक पुनरीक्षण का अर्थ है

  1. (a)विधियों और कार्यपालिक आदेशों की सांविधानिकता के विषय में प्राख्यापन करने का न्यायपालिका का अधिकार ।
  2. (b)विधानमण्डलों द्वारा निर्मित विधियों के प्रज्ञान को प्रश्नगत करने का न्यायपालिका का अधिकार ।
  3. (c)न्यायपालिका का, सभी विधायी अधिनियमनों के, राष्ट्रपति द्वारा उन पर सहमति प्रदान किए जाने के पूर्व, पुनरीक्षण का अधिकार ।
  4. (d)न्यायपालिका का, समान य़ा भिन्न वादों में पूर्व में दिए गए स्वयं के निर्णयों के पुनरीक्षण का अधिकार ।
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 6 (न्यायपालिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 6): न्यायिक पुनरावलोकन सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालयों की वह शक्ति है जिससे वे किसी भी क़ानून की संवैधानिकता जाँचते हैं। इसलिए (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 92 ↗

प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 81

भारत के संविधान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.किसी भी केंद्रीय विधि को सांविधानिक रूप से अवैध घोषित करने की किसी भी उच्च न्यायालय की अधिकारिता नहीं होगी।
  2. 2.भारत के संविधान के किसी भी संशोधन पर भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रश्न नहीं उठाया जा सकता।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)1 और 2 दोनों
  4. (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 6 (न्यायपालिका); कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 9 (संविधान – एक जीवंत दस्तावेज़)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार: सर्वोच्च न्यायालय की तरह उच्च न्यायालय भी किसी भी क़ानून की संवैधानिकता जाँच सकते हैं (अध्याय 6)। कोई संशोधन मूल ढाँचे का उल्लंघन करता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय भी न्यायपालिका ही करती है (अध्याय 9)। दोनों कथन ग़लत हैं। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2019), प्रश्न 81 ↗

प्रारंभिक 2020 · प्रश्न 13

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.भारत का संविधान अपने ‘मूल ढाँचे’ को संघवाद, पंथनिरपेक्षता, मूल अधिकारों तथा लोकतंत्र के रूप में परिभाषित करता है ।
  2. 2.भारत का संविधान, नागरिकों की स्वतंत्रता तथा उन आदर्शों जिन पर संविधान आधारित है, की सुरक्षा हेतु ‘न्यायिक पुनरवलोकन’ की व्यवस्था करता है ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)1 और 2 दोनों
  4. (d)न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 9 (संविधान – एक जीवंत दस्तावेज़); कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 6 (न्यायपालिका)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार: मूल ढाँचे का सिद्धांत संविधान में कहीं नहीं लिखा है (अध्याय 9), और 'न्यायिक पुनरावलोकन' शब्द भी नहीं है (अध्याय 6)। दोनों कथन ग़लत हैं। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2020), प्रश्न 13 ↗

अध्याय 7 · संघवाद

प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 66

निम्नलिखित में से किस एक का यह सुझाव था कि राज्यपाल को उस राज्य के बाहर का एक प्रतिष्ठित व्यक्ति होना चाहिए और उसे एक ऐसा तटस्थ व्यक्ति होना चाहिए जिसके गहन राजनीतिक जुड़ाव न हों या उसने हाल के पिछले वर्षों में राजनीति में भाग नहीं लिया हो?

  1. (a)पहला प्रशासनिक सुधार आयोग (1966)
  2. (b)राजमन्नार समिति (1969)
  3. (c)सरकारिया आयोग (1983)
  4. (d)संविधान के कार्यचालन की समीक्षा हेतु राष्ट्रीय आयोग (2000)
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (c)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 7 (संघवाद)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 7): सरकारिया आयोग ने सिफ़ारिश की कि राज्यपालों की नियुक्ति पूरी तरह ग़ैर-दलीय आधार पर हो। इसलिए (c)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2019), प्रश्न 66 ↗

प्रारंभिक 2021 · प्रश्न 86

भारतीय राज्य-व्यवस्था में, निम्नलिखित में से कौन-सी अनिवार्य विशेषता है, जो यह दर्शाती है कि उसका स्वरूप संघीय है?

