प्रारंभिक 2026 · प्रश्न 23
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से, जलवायु अनुकूलन (climate resilience) के संदर्भ में गरान (मैंग्रोव) पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण हेतु तर्काधार की सर्वोत्तम व्याख्या करता है/करते हैं ?
- 1.गरान ज्वारीय ऊर्जा को कम करते हैं और अलवणजल का संचयन करते हैं, जो उन्हें लवणीय ज्वारनदमुखी कटिबंधों में धान की खेती के लिए आदर्श स्थल बनाते हैं।
- 2.उनकी लवण-संवेदी जड़ें समुद्रीजल को छानती हैं, इस प्रकार तटीय भूमि को अलवण जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) क्षेत्रों में परिवर्तित करने में गरानों की मुख्य भूमिका होती है।
- 3.ज्वारीय लहरों (टाइडल सर्जेस) को सहन करने तथा जैवमात्रा (बायोमास) संसाधनों को उपलब्ध करवाने के माध्यम से, गरान प्राकृतिक जैव-ढाल (बायोशील्ड) और ग्रामीण समुदायों के लिए जीविका के आधार, दोनों रूपों में कार्य करते हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1
- (b)1 और 2
- (c)2 और 3
- (d)केवल 3
उत्तर देखें
UPSC का अनंतिम उत्तर: (d)
NCERT में उत्तर: कक्षा 11 'भारत: भौतिक पर्यावरण', अध्याय 5 (प्राकृतिक वनस्पति); कक्षा 11 'भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत', अध्याय 6 (भू-आकृतियाँ तथा उनका विकास); कक्षा 9 'अन्वेषण', अध्याय 12 (जीवजगत का स्वरूप — विविधता एवं वर्गीकरण)।
NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 11 'भारत: भौतिक पर्यावरण', अध्याय 5: मैंग्रोव नमकीन दलदलों, ज्वारीय खाड़ियों और ज्वारनदमुखों में उगते हैं, इसलिए वे न नमक के प्रति संवेदनशील हैं, न मीठा पानी जमा करते हैं (1, 2 ग़लत)। कक्षा 11 'भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत', अध्याय 6: मैंग्रोव तूफ़ान और सुनामी की लहरों का ज़ोर सोखते हैं (3)। उत्तर (d)।
यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2026), प्रश्न 23 ↗