प्रारंभिक 2017 · प्रश्न 92
भारत में, न्यायिक पुनरीक्षण का अर्थ है
- (a)विधियों और कार्यपालिक आदेशों की सांविधानिकता के विषय में प्राख्यापन करने का न्यायपालिका का अधिकार ।
- (b)विधानमण्डलों द्वारा निर्मित विधियों के प्रज्ञान को प्रश्नगत करने का न्यायपालिका का अधिकार ।
- (c)न्यायपालिका का, सभी विधायी अधिनियमनों के, राष्ट्रपति द्वारा उन पर सहमति प्रदान किए जाने के पूर्व, पुनरीक्षण का अधिकार ।
- (d)न्यायपालिका का, समान य़ा भिन्न वादों में पूर्व में दिए गए स्वयं के निर्णयों के पुनरीक्षण का अधिकार ।
उत्तर देखें
UPSC का उत्तर: (a)
NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार', अध्याय 6 (न्यायपालिका)।
भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 6): न्यायिक पुनरावलोकन सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालयों की वह शक्ति है जिससे वे किसी भी क़ानून की संवैधानिकता जाँचते हैं। इसलिए (a)।
यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2017), प्रश्न 92 ↗