प्रारंभिक 2026 · प्रश्न 57
भारत में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित उपबंधों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
- 1.भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची में असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में उपबंध हैं।
- 2.भारत की कुछ जनजातियाँ कतिपय आय पर आयकर के भुगतान से छूट का दावा करने की हकदार हैं।
- 3.भारत के संविधान में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए पंचायतों में स्थानों (सीटों) के आरक्षण का उपबंध है।
उपर्युक्त कथनों पर आधारित निम्नलिखित निष्कर्षों में से कौन-सा सही है ?
- (a)दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 2 सम्मिलित है।
- (b)दो कथन सही हैं, जो कि कथन 1 और कथन 3 हैं।
- (c)केवल एक कथन सही है।
- (d)सभी तीन कथन सही हैं।
उत्तर देखें
UPSC का अनंतिम उत्तर: (a)
NCERT में उत्तर: कक्षा 12 'भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास', अध्याय 3 (संविधान एवं सामाजिक परिवर्तन); कक्षा 12 'स्वतंत्र भारत में राजनीति', अध्याय 7 (क्षेत्रीय आकांक्षाएँ)।
यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: भारत के आयकर क़ानून के तहत, पूर्वोत्तर के निर्दिष्ट क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को वहाँ से हुई आय पर आयकर नहीं देना पड़ता।
कक्षा 12 'भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास', अध्याय 3: स्थानीय निकायों की 17 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं (3)। कक्षा 12 'स्वतंत्र भारत में राजनीति', अध्याय 7 छठी अनुसूची को पूर्वोत्तर से जोड़ती है, इसलिए कथन 1 ग़लत है। इस तथ्य से कथन 2 सही है। उत्तर (a)।
NCERT से आगे: संविधान की पाँचवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम को साफ़ तौर पर बाहर रखती है; इनके जनजातीय क्षेत्र छठी अनुसूची के तहत आते हैं। स्रोत: Constitution of India, Fifth Schedule, para 1 (text on tribal.nic.in, Ministry of Tribal Affairs)
यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2026), प्रश्न 57 ↗