प्रारंभिक 2016 · प्रश्न 27
FAO, पारम्परिक कृषि प्रणालियों को ‘सार्वभौम रूप से महत्त्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली [Globally Important Agricultural Heritage System (GIAHS)]’ की हैसियत प्रदान करता है। इस पहल का संपूर्ण लक्ष्य क्या है?
- 1.अभिनिर्धारित GIAHS के स्थानीय समुदायों को आधुनिक प्रौद्योगिकी, आधुनिक कृषि प्रणाली का प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता प्रदान करना जिससे उनकी कृषि उत्पादकता अत्यधिक बढ़ जाए
- 2.पारितंत्र-अनुकूली परम्परागत कृषि पद्धतियाँ और उनसे संबंधित परिदृश्य (लैंडस्केप), कृषि जैव विविधता और स्थानीय समुदायों के ज्ञानतंत्र का अभिनिर्धारण एवं संरक्षण करना
- 3.इस प्रकार अभिनिर्धारित GIAHS के सभी भिन्न-भिन्न कृषि उत्पादों को भौगोलिक सूचक (जिओग्राफिकल इंडिकेशन) की हैसियत प्रदान करना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a)केवल 1 और 3
- (b)केवल 2
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
UPSC का उत्तर: (b)
NCERT में उत्तर: कक्षा 7 'समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे (भाग 2)', अध्याय 1 (भारत में कृषि की यात्रा)।
यह एक तथ्य NCERT में नहीं है: भारत में भौगोलिक संकेत (GI) टैग भारत की GI रजिस्ट्री, GI अधिनियम 1999 के तहत देती है — FAO नहीं।
कक्षा 7 'समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे' (भाग 2), अध्याय 1: FAO ने भारत की तीन पारंपरिक कृषि-प्रणालियों को मान्यता दी है। ये हैं कश्मीर का केसर, ओडिशा की वन से जुड़ी खेती और केरल की समुद्र-तल से नीचे की खेती। इन्हें बचाने योग्य धरोहर माना गया है (2), आधुनिक बनाने के लिए नहीं (1)। इस तथ्य से कथन 3 भी ग़लत है। उत्तर (b)।
यह प्रश्न हिंदी में: UPSC का आधिकारिक प्रश्न पत्र (2016), प्रश्न 27 ↗