  1. (a)न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुरक्षित है।
  2. (b)संघ की विधायिका में संघटक इकाइयों के निर्वाचित प्रतिनिधि होते हैं।
  3. (c)केन्द्रीय मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय पार्टियों के निर्वाचित प्रतिनिधि हो सकते हैं।
  4. (d)मूल अधिकार न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय हैं।
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 7 (संघवाद)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 7): केंद्र और राज्यों के विवाद सुलझाने के लिए संघ को स्वतंत्र न्यायपालिका चाहिए। इसलिए (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2021), प्रश्न 86 ↗

अध्याय 8 · स्थानीय शासन

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 16

स्थानीय स्वशासन की सर्वोत्तम व्याख्या यह की जा सकती है कि यह एक प्रयोग है

  1. (a)संघवाद का
  2. (b)लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का
  3. (c)प्रशासकीय प्रत्यायोजन का
  4. (d)प्रत्यक्ष लोकतंत्र का
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 8 (स्थानीय शासन)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 8): पंचायतों को विकेंद्रीकरण और सहभागी लोकतंत्र का साधन माना गया। इसलिए (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 16 ↗

अध्याय 9 · संविधान – एक जीवंत दस्तावेज़

प्रारंभिक 2022 · प्रश्न 13

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. 1.किसी संविधान संशोधन विधेयक को भारत के राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश की अपेक्षा होती है ।
  2. 2.जब कोई संविधान संशोधन विधेयक भारत के राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, तो भारत के राष्ट्रपति के लिए यह बाध्यकर है कि वे अपनी अनुमति दें ।
  3. 3.संविधान संशोधन विधेयक लोक सभा और राज्य सभा दोनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित होना ही चाहिए और इसके लिए संयुक्त बैठक का कोई उपबंध नहीं है ।

उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं ?

  1. (a)केवल 1 और 2
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (b)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 9 (संविधान – एक जीवंत दस्तावेज़)।

यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: संविधान संशोधन विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफ़ारिश के बिना किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है (अनुच्छेद 368)।

कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 9: राष्ट्रपति संशोधन विधेयक लौटा नहीं सकते। दोनों सदनों को इसे अलग-अलग विशेष बहुमत से पारित करना होता है, और संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है (कथन 2 और 3)। उत्तर (b)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2022), प्रश्न 13 ↗

प्रारंभिक 2024 · प्रश्न 66

भारत के संविधान के अनुच्छेद 368 के अनुसार, संसद निम्नलिखित में से किनके द्वारा संविधान के किसी उपबंध में संशोधन कर सकेगी ?

  1. 1.परिवर्धन
  2. 2.परिवर्तन
  3. 3.निरसन

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a)केवल 1 और 2
  2. (b)केवल 2 और 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (d)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 9 (संविधान – एक जीवंत दस्तावेज़)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 9) अनुच्छेद 368 उद्धृत करती है: संसद किसी भी प्रावधान में परिवर्धन, परिवर्तन या निरसन के ज़रिए संशोधन कर सकती है। तीनों तरीक़े अनुच्छेद 368 में दिए गए हैं। इसलिए (d)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2024), प्रश्न 66 ↗

अध्याय 10 · संविधान का राजनीतिक दर्शन

प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 48

भारत के संविधान के निर्माताओं का मत निम्नलिखित में से किसमें प्रतिबिंबित होता है ?

  1. (a)उद्देशिका
  2. (b)मूल अधिकार
  3. (c)राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
  4. (d)मूल कर्तव्य
उत्तर देखें

UPSC का उत्तर: (a)

NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 10 (संविधान का राजनीतिक दर्शन)।

भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 10): संविधान के दर्शन का सबसे अच्छा सार उद्देशिका में मिलता है। इसलिए (a)।

यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 48 ↗

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