प्रारंभिक 2019 · प्रश्न 65
भारत के संदर्भ में, मुद्रा संकट के जोखिम को कम करने में निम्नलिखित में से किस/किन कारक/कारकों का योगदान है?
- 1.भारत के IT सेक्टर के विदेशी मुद्रा अर्जन का
- 2.सरकारी व्यय के बढ़ने का
- 3.विदेशस्थ भारतीयों द्वारा भेजे गए धन का
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 1 और 3
- (c)केवल 2
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
UPSC का उत्तर: (b)
NCERT में उत्तर: कक्षा 10 'समकालीन भारत-2', अध्याय 7 (राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ); कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6 (खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र)।
NCERT से कैसे हल करें: कक्षा 10 'समकालीन भारत-2', अध्याय 7: भारत IT निर्यात से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा कमाता है। कक्षा 12 'समष्टि अर्थशास्त्र: एक परिचय', अध्याय 6: विदेश से भेजा गया धन (अंतरण) भुगतान संतुलन में आवक है। दोनों से डॉलर आते हैं, जिससे रुपया सुरक्षित रहता है। सरकारी ख़र्च बढ़ाने से ऐसा नहीं होता। उत्तर (b)।
यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2019), प्रश्न 65 ↗